: 221 उदासीन परिवारों के बच्चों का किया टीकाकरण
Tue, Feb 27, 2024
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उदासीन परिवारों की काउंसलिंग बताए नियमित टीकाकरण के फायदे
काउंसलिंग के बाद किया नियमित टीकाकरण
आगरा। नियमित टीकाकरण बच्चों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी और किफायती तरीकों में से एक है, समय से शिशुओं का टीकाकरण कराने पर वह गंभीर रोगों से बच सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण किया जाता है। लेकिन कुछ परिवार नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन होते हैं, वह भय व भ्रांतियों के कारण बच्चों का टीकाकरण करवाने से मना करते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे 221 उदासीन परिवारों के बच्चों का नियमित टीकाकरण कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जो परिवार नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन होते हैं, विभाग द्वारा ऐसे परिवारों की लगातार काउंसलिंग करके उन्हें टीकाकरण के फायदों से अवगत कराया जाता है, जो लोग मान जाते हैं, इसके बाद इन परिवारों के बच्चों को टीका लगाया जाता है।
सीएमओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों को टीकाकरण के लिए जागरुक कर शत-प्रतिशत लाभ जन समुदाय को दिलाना ही प्राथमिकता है। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता हैँ जैसे डिप्थीरिया एक संक्रामक रोग है। यह रोग कोराइन बैक्टीरियम डिप्थीरिया के कारण होता है जो गले और ऊपरी वायुमार्ग को संक्रमित करता है तथा टॉक्सिन एवं अन्य अंगों को प्रभावित करता है। दूसरे प्रकार का डिप्थीरिया गले और कभी-कभी टॉन्सिल को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया के खिलाफ टीकाकरण से होने वाली मृत्यु दर कम हुई है। अपने बच्चे को सरकारी अस्पताल में डिप्थीरिया का टीका जरूर लगवाएं। यह निःशुल्क लगाया जाता है। टीकाकरण अभियान सभी की सहभागिता से ही सफल हो सकता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन (डीआईओ) ने बताया कि टिटनेस बैक्टीरिया की वजह से होता है, जो शरीर के अन्दर त्वचा पर पडे दरार के माध्यम से प्रवेश करते है और एक विष उत्पन्न करते है जो तंत्रिका तंत्र पर आक्रमण करता है। इससे शरीर मे दर्दनाक कसाव और जबड़ो मे जडाव पैदा होता है, जिससे संक्रमित व्यक्ति उसकाध्उनका मुँह नही खोल सकता या निगल सकता है। जब टिटनेस सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशियों को प्रभावित करता है, तब रोगी तुरुन्त ही मर भी सकता है।
डीआईओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण से वंचित वैब (वैक्सीन अवॉइडेंस बिहैवियर) झिझक ध्उदासीन परिवारों को मोबिलाइज कर टीकाकरण कराने में स्वास्थ्य विभाग सभी की सहभागिता से ही सफल हो सकता है। आशा और एएनएम छूटे हुए बच्चों को चिन्हित करने के बाद ई कवच पोर्टल पर अपडेट कर रही हैं। टीकाकरण होने के बाद भी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा ही हैं। डीआईओ ने बताया कि इस दौरान यूपीएचसी जगदीशपुरा, नगला बूढ़ी, सिकंदरा, हरीपर्वत ईस्ट, मंटोला, ताजगंज, जमुनापार, नरायच, इस्लाम नगर, शाहगंज फर्स्ट, शाहगंज द्वितीय क्षेत्र के परिवारों में यह सफलता हासिल हुई है।
इस गतिविधि यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर, डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, एमओआईसी डॉ. आरएस लकरा, डॉ. गायत्री, डॉ. राहुल सारस्वत, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. अरुक्षिका यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
: चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन पर एक दिवसीय सेमिनार का हुआ आयोजन
Mon, Feb 26, 2024
