: नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को अवश्य पिलाएं विटामिन ए की खुराक
Wed, Jun 26, 2024
आज से शुरू होगा विटामिन ए सम्पूरण अभियान शुरू, सत्र स्थल पर बच्चों को दी जाएगी विटामिन ए की खुराक
एक माह तक चलेगा अभियान
नौ माह से पांच वर्ष की उम्र तक नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना है अनिवार्य
आगरा। विटामिन ए का सेवन बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ- साथ विभिन्न बीमारियों से भी बचाव करता है । इसी उद्देश्य से बच्चों में विटामिन ए की कमी को दूर करने के लिए बुधवार (26 जून) से विटामिन ए सम्पूरण अभियान का शुभारंभ किया जायेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान एक माह तक चलेगा। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण और छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण दिवस के सत्र स्थल पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । प्रत्येक बच्चे को नौ माह से पांच वर्ष की उम्र तक नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना अनिवार्य है ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विटामिन ए की खुराक बच्चों को कुपोषण, मिजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाती है । यह बच्चे के विकास में मददगार है। इसके सेवन से निमोनिया और डायरिया का खतरा कम हो जाता है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। आंख कमजोर होने की आशंका होती है। इससे बच्चे के शरीर बढ़ने में भी कमी आ सकती है। बच्चे को कमजोरी महसूस होती है। इसकी खुराक नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में एमआर टीके के प्रथम और दूसरे डोज के दौरान दी जाती है । इसके बाद तीसरी से नौंवी खुराक अभियान के दौरान प्रत्येक छह माह पर दी जाती है। नौ माह से एक वर्ष तक के बच्चे को आधा चम्मच (1 एमएल) और एक वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चे को पूरा चम्मच (2 एमएल) दवा पिलाना अनिवार्य है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जनपद में लगभग 52 लाख की आबादी है। अभियान के दौरान नौ माह से बारह माह तक के 65531 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य है । एक वर्ष से दो वर्ष तक के 1.25 लाख बच्चों को और दो से पांच वर्ष तक के 3.87 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । अभियान के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के कुल पांच लाख 78 हजार बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी
: दाल में कीड़े निकलने की घटना के बाद गठित कमेटी ने लिए सैंपल, एसआईसी ने लगाए ये आरोप
Thu, May 30, 2024
Agra. आगरा में भी स्वास्थ्य विभाग के हालात अच्छे नहीं हैं। जनपद का जिला अस्पताल और विवाद अब एक दूसरे के पूरक हो चले हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब अस्पताल में कोई न कोई घटना न घटती हो। एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा जिला अस्पताल के कूलर में पानी भरते हुए दिखाई देते हैं तो कभी शौचालय की सफाई की बात करते हैं। इस बार मामला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को मिलने वाला भोजन है। बीते मंगलवार को जिला अस्पताल में वितरण होने वाले भोजन में कीड़े निकलने से आगरा से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
जिला अस्पताल के मरीज को वितरित की गई दाल में कीड़े निकले थे। खबर चलने के बाद आगरा से लेकर लखनऊ तक स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित की है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट एसआई सी को सौंपेगी। वहीं दूसरी तरफ आगरा के जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने भी इस मामले का संज्ञान लेकर जिला अस्पताल में एक कमेटी भेजी, जिसने बुधवार को पहुंचकर अस्पताल की किचन से सैंपल लिए हैं। अब सवाल या उठना है कि मंगलवार की घटना थी, तो बुधवार को सैंपल लेने का क्या औचित्य है। आख़िर मंगलवार को ही दाल के सैंपल क्यों नहीं लिए गए।
