: अन्तर्विभागीय रैली निकालकर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हुआ शुभारंभ
Tue, Jul 2, 2024
विधायक पुरूषोत्तम खण्डेलवाल ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
एक से 31 जुलाई तक चलेगा अभियान
आगरा। जनपद में सोमवार से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान का शुभारंभ अन्तर्विभागीय विशाल रैली आयोजित कर हुआ। जागरूकता रैली को विधायक पुरूषोत्तम खण्डेलवाल द्वारा हरी झंडी दिखाई गई। रैली का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा आधिकारी डॉ. अरूण कुमार श्रीवास्तव और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन के द्वारा किया गया।
सीएमओ ने बताया कि अभियान में चिकित्सा विभाग, आईसीडीएस, ग्राम्य विकास व पंचायती राज, शिक्षा, नगर निगम व शहरी विकास, कृषि, पशुपालन, दिव्यांग कल्याण, स्वच्छ भारत मिशन, सूचना, चिकित्सा शिक्षा, जल निगम और खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग मिल कर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई से मलेरिया, डेंगू के प्रकोप के साथ डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। संचारी रोगों से बचाव के साथ डायरिया रोको अभियान भी चलेगा ।
जिला सर्विलांस अधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया एडीज मच्छर से फैलती हैं। यह मच्छर दिन में काटता है और स्वच्छ पानी में पनपता है। वहीं मलेरिया एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर शाम से लेकर सुबह तक काटता है। यह साफ व ठहरे हुए पानी में पनपता है। अपने आसपास मच्छरों को न पनपने दें। इनसे बचाव करते रहें। बुखार आए तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी जांच अवश्य कराएं।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि विषेश संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 जुलाई तक एवं 11 जुलाई से दस्तक अभियान अन्तर्विभागीय सहयोग से चलेगा। अभियान के दौरान लोगों को साफ सफाई व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। जागरूकता रैली की प्रतिभागी आशा कार्यकर्ता भवानी ने बताया की संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान और डायरिया रोको अभियान से संबंधित कार्य क्षेत्र के अनुसार तैयारी पूर्ण कर ली गई है साथ ही कार्य योजना के अनुसार प्रतिदिन अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा मच्छरजनित रोगों व मच्छरों की रोकथाम के लिए टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। लार्वा मिलने पर उनका निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ में लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरुक भी किया जा रहा है।
रैली में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अमित यादव, यूनीसेफ के प्रतिनिधी राहुल कुलश्रेष्ठ सहित अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया। रैली में आष्ठा एवं एंबेड संस्था के कर्मचारियों ने भी सहयोग किया।
जागरूकता रैली के बाद आयोजित हुई प्रेस वार्ता
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा आधिकारी डॉ. अरूण कुमार श्रीवास्तव ने प्रैस वार्ता में कहा कि नगर विकास, पशु पालन विभाग, पंचायती राज विभाग, समाज कल्याण विभाग, विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, कृषि एवं सिचाई विभाग, शिक्षा विभाग, सूचना विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग) के द्वारा इस अभियान के दौरान साफ-सफाईजुद्ध पेय जल, पुष्ठाहार, स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी दिव्यांग बच्चों का सतप्रतिशत आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाने सहित स्वास्थ्य विभाग की समस्त गतिविधियों के पूर्ण प्रतिवद्धता के साथ संचालित करने के दिशा निर्देश दिये।
: नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चे को अवश्य पिलाएं विटामिन ए की खुराक
Wed, Jun 26, 2024
आज से शुरू होगा विटामिन ए सम्पूरण अभियान शुरू, सत्र स्थल पर बच्चों को दी जाएगी विटामिन ए की खुराक
एक माह तक चलेगा अभियान
नौ माह से पांच वर्ष की उम्र तक नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना है अनिवार्य
