: जिला अस्पताल में MRI मशीन की बात पर गरमाया स्वास्थ्य मंत्री का मिजाज, फिर जताई सहमति
Mon, Oct 16, 2023
Agra. आगरा के जिला अस्पताल का दायरा बढ़ता चला जा रहा है। आगरा के अलावा आसपास के जिलों से भी मरीज उपचार कराने के लिए आगरा के जिला अस्पताल आते हैं। जिला अस्पताल जरूरत की अधिकतर सुविधाओं से लैस है सिर्फ एमआरआई को छोड़कर। जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल में एमआरआई मशीन को लेकर गंभीर है और शासन से लेकर सरकार को पत्र लिख रहे हैं लेकिन सरकार के नुमाइंदे गंभीर नहीं है।
सूत्रों की माने तो हाल ही में सूबे के उपमुख्यमंत्री जो स्वास्थ्य मंत्री भी है, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकारी अस्पतालों की स्थिति और जरूरतों को जाना था, साथ ही समस्याएं भी पूछी थी। इस पर जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी ने जिला अस्पताल के लिए एमआरआई मशीन की मांग कर दी जिस पर स्वास्थ्य मंत्री नाराज हो गए। कहने क्या किसी सरकारी अस्पताल में एमआरआई मशीन है। इस पर अधिकारी शांत हो गए।
लेकिन जब उन्हें बताया गया कि जिला अस्पताल अब एक तरह से मंडलीय अस्पताल बन गया है। जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए भवन बना हुआ है जबकि मशीन नहीं है। इसके लिए कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मंडल भर से मरीज इलाज के लिए आते हैं तब स्वास्थ्य मंत्री का मिजाज हल्का हुआ और उन्होंने सहमति जताई।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारी से यह भी कहा कि मरीजों की लंबी लाइन व अव्यवस्थाओं की खबरे लगातार सुर्खियों में है, ऐसा क्यों है। इस पर अधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाओं पर मरीजों का भरोसा बढ़ा है। इसलिए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन उस हिसाब से जिला अस्पताल की ओपीडी की जगह कम पड़ रही है। फिर भी मैनेज किया जा रहा है।
तीन वर्ष पहले बनी थी बिल्डिंग
जिला अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाओं में इजाफा किया गया है। इसी उम्मीद के साथ जिला अस्पताल प्रशासन ने एमआरआई मशीन के लिए लिखा पढ़ी शुरू कर दी थी। लगभग 3 वर्ष पहले इसी आशय से लगभग 96.87 लाख की लागत से एमआरआई भवन का निर्माण किया गया था।
आगरा जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री से मिले आश्वासन से उम्मीद जगी है कि जिला अस्पताल में जल्द ही एमआरआई मशीन लगा दी जाएगी। इसके बाद मरीज को मिलने वाली सुविधाओं में एक और सुविधा बढ़ जाएगी।
: विश्व दृष्टि दिवस : स्क्रीन टाइम आंखें खराब करने के साथ बना रहा बीमार
Fri, Oct 13, 2023
Agra. आगरा के जिला अस्पताल में विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day 2023) मनाया गया। इस अवसर पर विचार गोष्ठी व एक विशेष कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने आंखों की समस्यों को लेकर लोगों को जागरूक किया और आंखों को सुरक्षित रखने की सलाह भी दी। इस अवसर पर यह दिवस को क्यों मनाया जाता है, इसकी भी जानकारी दी गयी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएमएस आगरा मौजूद रही।
जानकारी के लिए बता दें सन 1970 के दशक के मध्य में सर जॉन विल्सन जो कि एक ब्लाइंड एक्टिविस्ट थे।उन्होंने और कई डॉक्टरों ने मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान वैश्विक अंधेपन की समस्या की ओर आकर्षित किया। इन लोगों की वजह से 1 जनवरी 1975 को इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) का गठन किया गया। इसके पहले संस्थापक अध्यक्ष सर जॉन विल्सन को बनाया गया।
2023 की थीम 'लव योर आइज़'
विश्व दृष्टि दिवस 2023 की थीम ”लव योर आइज़” है। पिछले साल भी इसी को थीम रखा गया था। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) ने ये घोषणा की थी, कि इस साल की भी थीम पिछले साल की थीम की तरह “लव योर आइज़” होगी।
स्क्रीन टाइम लोगों को बना रहा बीमार
विचार गोष्ठी के दौरान चिकित्सकों ने लोगों द्वारा अधिक समय स्मार्टफोन या लैपटॉप पर बिताने पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि अधिकतर काम ऑनलाइन होने लगे हैं और इसकी वजह से लोगों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। बड़ी तादाद में लोग दिनभर स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, जिसका बुरा असर उनकी आंखों पर पड़ता है। डॉक्टर मानते हैं कि स्क्रीन आई हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती है। लोगों को स्मार्टफोन और लैपटॉप का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आंखों को हेल्दी रखा जा सके। हालांकि आजकल की जिंदगी में इन चीजों का इस्तेमाल अत्यधिक होने लगा है। इसकी वजह से लोगों को आंखों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों की आंखों का किया परीक्षण
इस दौरन नेत्र चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों का परीक्षण किया साथ ही उन्हें आंखों को हेल्दी रखने के लिए परामर्श भी दिया। चिकित्सकों ने बताया कि इस समय आंखों के दर्द और मोतियाबिंद के मरीज अधिक आ रहे है।
: मिड डे मील में बच्चों को खिलाया जा रहा है कीड़े वाला खाना
Wed, Oct 11, 2023
Agra: सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। खाने की गुणवत्ता को बिना चेक किये ही खाना बनाया जा रहा है। कीड़े वाला खाना विद्यालयों के छात्रों को परोसा जा रहा है। ताजा मामला मलपुरा के एक प्राथमिक विद्यालय का है।
बच्चों को कीड़े वाला खाना परोसा जाने पर बच्चों के खाने में बड़ी मात्रा में कीड़े पड़े थे। अभिभावकों ने हंगामा कर स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
मामला थाना मलपुरा के गांव नगला ढाका के प्राथमिक विद्यालय का है। मिड डे मील के नाम पर छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया। छात्रों को कीड़े वाला खाना खाने को दिया जा रहा है। छात्रों को जो भोजन दिया गया उसमें बड़ी मात्रा में बड़े-बड़े कीड़े पड़े हुए थे। बच्चों ने जब इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो बच्चों के अभिभावक मौके पर पहुँच गए। उन्होंने जमकर हंगामा काटा। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने भोजन को देखकर जांच की और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
अभिभावकों का आरोप लगाया कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता खराब है। बच्चों को कीड़े वाला खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।