आगरा। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, आगरा कैंट में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने नृत्य, अभिनय एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ‘विविधता में एकता’ की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. लव कुश मिश्रा, सीनियर प्रोफेसर, पर्यटन विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम), खंदारी कैंपस, आगरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यटन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृतियां, लोककलाएं और परंपराएं देश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाती हैं।
विद्यालय के प्राचार्य रमेश चंद्र ने पर्यटन और भारतीय संस्कृति के परस्पर संबंध पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है। विद्यार्थियों को अपनी कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन आकृति सक्सेना, पीजीटी (पर्यटन) ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा में पर्यटन विषय के महत्व की जानकारी दी। सृष्टि ने शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। वहीं प्रद्युम्न, हर्ष, रोहित, युवराज, मनीष, अभिषेक, रौनक, रिदिमा, श्रेया और इशित ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सहभागिता की।
प्रस्तुतियों में देश के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं की आकर्षक झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी महत्वपूर्ण पहचान है और यही विविधता पर्यटन को समृद्ध बनाती है।
अंत में प्राचार्य रमेश चंद्र ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर माया प्रमोद, भाव्या शर्मा और एसएस अरोरा सहित विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।