आगरा। दयालबाग रोड स्थित होटल पूनम प्लाजा में सोसाइटी फॉर एंडोडोंटिक एक्सीलेंस आगरा के बैनर तले दंत चिकित्सा कार्यालय में चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
मुख्य प्रवक्ता के रूप में ओरल एंड मैक्सॉलोफेसिअल सर्जन डॉ संदीप फौजदार द्वारा बताया कि दंत चिकित्सकों को व्यवहार में उत्पन्न होने वाली चिकित्सीय आपात स्थितियों के प्रबंधन के लिए तैयार रहना चाहिए। बेहोशी के अलावा, घटित होने वाली अन्य आपात स्थितियों में एलर्जी प्रतिक्रियाएं, एनजाइना पेक्टोरिसध्मायोकार्डियल रोधगलन, कार्डियक अरेस्ट, पोस्टुरल हाइपोटेंशन, दौरे, ब्रोंकोस्पजम और मधुमेह संबंधी आपात स्थिति शामिल हैं।
दंत चिकित्सा कार्यालय में लगभग सभी चिकित्सीय आपात स्थितियों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मस्तिष्क और हृदय की अपर्याप्त ऑक्सीजन को रोकना या ठीक करना है। इसलिए, सभी चिकित्सा आपात स्थितियों के प्रबंधन में यह सुनिश्चित करना शामिल होना चाहिए कि इन महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाया जा रहा है।
एसोसिएशन की प्रेसिडेंट डॉ सुषमा प्रतिहार ने बताया कि यह बुनियादी कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन (सीपीआर) के अनुरूप है, जिसके लिए दंत चिकित्सक को सक्षम होना चाहिए। इस सेमिनार में डॉ असीम शिरोमणी, डॉ अमित नारायन, डॉ दीपक कुरूप, डॉ आशीष गुप्ता, डॉ पुनीत श्रीवास्तव, डॉ दीप्ती चड्ढा श्रीवास्तव, डॉ चकित माहेश्वरी, डॉ श्रेया कपूर मल्होत्रा, डॉ जया पम्बू, डॉ भरत चैहान, डॉ विपुल अरोरा, डॉ वैभव कृष्णा सिंह, डॉ राहुल आदि ने प्रतिभाग लिया।
: लायंस क्लब आगरा विशाल के मेगा हेल्थ कैंप में 800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
Mon, Feb 26, 2024
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तंबाकू और धूम्रपान से गांव में भी बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा
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गांव के लोग मधुमेह के प्रति नहीं होते जागरूक बीमारी बढ़ने पर लेते हैं चिकित्सक की सलाह - डॉ अरविंद जैन
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लायंस क्लब आफ आगरा विशाल के चिकित्सा शिविर में जांच के साथ मरीज को मिली दवाइयां और परामर्श
आगरा। लायंस क्लब ऑफ आगरा विशाल द्वारा चले गांव की ओर कार्यक्रम के अंतर्गत हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज आगरा मथुरा रोड पर विशाल मधुमेह एवं हृदय रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। डायबिटीज एवं हृदय रोग जांच शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि शारदा यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर वाईके गुप्ता, विशिष्ट अतिथि डॉ नवीन गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। शिविर में ग्रामीण क्षेत्र के 800 से ज्यादा मरीज ने डायबिटीज एवं हृदय रोग की जांच कर निशुल्क परामर्श एवं दवाइयां प्राप्त कीं। मरीजों को परामर्श देते हुए सीनियर फिजिशियन डॉ. अरविंद जैन ने बताया कि देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। इसके अलावा प्री डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगभग 12 करोड़ है। उन्होंने कहा गांव में भी डायबिटीज रोगियों की संख्या कम नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी की वजह से लोग डायबिटीज के प्रति बेफिक्र रहते हैं लेकिन जब शरीर के अंगों पर इसका प्रभाव दिखाई देता है तब चिकित्सक से परामर्श लेते हैं। उन्होंने कहा संयमित खानपान एवं नियमित एक्सरसाइज और जांच से मधुमेह की गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
पहले 50 और अब 20 - 25 वर्ष की उम्र से होने लगता है हृदय रोग का खतरा - डॉ हिमांशु यादव
