: गायत्री परिवार ने लगाया निःशुल्क फुल बाॅडी चैकअप कैम्प
Sun, Apr 28, 2024
आगरा। अखिल विश्व गायत्री परिवार आगरा द्वारा 21 राम मोहन विहार, 100 फुटा रोड, केनरा बैंक के पास, दयालबाग, आगरा पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें अर्क आयुर्वेदा के आचार्य डॉ मनीष और उनकी टीम ने नैनो टेक्नोलॉजी के द्वारा कंप्यूटर से शरीर की 600 पैरामीटर पर जांच की गई। जांच के बाद डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को परामर्श दिया गया।
दवाई के रूप में एडवांस एरोमेटिक मेडिसिन ऑयल जिसे प्रभावित शरीर के हिस्सों पर लगाने और सूंघने को दी गई। डॉक्टरों ने दावा किया कि उनकी दवाइयों से सिर दर्द से लेकर कैंसर तक का इलाज संभव है। शिविर में 80 लोगों ने जांच कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, उपजोन समन्वयक विजयपाल सिंह बघेल और डॉक्टर मनीष द्वारा किया गया।चंद्र दत्त शर्मा, गौरव सिकरवार, गिरधर गोपाल जिला युवा संयोजक ने सभी का स्वागत किया। इस मौके पर विशेष रूप से विजयवीर सिंह, सर्वेश, सविता शर्मा, सरोज शर्मा, उमेश गुप्ता, त्रिलोकी चैरसिया, शांति देवी, संजय यादव, पूजा सुदान, एस पी गुप्ता, महेश चंद्र गुप्ता आदि ने स्वास्थ्य लाभ लिया।
: श्रीमहालक्ष्मी भक्त मंडल के नेत्र चिकित्सा शिविर का हुआ समापन, वितरित हुए दवा एवं चश्में
Fri, Apr 26, 2024
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल एवं स्व. कालीचरण सर्राफ की स्मृति में संयुक्त तत्वावधान में लगा था शिविर
पूरे वर्ष में 24 निःशुल्क मोतियाबिंद के आपरेशन करवाने का रखा गया है लक्ष्य
पांच जून को पुनः लगाया जाएगा नेत्र चिकित्सा शिविर, रजिस्ट्रेशन हुए आरंभ
आगरा। भक्तिपथ तभी सार्थक है जब उसमें जनसेवा को भी समाहित कर लिया जाए। मां लक्ष्मी की कृपा और प्रेरणा से जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाने का प्रयास भक्ति के इसी लक्ष्य को पूर्ण कर रहा है। अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने इन पंक्तियों के साथ आरंभ किया निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का।
विगत सप्ताह श्रीमहालक्ष्मी भक्त मंडल द्वारा स्व. कालीचरण सर्राफ की स्मृति में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर मोतीलाल नेहरू रोड स्थित श्रीक्षेत्र बजाजा नेत्र अस्पताल में लगाया गया था। शिविर में छह लोगों के मोतियाबिंद के आपरेशन डॉ प्रतिभा बंसल के नेतृत्व में संपन्न हुए। शुक्रवार को सभी लाभार्थियों को चश्में एवं दवा वितरित कर शिविर का समापन किया गया। नेत्र चिकित्सा शिविर में सदस्य कौशल बंसल का विशेष सहयोग रहा।
अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि श्रीमहालक्ष्मी भक्त मंडल द्वारा वर्ष 2024 में 24 मोतियाबिंद के निःशुल्क आपरेशन करवाने का लक्ष्य रखा गया है। आपरेशन श्रंखला का पहला चरण समाप्त होने के बाद द्वितीय चरण के रजिस्ट्रेशन आरंभ हो चुके हैं। जिसमें छह मरीजों के आपरेशन होंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए विशाल बिंदल 9359058175, अनिल अग्रवाल 7500367252 और राकेश अग्रवाल 9358613753 से संपर्क किया जा सकता है। समापन पर प्रसादी वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर मंदिर ट्रस्टी राम मोहन कपूर और सतीश गोपाल कपूर, अध्यक्ष संजय अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, पार्षद हरिओम गोयल, विकास मित्तल, अनिल अग्रवाल, विशाल बिंदल, राकेश अग्रवाल, मनोज जैन, नीरज बांदिल, दिलीप बंसल, अमित गुप्ता, रीतेश गुप्ता, अमित अग्रवाल, हेमंत मोहता आदि उपस्थित रहे।
: एसएन में टीबी उन्मूलन को लेकर हुई कार्यशाला
Fri, Apr 26, 2024
विशेषज्ञों ने उपचार की जानकारी को किया साझा
देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने का लिया संकल्प
