: डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने लिया निशुल्क स्वास्थ शिविर का लाभ
Mon, Feb 12, 2024
मौसम बदलने से सर्दी, बुखार, इनफेक्शन के साथ एनीमिक व आंखों की समस्या के मरीजों की सबसे अधिक संख्या
आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी के 27वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डेढ़ हजार अधिक मरीजों ने लाभ लिया। सर्दी, बुखार, जोड़ो में दर्द के साथ, एलर्जी, आंखों में जलन, करकराहट व नजर दोष की समस्या के मरीज भी शिविर में पहुंचे। महिलाओं के साथ बच्चों में भी लगभग 20 फीसदी से अधिक खून की कमी (एनीमिक) की समस्या मिली। मोतिया बिन्द के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए 160 मरीजों की चयन किया गया।
शिविर प्रारम्भ होने से पूर्व महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व अग्रवाल युवा संगठन के सदस्यों ने हवन का आयोजन किया गया। सबसे अधिक मरीज बच्चों व आंखों में समस्या को लेकर पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बंसल ने बताया कि 100 से अधिक बच्चे खून की समस्या वाले थे। जिनका शरीर का लंार सफेद या पीला, थोड़ा खेलने पर थकान, भूख न लगना व स्वभाव में चिड़चिड़ाहट जैसे लक्षण थे। उन्होंने अभिभावकों को सौमसी फल व सब्जी के साथ भुने चने व पौष्टिक आहार खिलाने की सलाह दी। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार ने कहा कि आंखों से पानी, करकराहट व नजर दोष के मरीज पहुंचे हैं। जिसका कारण मौसम का बदलाव व प्रदूषण है। फिजिशियन डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि शिविर में ऐसे मरीज भी पहुंचे जिनका बीपी 190 तक था। कहा कि सीने में जकड़न व सिर दर्द को अक्सर लोग गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। परन्तु यह समस्या कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी, हृदय रोग के कारण भी हो सकती है। ऐसे ही नरीज शिविर में पहुंचे जिन्हें पता ही नहीं था कि उनकी शुगर, बीपी व कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है। शिविर के अन्त में समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महामंत्री बीडी अग्रवाल, अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल डॉक्टरों व समिति के सदस्यों को शिविर के सफल आयोजन के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पुष्पा अग्रवाल, घनश्याम दास, महावीर मंगल, मुरारीप्रसाद, संजय अग्रवाल, गणेश बंसल, अम्बुज अग्रवाल, प्रियकांत, जितेन्द्र, मयंक गर्ग, अंकित अग्रवाल, राम रतन मित्तल, प्रेमचंद अग्रवाल, ओपी होयल, मुन्नालाल, महेश, नवल किशोर, घरमवीर, उज्ज्वल, अंशुल बंसल, मिनिखल गोयल, दिव्यांश, अनन्या, शिव अग्रवाल, भूपेन्द्र, शिवम गर्ग, गौरव, आशीष, दीपक बंसल, आयुष, रवि आदि उपस्थित थे।
निःशुल्क मोतिया बिन्द के ऑपरेशन के लिए 160 मरीजों का चयन
शिविर में आंखों की समस्या लेकर 500 से धिक मरीज पहुंचे, जिनमें 160 मरीजों का चयन निःशुल्क मोतियाबिन्द ऑपरेशन के लिए किया गया है। 14 फरवरी के बाद से प्रतिदिन 10 मरीजों के ऑपरेशन प्रारम्भ कर दिए जाएंगे।
इन डॉक्टरों ने दीं निःशुल्क सेवाएं
शिविर में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. शांतनु चैधरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिकेय शर्मा, फिजीशियन डॉ. एसके कश्यप, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. अंकुर बंसल, डॉ. शैलजा शर्मा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीके तिवारी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मुदित गुप्ता, मेडिसिन के डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. केएम अग्रवाल, डॉ. एचसी साहनी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बंसल, डॉ. आशीष मित्तल, डॉ. गरिमा बंसल, डॉ. जगत पाल सिंह अपनी निशुल्क सेवाएं दीं।
: लॉयन्स क्लब विशाल कराएगा पित्ताशय की पथरी एवं अपेन्डिक्स के निःशुल्क ऑपरेशन
Sat, Feb 10, 2024
आगरा। लॉयन्स क्लब ऑफ आगरा विशाल एवं शांति वेद ट्रस्ट द्वारा 28वां निःशुल्क ऑपरेशन शिविर का शुभारम्भ 26 फरवरी से किया जा रहा है। जिसमें पित्ताशय की पथरी एवं गर्भाशय से सम्बन्धित ऑपरेशन निःशुल्क किए जाएंगे। यह जानकारी गुरु का ताल, सिकन्दरा स्थित शांति वेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में डॉ. अजय प्रकाश व लॉयन्स क्लब ऑफ आगरा विशाल के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने दी।
