: झनझनाहट होने पर न निकलवाएं दांत, रूट कैनाल से दांत की हड्डी की रसौली का इलाज भी संभवः डॉ सनिल नाटेकर
Mon, May 6, 2024
आगरा में संपन्न हुई प्रदेश की पहली रूट कैनाल की जटिलता पर सेमिनार,एंडोडोन्टिक एक्सीलेंस फाउंडेशन ने किया आयोजन
125 से अधिक दंत चिकित्सकों ने लिया भाग, गोवा से आये मुख्य वक्ता डॉ सनिल नाटेकर ने दिया लाइव डेमोस्ट्रेशन
माइक्रोस्कोप और लूप्स द्वारा दिया गया लाइव प्रशिक्षण, दांतों की घुमावदार और पतली जड़ों का इलाज संभव
आगरा। आमतौर पर लोग दांतों में झनझनाहट, ठंडा-गरम लगने, दर्द आदि की समस्या से ग्रस्त होते हैं। अक्सर लोग समस्या से निजात पाने के लिए संबंधित दांत निकलवा देते हैं, जबकि आधुनिक तकनीक के दौर में दांत निकलवाने की अब आवश्यकता नहीं है। रबर डेम और माइक्रोस्कोप विधि से रूट कैनाल करके दांतों की मुश्किल से मुश्किल समस्या से निजात पाई जा सकती है। आगरा सहित आस पास के जिलों से आये 125 दंत रोग विशेषज्ञों को ये सलाह दी डॉ सनिल नाटेकर ने।
रविवार को फतेहाबाद रोड स्थित द ताज कनवेंशन सेंटर पर एंडोडोन्टिक एक्सीलेंस फाउंडेशन(ईईएफ) द्वारा प्रदेश की पहली “टैकिल द कर्व्स” विषय पर सेमिनार एवं वर्कशाप का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ एसके कठारिया (एसएन मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग के विभागाध्यक्ष), मुख्य वक्ता डॉ सनिल नाटेकर(गोवा), डॉ आरके त्रिपाठी (प्रिंसिपल एचओडी अलीगढ़ मुस्लिम विवि), डा एसके मिश्रा (एएमयू), डॉ अजय नागपाल (एचओडी केडी डेंटल कॉलेज, मुथरा), डॉ विवेक शाह (अध्यक्ष आईडीए, आगरा), डॉ अनिल वर्मा, डॉ यूनुस खान, ईईएफ अध्यक्ष डॉ सुषमा प्रतिहार, सचिव डॉ असीम शिरोमणि, कोषाध्यक्ष डॉ अमित नारायण ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सेमिनार के दौरान डॉ सनिल नाटेकर ने बताया कि दांतों की घुमावदार और पतली जड़ों को भी अब रूट कैनाल की नवीनतम तकनीक से बचाया जा सकता है। इतना ही नहीं जिन दांतों में बचपन में चोट लगने के कारण हड्डी में रसौली बन जाती है उसका भी अब बिना चीरे के रूट कैनाल चिकित्सा और बायोसिरेमिक सीलर द्वारा इलाज संभव है।
ईईएफ अध्यक्ष डॉ सुषमा प्रतिहार ने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए बताया कि डॉ सनिल नाटेकर विश्व प्रसिद्ध माइक्रो एन्डोडोन्टिस्ट हैं। वे एंडोडोन्टिस्क रिडिफाइंड और एंडो टूल्स के निदेशक भी हैं। विश्व में वे हजारों दंत चिकित्सकों को रूट कैनाल विधि का प्रशिक्षण दे चुके हैं। मीडिया समन्वयक डॉ चकित माहेश्वरी ने बताया कि सेमिनार में आगरा सहित अलीगढ़, हाथरस, ग्वालियर, मथुरा, दिल्ली आदि से करीब 125 दंत चिकित्सक ने सहभागिता की।
आयोजन के दूसरे सत्र में हुयी कार्यशाला में लाइव डेमोस्ट्रेशन द्वारा रूट कैनाल की हर जटिल तकनीक के बारे में डॉ सनिल नाटेकर ने चिकित्सकों को अवगत कराया।
इस अवसर पर मुख्य संयोजक डॉ आशीष गुप्ता, डॉ दीपक कुरुप, डॉ विपुल अरोड़ा, डॉ पुनीत श्रीवास्तव, डॉ श्रेया मल्होत्रा, डॉ दीप्ति श्रीवास्तव, डा. भारत चैहान, डॉ जया पम्बू, डॉ राहुल तेहरिया, डॉ वैभव कृष्ण सिंह आदि उपस्थित रहे।
: जीवनीमंडी यूपीएचसी ने तीसरी बार हासिल किया कायाकल्प अवॉर्ड
Fri, May 3, 2024
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी में आयोजित हुआ कायाकल्प पुरस्कार वितरण समारोह
कायाकल्प अवार्ड योजना में प्राप्त किए 82 परसेंट अंक
यूपीएचसी जीवनीमंडी पर सीएमओ ने बांटे पुरुस्कार