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग द्वारा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गुरुवार को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम मेडिसिन विभाग के एलटी 4 में आयोजित किया गया।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि टीबी का इलाज करते वक्त डॉक्टर द्वारा मरीज को नियमित दवा लेने के महत्व के बारे में बताना अत्यधिक आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 2025 तक टीबी मुक्त भारत करने की बात कही। प्रधानाचार्य ने डॉक्टर को अपनी सुरक्षा जैसे मास्क ग्लव्स इत्यादि पहन कर इलाज करने पर ध्यान देने की भी बात कही।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के आचार्य एवं विभाग अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि टीबी में बार-बार मरीजों द्वारा टीबी की बीच में दवाइयां छोड़ने से बहुत नुकसान होता है तथा ड्रग रेजिस्टेंट टीबी बन जाती है। ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के मरीजों की वजह से आम जनमानस में टीबी ज्यादा फैलने की संभावना रहती है। डॉ. जीवी सिंह आचार्य एवं विभाग अध्यक्ष रेस्पिरेटरी मेडिसिन एवं अध्यक्ष, स्टेट टास्क फोर्स फॉर टीबी एलिमिनेशन ने एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी के निदान में माइक्रोबायोलॉजिकल पुष्टी पर जोर देते हुए ऐसी टीबी में मॉलिक्यूलर जाँचो जैसे सीबीनाट की उपयोगिता बताई।
टीबी एवं चेस्ट विभाग के आचार्य डॉ. संतोष आचार्य ने टीबी की डायग्नोसिस एवं इलाज के बारे में बताया। डॉ. मानस शर्मा, डबल्यूएचओ कंसलटेंट, प्रभारी आगरा मथुरा निक्षय पोर्टल के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार टीबी के मरीजों को इनरोल किया जाता है।
डॉ अनुराग मेडिकल ऑफिसर, कंसल्टेंट स्टेट टीबी ट्रेनिंग सेंटर ने एंड टीबी 2025, यस वी कैन का स्लोगन दोहराया। उन्होंने बताया कि टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) भारत सरकार की योजना के तहत टीबी के मरीजों के परिवार के सदस्यों को डॉक्टर के सलाह के उपरांत एक गोली रोज 6 महीने तक दी जाती है। टीपीटी पर डा. गीतू ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की योजना के तहत घोषित टीबी के मरीजों को पोषण के लिए 500 रुपये हर महीना 6 महीने के इलाज तक दिया जाता है।
डॉ. सचिन गुप्ता, सहायक आचार्य टीबी एवं चेस्ट विभाग द्वारा के टीबी की दवाइयां से होने वाले दुष्परिणाम एवं उसके रोकथाम के बारे में पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को विस्तार से बताया। डॉ. मधु नायक सह आचार्य द्वारा टीबी की गांठ के उपचार के बारे में विस्तार से बताया। इस ट्रेनिंग में लगभग 90 रेसिडेंट डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य डॉक्टर टीपी सिंह, मेडिसिन विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. मृदुल चतुर्वेदी, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मोना वर्मा, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर योगेश कौशल, मीडिया प्रभारी डॉक्टर प्रीति भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।
टीबी के लक्षण
15 दिन से ज्यादा खांसी (होने पर चिकित्सा की सलाह पर छाती का एक्सरे व बलगम की जांच करवाएं।
शाम को बुखार आना
अचानक वजन कम हो जाना
भूख का काम होना
इन लक्षणों के होने पर चिकित्सक से संपर्क कर टीबी की जांच करवाएं।
बचाव
खांसी होने पर, मुंह पर रुमाल रुमाल अथवा गमछे का इस्तेमाल करें स
जंक फूड एवं कोल्ड ड्रिंक व पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करेंस इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती हो जाती हैस
संतुलित आहार का सेवन करें व अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर टीबी की बीमारी से बचा जा सकता हैस
यदि किसी परिवार के सदस्य को टीबी है तो अन्य सदस्य भी चिकित्सक के परामर्श के बाद छाती के एक्स-रे एवं बलगम की जांच (मोंटेक टेस्ट) करवाने की सलाह दी जाती है।