आगरा। शिल्पग्राम रोड स्थित होटल ताज कन्वेंशन में स्पाइसी शुगर संस्था की ओर से “नारी सशक्तिकरण—कल, आज और कल” विषय पर विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम को साकार करते हुए संस्था की सदस्यों ने वर्ष 1960 से 2030 तक की नारी शक्ति की यात्रा को गीत, संगीत, अभिनय, फैशन और संदेशपरक प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया।
कार्यक्रम का मूल संदेश रहा कि दशक बदलते हैं, फैशन और पहनावे बदलते हैं, समाज एवं तकनीक बदलती है, लेकिन नारी की गरिमा कभी आउटडेटेड नहीं होती। विभिन्न दशकों की पहचान बनी महिलाओं के व्यक्तित्व और उपलब्धियों को सदस्यों ने अपने-अपने किरदारों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इंदिरा गांधी से मैरी कॉम तक दिखी नारी शक्ति
1960 के दशक को समर्पित प्रस्तुति में महिलाओं की बदलती सामाजिक भूमिका और बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाया गया। इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, आशा भोसले और मैडोना जैसी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाली महिलाओं के व्यक्तित्वों को मंच पर प्रस्तुत करते हुए संदेश दिया गया कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा तय करने की क्षमता भी रखती है।
इसके बाद विभिन्न दशकों में राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, कला, सिनेमा, संगीत, उद्योग, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों को प्रस्तुतियों में शामिल किया गया। इंदिरा गांधी, सुषमा स्वराज, किरण बेदी, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, मैरी कॉम, पी.टी. ऊषा, साइना नेहवाल, पीवी सिंधु, मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना सहित अनेक महिला शक्ति के प्रतीक किरदारों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
महिला क्रिकेट की उपलब्धियों को किया सलाम
कार्यक्रम में भारतीय महिला क्रिकेट को विशेष स्थान दिया गया। मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के किरदारों के माध्यम से भारतीय महिला क्रिकेट की उपलब्धियों और संघर्ष की कहानी को मंच पर उतारा गया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों के माध्यम से संदेश दिया गया कि बेटियां आज खेल के मैदान में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
अंतरिक्ष से सिनेमा तक बेटियों की उड़ान
विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के योगदान को याद करते हुए प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नारी के सपनों की कोई सीमा नहीं होती। वहीं भारतीय सिनेमा और संगीत जगत की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी मंच पर सम्मान दिया गया। माधुरी दीक्षित, आशा भोसले और श्रेया घोषाल सहित कई कलाकारों के किरदार गीत-संगीत और संवादों के साथ प्रस्तुत किए गए। हॉलीवुड की मैडोना के व्यक्तित्व को भी कार्यक्रम की प्रस्तुति में शामिल किया गया।
श्वेत क्रांति में महिलाओं के योगदान को भी विशेष रूप से नमन किया गया और ग्रामीण एवं घरेलू परिवेश से निकलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।
सशक्तिकरण के साथ महिला सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर संस्था की संस्थापक पूनम सचदेवा, चांदनी ग्रोवर, पावनी सचदेवा, सिमरन और शिखा जैन ने विशेष प्रस्तुति के माध्यम से नारी सशक्तिकरण के साथ महिला सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
संस्थापक पूनम सचदेवा ने कहा, “उसे जीने दो, उसे आगे बढ़ने दो, क्योंकि जब एक महिला आगे बढ़ती है तो केवल एक परिवार नहीं, पूरा समाज आगे बढ़ता है।” उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण की सोच तभी पूरी तरह सफल हो सकती है, जब महिला सुरक्षित भी रहे। उन्होंने कहा कि फैशन के दशक बदलते हैं, पहनावे बदलते हैं और तकनीक बदलती है, लेकिन नारी की गरिमा कभी आउटडेटेड नहीं होती। आज की महिला सपने देखती है, उड़ना चाहती है और अपनी पहचान बनाना चाहती है। उन्होंने महिला सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के अंधेरे में आज भी महिलाएं स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। उनके कपड़ों, समय और बाहर निकलने तक पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि उनकी सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी पर समाज को अधिक गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथियों ने किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रंजना बंसल और डॉ. ब्लॉसम ने सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली सभी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए प्रस्तुतियों की सराहना की। मुख्य अतिथियों ने संस्था की सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ. रंजना बंसल ने कहा कि आज की महिला प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है। नारी को अवसर दिया जाए तो वह परिवार, समाज और देश—तीनों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
इस अवसर पर रिंपी जैन, पूजा ओबेरॉय, स्नेहा जैन, रानी रलहन, माला खेरा, रेनू लांबा, रेशमा मगन, प्रीति कोहली सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।