: आगरा के चार डाॅक्टरों को दिल्ली में मिला आईएमए पुरस्कार
Tue, Nov 21, 2023
आगरा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के डाॅक्टर पिता-पुत्री डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा और डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा को चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आगरा के ही एसएन मेडिकल काॅलेज के डाॅ. प्रभात अग्रवाल और डाॅ. रूचिका गर्ग को भी यह सम्मान प्रदान किया गया है।
18 नवंबर 2023 को शाम 5 बजे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, आईएमए हाउस, इंद्रप्रस्थ मार्ग, नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में आगरा के ख्याति प्राप्त स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा और डाॅक्टर दीदी के नाम से लोकप्रिय डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा, एसएन मेडिकल काॅलेज के डाॅ. प्रभात अग्रवाल और डाॅ. रूचिका गर्ग को चिकित्सा शिक्षा में दीर्घकालिक सेवाओं के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार जे नायक की उपस्थिति में आईएमए सीजीपी की मानद उपाधि प्रोफेसरशिप प्रदान की गई।
गौरतलब है कि आईएमए की ओर से आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान समारोह है। यह उपाधि अनुसंधान, नवाचार, शिक्षण में उत्कृष्ट उपलब्धियों और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा के आधार पर दी जाती है। दिल्ली में जब चारों ही चिकित्सकों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया तब देश के कई हिस्सों से आए आईएमए के सदस्य चिकित्सक एवं अतिथिगण उपस्थित थे। देश भर से कुल 40 लोगों को सम्मानित किया गया था, जिसमें से चार चिकित्सक आगरा के रहे।
: डायबिटीज को हराने वॉकॉथन में दौड़े सैकड़ों शहरवासी
Sun, Nov 19, 2023
आईएमए आगरा द्वारा संजय प्लेस से एसएन इमरजेंसी तक किया वॉकॉथन का आयोजन
आमजन को समझाए डायबिटीज के दुष्प्रभाव, व्यायाम करने, फास्ट फूड से दूर रहने की दी सलाह
आगरा। डायबिटीज को हराने के लिए आज डॉक्टरों संग सैकड़ों शहरवासी हाथों में जागरूकता स्लोगन की तख्तियां लेकर दौड़े। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) द्वारा डायबिटीज जागरूकता सप्ताह के तहत आज शहीद स्मारक से वॉकॉथन का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली बच्चों विभिन्न अस्पतालों के स्टॉफ व डॉक्टरों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। वॉकॉथन का समापन एसएन अस्पताल की इमरजेंसी पर हुआ। जहां अंत में सभा आयोजित कर आमजन को डायबिटीज के लक्षण, कारण और बचाब के बारे में जानकारी दी।
वॉकॉथन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, उप्र महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित व आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल एवं सचिव डॉ पंकज नगायच ने झंडी दिखाकर किया। डॉ. मुकेश गोयल ने कहा कि डायबिटीज को हराने के लिए नियमित व्यायाम और फास्ट व पैक्ड फूड से दूर रहना बेहद जरूरी है। आईएमए सचिव डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि आंखों में मोतियाबिन्द के बाद अंधेपन का कारण डायबिटीज है, किडनी का प्रत्यारोपण का सबसे बड़ा कारण डायबिटीज है। पैरों का कटने में एक्सीडेंट के बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण डायबिटीज है। चिन्ता की बात यह है कि भारत में कम उम्र में ही डायबिटीज युवाओं को अपने शिकंजे में ले रही है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओ पी यादव ने शरीर का वजन समान्य रखने व नियमति व्यायाम, पैदल चलना, हरी सब्जियां खाना, मोटा अनाज को प्राथमिकता देना, नमक चीनी व मेदा से बने खाद्य पदार्थ का कम प्रयोग की सलाह दी।
वॉकॉथन में मुख्य रूप से आईएमए के सदस्यों, प्रताप पब्लिक स्कूल केके नगर , रवि स्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, पुष्पांजली व विम्स अस्पताल के नर्सिंग स्टॉफ सहित सैकड़ों शहरवासियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. योगेश सिंघल, डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. डीबी शर्मा, डॉ. अरुण शिरोमणी, डॉ. ओपी यादव, डॉ. अनुपम गुप्ता (गायनी), डॉ. अनुपम गुप्ता (आर्थों), डॉ. रणवीर त्यागी, डॉ. अशोक गुप्ता, डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. पूजा नगायच, डॉ. अनुराग यादव, डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. एसके कालरा, भरत शर्मा, अनिल गोयल, डॉ. कुशल सिंह एवं अन्य कई चिकित्सक मौजूद रहे
सभी पीएचसी, जिला अस्पताल पर फ्री है डायबिटीज की जांच
सीएमओ अरुण श्रीवास्तव ने आमजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि सभी पीएससी (प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र) पर डायबिटीज की जांच पूर्णतः निशुल्क है। जिन लोगों को डायबिटीज है या डायबिटीज के लक्षण होने पर संदेह है तो वह इसका लाभ उठा सकते हैं। कई रोगों को साथ लेकर आने वाली डायबिटीज के प्रति लापरवाही न बरते। लक्षण होने पर तुरन्त जांच कराएं। ऐसा जन जागरूकता कार्यक्रम के लिए आइएमए की सीएमओ आगरा ने प्रशंसा की।
ये हैं डायबिटीज के लक्षण
1-ज्यादा प्यास लगना।
2-बार-बार पेशाब जाना।
3-शरीर के घाव का जल्दी ठीक न होना।
4-आंखों के नम्बर का जल्दी-जल्दी बदलना।
5-वजन घटना, थकान रहना।
