आगरा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध एवं परंपरागत श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत इस वर्ष भावना एस्टेट रोड पर सजने जा रही जनकपुरी महोत्सव की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। कावेरी कौस्तुभ के पास तैयार किए जा रहे जनकपुरी परिसर में 140 फीट ऊंचे और लगभग 280 से 300 फीट चौड़े जनक महल का निर्माण प्रस्तावित है। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
सात शिखरों से सुसज्जित जनक महल के प्रत्येक शिखर पर भगवा धर्म ध्वज लहराएगा। भव्य मंच पर श्रीराम-जानकी विवाह की दिव्य झांकी और मिथिला की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। 6, 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाला जनकपुरी महोत्सव आगरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप में प्रस्तुत करेगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि पूजन
भूमि पूजन में राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल एवं रानी सुनैना के स्वरूप लता गोयल ने वैदिक रीति से पूजन संपन्न कराया। मंत्रोच्चार और श्लोकों की गूंज के बीच हवन हुआ। इसके बाद राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल, रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, महापौर हेमलता दिवाकर, डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल एवं श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों ने आरती की।
मिथिला, नेपाल और राजस्थान की स्थापत्य कला का संगम
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) ने बताया कि इस बार जनक महल को ऐतिहासिक भव्यता देने की तैयारी की गई है। इसकी ऊंचाई 140 फीट तथा चौड़ाई लगभग 280 से 300 फीट रखी गई है। सातों शिखरों पर लहराते भगवा ध्वज पूरे क्षेत्र को धार्मिक वातावरण प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि जनक महल के निर्माण की जिम्मेदारी पुरुषोत्तम टेंट हाउस से जुड़ी फर्म को दी गई है, जबकि निर्माण के लिए कोलकाता से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं। जनक महल की प्रारंभिक वास्तु परिकल्पना नेपाल स्थित प्रसिद्ध जानकी महल की तर्ज पर तैयार की गई थी। अंतिम स्वरूप में उदयपुर और जयपुर के राजमहलों की राजस्थानी स्थापत्य कला एवं शाही वैभव को भी शामिल किया गया है।
इस तरह जनक महल में मिथिला की धार्मिक परंपरा, नेपाल की वास्तुकला और राजस्थान की राजसी छटा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आकर्षक फव्वारों और रंग-बिरंगी प्रकाश व्यवस्था से इसकी भव्यता को और निखारा जाएगा। रात में रोशनी एवं फव्वारों की सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगी। भगवान श्रीराम, माता सीता एवं अन्य स्वरूपों के विराजमान होने वाले स्थान को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया जाएगा।
भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य ने पकड़ी गति
राजू यादव ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही जनक महल के आधार निर्माण के लिए बल्लियां लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। समिति का प्रयास है कि 6 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बरात से पहले जनकपुरी को पूर्ण रूप से तैयार कर लिया जाए। निर्माण एवं सजावट के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि सीता जी के डोले में शामिल होने जनकपुरी पहुंचने वाले श्रद्धालु मंच की भव्यता देखकर भावविभोर हो सकें।
भूमि पूजन के लिए तैयार पंडाल को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया गया था। बारिश के कारण कीचड़ की समस्या न हो, इसके लिए पंडाल में फ्लोर तैयार किया गया। वास्तु के अनुसार हवन एवं धार्मिक कार्यों के लिए ईशान कोण का चयन किया गया, वहीं अतिथियों की प्रसादी के लिए तैयार रसोई को भी शुभ दिशा में बनाया गया।
जनकपुरी से मिलेगी आगरा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि श्रीरामलीला और जनकपुरी महोत्सव आगरा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। जनक महल का भव्य स्वरूप आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा। भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्श परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए मर्यादा, त्याग एवं कर्तव्य का संदेश देते हैं।
श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आगरा की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं का जीवंत स्वरूप है।
महापौर हेमलता दिवाकर ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव आगरा की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। जनक महल की भव्यता और पूरे क्षेत्र की आकर्षक सजावट देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगी।
जनक महल के प्रारूप का हुआ विमोचन
भूमि पूजन के बाद अजय गर्ग अवागढ़ ने जनक महल के प्रस्तावित भव्य प्रारूप के पोस्टर का सभी अतिथियों के कर कमलों से विमोचन कराया। उपस्थित लोगों ने प्रारूप देखकर इसकी भव्यता एवं स्थापत्य कला की सराहना की। अजय गर्ग अवागढ़ ने कहा कि धार्मिक स्वरूपों की प्रतिष्ठा, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, फव्वारे और भव्य सजावट मिलकर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करेंगे।
भूमि पूजन के बाद हुआ भव्य प्रसादी वितरण
भूमि पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए भव्य प्रसादी का आयोजन किया गया। वैदिक पूजन संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर राजा जनक के परिवार से शोभित गोयल, स्मृति गोयल, मोहित गोयल, रिनी गोयल, अनुप्रिया, कमल नयन एवं सुनीता मित्तल तथा राजा दशरथ के स्वरूप के परिवार से कृष्ण बिहारी गर्ग, आयुषी गर्ग, रजत सिंघल एवं निमिषा सिंघल उपस्थित रहे।
श्रीरामलीला कमेटी की ओर से महामंत्री राजीव अग्रवाल, भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, नरेंद्र बंसल, ताराचंद्र, शांति स्वरूप गोयल, मनोज अग्रवाल पोली भाई एवं संजय तिवारी मौजूद रहे।
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से मार्गदर्शक अशोक कुमार गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल, मुख्य संयोजक मनोज बंसल, मुख्य संरक्षक संतोष कटारा, मुख्य समन्वयक धर्मेश जैन, महामंत्री रितेश लवानिया, मनोज जादौन, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, कोषाध्यक्ष आकाश गोयल, क्षेत्रीय पार्षद एवं जनकपुरी क्षेत्र में होने वाले निर्माण समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश गोस्वामी, जनकपुरी महोत्सव महिला समिति अध्यक्ष अमृता पोरवाल, शीतल अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।