वहीं इस पूरे प्रकरण में एसआईसी डॉ. राजेंद्र अरोड़ा का कहना है कि दाल में कीड़े मिलने के मामले में तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित की है। जिसमें डॉक्टर सीपी वर्मा के साथ-साथ डॉक्टर एसके वर्मा और रामनिवास मित्तल शामिल हैं। डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र के तहत साजिश रची जा रही है। मुझे बदनाम करने की नीयत से यह सब किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे अनुसार यह सारा मामला किचन का नहीं है, जिला अस्पताल की किचन में कोई गड़बड़ नहीं है, यह गड़बड़ी सिर्फ NRC में हुई है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य महकमा मामले में क्या रुख अपनाते हैं, यह मामला सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जिला अस्पताल में जो मरीज अपनी मर्ज का उपचार करने की पहुंचते हैं, वही मरीज यहां पर दूषित दाल का सेवन कर बीमार हो सकते हैं, उन्हें फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।
: साफ-सफाई का रखें ध्यान, कई तरह की बीमारियों से होगा बचाव
Tue, May 28, 2024
शहर में विभिन्न स्थानों पर मनाया गया माहवारी स्वच्छता दिवस
आगरा। आगरा जनपद में मंगलवार को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर जागरुकता कार्यक्रम करके समुदाय में माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि माहवारी के समय थोड़ी सावधानी बरतकर महिलाएं संक्रामक बीमारियों में चपेट में आने से बच सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार आधी आबादी को जागरुक करता रहता है। उन्होंने बताया कि हर साल 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी थीम ‘‘टूगेदर रू फॉर अ पीरियड फ्रैंडली वर्ल्ड’’ रखी गई है।
जीवनीमंडी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई। केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि किशोरियों व महिलाओं को माहवारी आने के दौरान कई तरह की दुश्वारियों से जूझना पड़ता है। असहनीय दर्द और बुखार के साथ रीति-रिवाज भी मुसीबत बन जाते हैं। जागरुकता के अभाव में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने पर कई तरह की बीमारियां भी चपेट में ले लेती हैं। इसके लिए सावधानी बरतकर समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि माहवारी के दौरान साफ सूती कपड़ा या पैड का ही उपयोग करें ओर माहवारी को कोई बीमारी न समझें। माहवारी के दौरान साफ सफाई रखें क्योंकि अच्छी सेहत ही अच्छे भविष्य की बुनियाद है। इस दौरान पीएसआई इंडिया सोनल ने किशोरियो को माहवारी स्वच्छता को लेकर डेमो दिया।
सेनेटरी पैड का किया वितरण
जिला महिला चिकित्सालय आगरा में साथिया केंद्र पर भी विश्व माहवारी दिवस मनाया गया। इसमें किशोरियों के साथ क्विज कंपीटीशन व पोस्टर मेकिंग कंपटीशन का आयोजन किया गया। डॉ. प्रीति द्वारा इन्हें सफाई और मासिक चक्र स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी दी गई। किशोरियों को सैनिटरी पैड्स का वितरण किया गया। अर्श काउंसलर रूबी बघेल ने माहवारी दिवस के महत्व को समझाया। अरविंद कुमार परामर्शदाता जिला अस्पताल द्वारा किशोरियों को आहार में पोषण के बारे में बताया गया ताकि वह एनीमिया की शिकार ना हो।
घर-घर जाकर समझाया माहवारी स्वच्छता का महत्व
एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं द्वारा आवास विकास क्षेत्र में घर-घर जाकर महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के बारे में जागरुक किया गया। इसके साथ ही महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित भी किए गए।
इन बातें का रखें माहवारी के समय ध्यान
कपड़ा या सेनेटरी पैड हो, उसे चार से छह घंटे के अंदर अवश्य बदल दें।
इस बीच हाथों का विशेष ध्यान रखें, पैड बदलने से पहले व बाद में हाथ धोएं
माहवारी के दौरान प्रतिदिन नहाएं और अपने आप को साफ-सुथरा रखें।
अंतः वस्त्र साफ व सूखे हुए होने चाहिए।
उपयोग किए हुए सैनिटरी पैड का उचित निस्तारण करें।