आगरा। विटामिन ए का सेवन बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ- साथ विभिन्न बीमारियों से भी बचाव करता है । इसी उद्देश्य से बच्चों में विटामिन ए की कमी को दूर करने के लिए बुधवार (26 जून) से विटामिन ए सम्पूरण अभियान का शुभारंभ किया जायेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान एक माह तक चलेगा। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण और छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण दिवस के सत्र स्थल पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । प्रत्येक बच्चे को नौ माह से पांच वर्ष की उम्र तक नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना अनिवार्य है ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विटामिन ए की खुराक बच्चों को कुपोषण, मिजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाती है । यह बच्चे के विकास में मददगार है। इसके सेवन से निमोनिया और डायरिया का खतरा कम हो जाता है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। आंख कमजोर होने की आशंका होती है। इससे बच्चे के शरीर बढ़ने में भी कमी आ सकती है। बच्चे को कमजोरी महसूस होती है। इसकी खुराक नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में एमआर टीके के प्रथम और दूसरे डोज के दौरान दी जाती है । इसके बाद तीसरी से नौंवी खुराक अभियान के दौरान प्रत्येक छह माह पर दी जाती है। नौ माह से एक वर्ष तक के बच्चे को आधा चम्मच (1 एमएल) और एक वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चे को पूरा चम्मच (2 एमएल) दवा पिलाना अनिवार्य है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जनपद में लगभग 52 लाख की आबादी है। अभियान के दौरान नौ माह से बारह माह तक के 65531 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य है । एक वर्ष से दो वर्ष तक के 1.25 लाख बच्चों को और दो से पांच वर्ष तक के 3.87 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । अभियान के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के कुल पांच लाख 78 हजार बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी
: दाल में कीड़े निकलने की घटना के बाद गठित कमेटी ने लिए सैंपल, एसआईसी ने लगाए ये आरोप
Thu, May 30, 2024
Agra. आगरा में भी स्वास्थ्य विभाग के हालात अच्छे नहीं हैं। जनपद का जिला अस्पताल और विवाद अब एक दूसरे के पूरक हो चले हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब अस्पताल में कोई न कोई घटना न घटती हो। एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा जिला अस्पताल के कूलर में पानी भरते हुए दिखाई देते हैं तो कभी शौचालय की सफाई की बात करते हैं। इस बार मामला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को मिलने वाला भोजन है। बीते मंगलवार को जिला अस्पताल में वितरण होने वाले भोजन में कीड़े निकलने से आगरा से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया है।
जिला अस्पताल के मरीज को वितरित की गई दाल में कीड़े निकले थे। खबर चलने के बाद आगरा से लेकर लखनऊ तक स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसआईसी डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित की है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट एसआई सी को सौंपेगी। वहीं दूसरी तरफ आगरा के जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने भी इस मामले का संज्ञान लेकर जिला अस्पताल में एक कमेटी भेजी, जिसने बुधवार को पहुंचकर अस्पताल की किचन से सैंपल लिए हैं। अब सवाल या उठना है कि मंगलवार की घटना थी, तो बुधवार को सैंपल लेने का क्या औचित्य है। आख़िर मंगलवार को ही दाल के सैंपल क्यों नहीं लिए गए।
वहीं इस पूरे प्रकरण में एसआईसी डॉ. राजेंद्र अरोड़ा का कहना है कि दाल में कीड़े मिलने के मामले में तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित की है। जिसमें डॉक्टर सीपी वर्मा के साथ-साथ डॉक्टर एसके वर्मा और रामनिवास मित्तल शामिल हैं। डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि मेरे खिलाफ षड्यंत्र के तहत साजिश रची जा रही है। मुझे बदनाम करने की नीयत से यह सब किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे अनुसार यह सारा मामला किचन का नहीं है, जिला अस्पताल की किचन में कोई गड़बड़ नहीं है, यह गड़बड़ी सिर्फ NRC में हुई है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य महकमा मामले में क्या रुख अपनाते हैं, यह मामला सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जिला अस्पताल में जो मरीज अपनी मर्ज का उपचार करने की पहुंचते हैं, वही मरीज यहां पर दूषित दाल का सेवन कर बीमार हो सकते हैं, उन्हें फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।