लायंस क्लब आगरा विशाल के निशुल्क डायबिटीज एवं हृदय रोग जांच शिविर में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ हिमांशु यादव ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए बताया कि पहले 50 वर्ष की उम्र तक पहुंचने पर हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का खतरा होता था लेकिन अब बदले हुए खानपान एवं असंतुलित दिनचर्या से 20 से 25 वर्ष की आयु में ही हृदय रोग का खतरा शुरू हो जाता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जागरुक करते हुए कहा ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू एवं धूम्रपान की वजह से हृदय रोग की बीमारियों का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में वातावरण और खान-पान भले ही शहरी क्षेत्र की अपेक्षा अच्छा है लेकिन तंबाकू धूम्रपान आदि की वजह से यह खतरा अब ग्रामीण क्षेत्र में भी दिन व दिन बढ़ रहा है।
हृदय रोग एवं डायबिटीज की हुई निशुल्क जांच, मिली दवाइयां
लायंस क्लब ऑफ आगरा विशाल द्वारा आयोजित चिकित्सा शिविर में 800 से ज्यादा मरीजों को विषय विशेषज्ञों ने परामर्श देकर रोगों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। कैंप में 800 से ज्यादा मरीजों की डायबिटीज एवं हृदय रोग से संबंधित विभिन्न जांचों के साथ दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई।
ग्रामीण अंचल के लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का उठाया लाभ
लायंस क्लब ऑफ आगरा विशाल द्वारा आयोजित निशुल्क डायबिटीज एवं हृदय रोग चिकित्सा शिविर में ग्रामीण अंचल के लोगों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। फरह के पास गांव में रहने वाले राम बिहारी को बरसों से पता नहीं था कि उन्हें डायबीटीज है। पेशाब में परेशानी होती थी। शहर में जब जांच की गई तब उन्हें पता चला कि वह मधुमेह से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा मैं अभी तक क्षेत्रीय चिकित्सक से दवाई और परामर्श ले रहा था लेकिन आज तक यह पता नहीं था कि मैं डायबिटीज से पीड़ित हूं। ऐसे ही रैपुरा जाट की रहने वाली रामवती के सीने में कई महीने से दर्द की शिकायत थी, दर्द की दवाइयां ले रही थी जांच के बाद पता चला के हृदय रोग से संबंधित परेशानी है।
डायबिटीज से पड़ता है आंखों और दांतों पर असर
निशुल्क चिकित्सा शिविर में सीनियर फिजिशियन डॉ अरविंद जैन ने बताया के मधुमेह की वजह से आंखों और दांतों से संबंधित बीमारियां भी होती हैं। डायबिटीज को नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकता है। चिकित्सा शिविर में नेत्र परीक्षण और दंत परीक्षण के लिए भी विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इन चिकित्सकों ने दी सेवाएं
लायंस क्लब आगरा विशाल द्वारा आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविर में सीनियर फिजिशियन डॉक्टर अरविंद जैन, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ हिमांशु यादव, डॉ शुभम जैन, सीनियर डेंटल सर्जन डॉ वैभव गर्ग, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कौस्तुभ साने जैसे चिकित्सकों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ और फार्मेसी डिपार्मेंट के लोग मौजूद रहे।
इन्होंने दिखाई सहभागिता
शिविर में कैंप चेयरपर्सन सुनील कुमार गुप्ता, अध्यक्ष रविंद्र कुमार अग्रवाल, सचिव राकेश अग्रवाल सीए, कोषाध्यक्ष अश्विनी धवन, अजय बंसल, चंदर महेश्वर, संतोष महेश्वरी, अनूप गुप्ता, नंदी बंसल, विनय बाना, संजय बंसल, अजय गुप्ता श्याम मोहन, शिव कुमार, हेमेंद्र अग्रवाल, सुरेश जैन, किशोर जैन राजेंद्र अग्रवाल सहित क्लब से जुड़े हुए पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।