https://youtu.be/TQ5d2h-Osmk
: आगरा जिले की 20 प्रतिशत आबादी में तलाशे जाएंगे टीबी के रोगी
Thu, Nov 16, 2023
घनी आबादी में टीबी के रोगियों की तलाश करेंगे स्वास्थ्य कर्मी
23 नवंबर से पांच दिसंबर तक चलाया जाएगा अभियान
आगरा,16 नवम्बर 2023। वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक बार फिर “एक्टिव केस फाइंडिंग” अभियान (सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान) चलाया जाएगा, जिसमें टीबी के रोगियों की तलाश की जाएगी। जिले की 20 प्रतिशत आबादी में टीबी के मरीज तलाश करने के लिए 23 नवंबर से पांच दिसंबर के बीच अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने उसके लिए टीम गठित कर दीं हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में टीबी के करीब दस हजार रोगी निक्षय पोर्टल पर दर्ज हैं, जो उपचाराधीन हैं। फिर भी काफी मरीज अब भी जागरूकता के अभाव में स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं करते हैं और अपनी बीमारी को छिपाने का प्रयास करते हैं। ऐसे रोगियों को तलाश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाने का खाका तैयार किया। अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, चिन्हित समूहों, ईंट भट्ठे, साप्ताहिक बाजारों आदि में संभावित क्षय रोगियों की तलाश स्वास्थ्य कर्मी करेंगे। अभियान में जिले की जनसंख्या की 20 प्रतिशत हाई रिस्क वाली आबादी में मरीजों को तलाश कर उनका उपचार किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि क्षय उन्मूलन के लिए काफी लंबे समय से काम किया जा रहा। शिक्षण संस्थाओं, सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जाता है। धर्म गुरुओं से लोगों को टीबी होने पर दवा खाने के लिए अपील कराई जाती है। सबसे बड़ी समस्या भ्रांतियां के चलते जागरूकता का अभाव है। अब भी बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो टीबी के बारे में खुलकर बात नहीं करते हैं और दूसरों को भी संक्रमित कर देते हैं। हालांकि धीरे-धीरे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है, अब वह जांच और उपचार के लिए आगे आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एसीएफ अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 372 टीम गठित की गईं हैं। इनका सहयोगात्मक पर्यवेक्षण 73 सुपरवाइजर करेंगे। टीम घर-घर जाकर लक्षणों के आधार पर टीबी मरीजों की पहचान करेंगी। इसके बाद मरीजों की जांच की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीज का उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि लगातार दो हफ्तों से ज्यादा खांसी, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस करना, शाम को बुखार आना और ठंड लगना जैसे लक्षण हैं तो टीम को जानकारी दें और अपनी जांच अवश्य करवाएं।
ब्लाक जैतपुर कला के पूराचतुर्भुज गांव के निवासी 15 वर्षीय अशोक (बदला हुआ नाम) बताते हैं “जब मैं दिल्ली में रहता था उस समय मुझे रोज रात को बुखार आता था। धीरे-धीरे बुखार तेज होने लगा और मुझे कमजोरी महसूस होने लगी, वजन भी काम हुआ, लगभग 20 दिन तक यह स्थिति रहने के बाद मैंने अपने माता-पिता को यह बात बताई तो उन्होंने मुझे तुरंत घर वापस आने के लिए कहा क्योंकि पहले मेरी मां को टीबी हुई थी और इसी तरह के लक्षण नजर आए थे।
अशोक बताते हैं कि यह बात मार्च 2022 की है। जब मैं अपने घर वापस आया उस दौरान टीबी की टीम लक्षणों के आधार पर मरीजों की खोज कर रही थी। टीम के सदस्य मेरे घर आए और मेरी जांच करने के लिए बलगम का सैंपल लिया, उसके बाद सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सौरभ भदौरिया मेरे घर आए और उन्होंने मेरे परिवार को यह जानकारी दी कि मुझे फेफड़ों से संबंधित टीबी हो गई है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। छह महीने के उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन दवा का सेवन नियमित करना होगा, एक भी दिन दवा नहीं छोड़नी है, साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन करना है। अशोक बताते हैं “मैंने उपचार के दौरान नियमित रूप से दवा का सेवन किया और डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। मुंह पर मास्क लगा लगा कर रहा, जिससे किसी अन्य को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। छह महीने के उपरांत सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर द्वारा मेरी दोबारा जांच कराएगी, जांच के बाद पता चला मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं और उपचार के दौरान पौष्टिक आहार के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत मेरे खाते में हर महीने 500 रुपए की धनराशि भी प्रदान की गई l अब मैं नियमित अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी के काम में सहयोग करता हूं मुझे किसी भी प्रकार की कोई भी दिक्कत नहीं है l”
एक नजर पिछले एक्टिव केस
फाइंडिंग अभियानों के आंकड़ों पर
वर्ष 2021 में 3246 संभावित क्षय रोगियों की जांच की गई, जिसमें 222 नए टीबी मरीज मिले ।
वर्ष 2022 में 2946 संभावित क्षय रोगियों की जांच की गई, जिसमें 238 नए टीबी मरीज मिले ।
वर्ष 2023 में 3598 संभावित क्षय रोगियों की जांच की गई, जिसमें 325 नए टीबी मरीज मिले ।
अभियान के दौरान मिले सभी टीबी मरीजों का उपचार पूर्ण हो गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।