आगरा, 03 मई 2024। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कायाकल्प अवार्ड योजना में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी को तीसरी बार कायाकल्प अवॉर्ड मिला है । कायाकल्प अवार्ड योजना के तहत यूपीएचसी जीवनीमंडी ने 82 परसेंट अंक प्राप्त कर जनपद में द्वितीय स्थान हासिल किया है। इस अवसर पर शुक्रवार को यूपीएचसी पर कायाकल्प पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सीएमओ ने कहा कि यूपीएचसी जीवनीमंडी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार अच्छा कार्य करता है। स्वास्थ्य केंद्र का रखरखाव, साफ-सफाई, इनफेक्शन कंट्रोल, सहयोगी सेवाएं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस कारण शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी को तीन साल से लगातार कायाकल्प अवॉर्ड मिल रहा है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि वह और उनकी पूरी टीम विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि कायाकल्प पुरस्कार मिलना टीम की मेहनत से हीं संभव हुआ है। डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने वाली चिकित्सा इकाइयों को कायाकल्प से सम्मानित किया जाता है। आंतरिक व बाह्य मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन करने वालों का चयन अवार्ड के लिए किया जाता है। इसमें साफ-सफाई, अभिलेखों का रखरखाव, दवा आदि का प्रबंधन, बायोवेस्ट मैनेजमेंट जैसे बिदु शामिल होते हैं।
कार्यक्रम में डीपीएम कुलदीप भारद्वाज, जिला क्वालिटी कंसल्टेंट सलाहकार डॉ. राम विपुल, स्टाफ नर्स अंजली, नीरज, एलटी राजीव तिवारी, सीफार संस्था से डिविजनल कोऑर्डिनेटर राना बी, पीएसआई इंडिया सोनल सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
इन आधारों पर होता है मूल्यांकन
• अस्पताल का रखरखाव
• स्वच्छता व साफ-सफाई
• बायोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट
• इंफेक्शन कंट्रोल प्रैक्टिसेज
• हाईजीन प्रमोशन
: हीटवेव अलर्ट : आगरा जिला अस्पताल में बनाया गया 'कोल्ड वार्ड'
Thu, May 2, 2024
Agra. भीषण गर्मी अपना कहर बरपा रही है। भीषण गर्मी के चलते उलटी, दस्त, पेट में दर्द के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ गई है तो वहीं हीटवेव को लेकर भी जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। शासन के आदेश का अनुपालन करते हुए आगरा के जिला अस्पताल में हीट वेव को लेकर अलग से वार्ड तैयार किया गया है जिसे कोल्ड वार्ड नाम दिया गया है।
पिछले कुछ दिनों से आगरा का तापमान लागतार 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था और उसके चलते शासन ने स्वास्थ्य विभाग को हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। इस अलर्ट के बाद जिला अस्पताल में हीटवेव को लेकर कोल्ड वार्ड तैयार किया गया है। यह कोल्ड वार्ड 5 वार्ड का है। इस वार्ड में एसी लगाया गया है तो वहीं अन्य चिकित्सीय सुविधाओ से लैस किया गया है जिससे हीट वेव के मरीज आने पर उन्हे तुरंत इलाज मिल सके।
अभी तक नहीं आया हीटवेव का कोई मरीज
सीएमएस राजेंद्र अरोड़ा ने बताया कि शासन के निर्देश पर हीट वेव के मरीजों के लिए कोल्ड वार्ड तैयार कर दिया गया है लेकिन इस वार्ड को अभी भी हीट वेव के मरीजों का इंतजार है। अभी तक कोई भी हीट वेव का मरीज इस वार्ड में नहीं आया है। यह वार्ड सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस है।