डॉ. अजय प्रकाश व डॉ. श्वेतांक प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि मरीजों के तीमारदारों से पूर्णतः निःशुल्क ऑपरेशन के बदले एक यूनिट रक्तदान करवाया जाता है, जिससे उनमें समाज के लिए कुछ करने की भावना बनी रहे। 27 निःशुल्क ऑपरेशन शिविर में अब तक लगभग तीन हजार से अधिक ऑपरेशन कराए जा चुके हैं। क्लब के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि स्व. डॉ. दिव्या प्रकाश की पुण्य स्मृति में आयोजित शिविर में ऑपरेशन के लिए 11 से 22 फरवरी तक शांति वेद हॉस्पीटल, पुरानी विजय नगर कालोनी में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। मरीज अपने पैथोलॉजी, अट्रासाउंड, एक्स-रे व अन्य आवश्यक रिपोर्ट साथ लेकर आएं। ऑपरेशन वरिष्ठ सर्जन डॉ. अजय प्रकाश द्वारा डॉ. श्वेतांक प्रकाश व डॉ. ब्लॉसम प्रकाश, डॉ. संजय प्रकाश, डॉ. शिवांक प्रकाश के सहयोग से किए जाएंगे। निशुल्क ऑपरेशन का उद्देश्य उन जरूरतमंद लोगों की मदद करना है जो आर्थिक तंगी के अभाव में अपने स्वास्थ्य का खयाल नहीं रख पाते। सभी ऑपरेशन लैप्रोस्कोपिक विधि से किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय बंसल, सुनील अग्रवाल, संजय बंसल, हेमेन्द्र अग्रवाल, सुरेश जैन, सुनील बंसल, जयनेन्द्र गोयल, सुशील अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
: बेवजह लेने वाली एंटीबायोटिक मांसपेशियों और दिमाग को बना रहीं कमजोर - डॉ. प्रद्योत प्रकाश
Sat, Feb 10, 2024
इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट की दो दिवसीय कार्यशाला में एंटीबायोटिक के दुरुपयोग पर हुई चर्चा, 300 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए
आगरा। एंटीबायोटिक का बेवजह किया जाने वाला प्रयोग न सिर्फ सूक्ष्मजीवों की प्रतिरोधकता बढ़ाकर उन्हें ताकतवर बना रहा है बल्कि आपकी मांसपेशियों व न्यूरोन्स को भी कमजोर कर रहा है। जिससे लोगों में काम करने की क्षमता व याद्दाश्त कमजोर हो जाती है। हालांकि ऐसे साइड इफेक्ट का प्रतिशत फिलहाल काफी कम है, लेकिन बात चिन्ताजनक है। यह बात बीएचयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. प्रद्योत प्राकश ने जेपी सभागार में एसएन मेडिकल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट की दो दिवसीय कार्यशाला में एंटीबायोटिक के धड़ल्ले से हो रहे दुरुपयोग पर चिन्ता जाताते हुए कही।
डॉ. प्रद्योत प्रकाश ने कहा कि एंटीबायोटिक के बेवजह प्रयोग से न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि वायरल इनफेक्सन में भी लोग एंटी बायोटिक का प्रयोग करते हैं, ऐसे में आंतों की पाचन क्रिया में मददगार अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं। ऐसे में डायरिया, मांसपेशियों का कमजोर होना जैसी समस्या बढ़ सकती है। कार्यशाला में क्लीनिकल व माइक्रोबायोलॉजीकल पैनल डिसकशन भी हुआ, जिसमें एंटीबायोटिक के दुरुपयोग को रोकने पर चर्चा हुई। चर्चा में मुख्य रूप से डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. डी हिमांशु रेड्डी, डॉ राजीव पुरी, डॉ. जूही सिंघल थी। संचालन डॉ. फातिमा खान व डॉ. अरिना ने किया। साइंटिफिक सेशन में 300 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए।
गंगा नदी को निर्मल रखने वाले वायरस करेंगे बैक्टीरिया का इलाज
पर्यावरण में हर बैक्टीरिया मारने के लिए एक वायरस (बैक्टीरियोफाज) होता है। गंगा नदी में ऐसे बैक्टीरियोफज की अधिकता के कारण ही उसका जल स्वच्छ और निर्मल रहता है। अब जबकि एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग के कारण बैक्टीरिया में दवाओं के प्रति प्रतिरोधकता बढ़ रही है और दवाएं बेअसर हो रही है, ऐसे में बैक्टीरियोफाज जैसे वायरस से बैक्टीरिया को खत्म करने पर देश के विभिन्न बड़े संस्थानों में शोध चल रहा है। एम्स ऋषिकेष के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. बलराम ओमर ने बताया कि विभिन्न बैक्टीरियोफाज की कॉकटेल बनाकर किसी विशेष बैक्टीरिया से होने वाले जख्म पर लगाकर शोध किए जा रहे हैं। यानि आने वाले समय में बैक्टीरिया के इलाज वायरस (बैक्टीरियोफाज) से किया जाएगा।
प्राकृतिक फार्मेसी हैं भारतीय रसोईयां
बीएचयू के डॉ. प्रद्योत प्रकाश ने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग पर नियंत्रण के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय रसोईयां प्राकृतिक फार्मेसी हैं। जहां हल्दी, जीरा, अजवाइन, सौंठ जैसे कई मसालों के माध्यम से सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी मामूली समस्या को दूर किया जा सकता है। परन्तु हम प्राकृतिक फार्मेसी से दूर होते जा रहे हैं। आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली एंटीबायोटिक का बेवजह प्रयोग बढ़ रहा है, जिससे सूक्ष्मजीवों में दवाओं के प्रति प्रतिरोधकता बढ़ रही है और इलाज महंगा और कठिन होता जा रहा है। घरेलू मसालों में पॉलीफिनोल जैसे ओर्गेनिक कम्पाउंड होते हैं जो बैक्टीरिया को चिपकने से रोकते हैं, यानि सब्जी दाल में पड़ने वाले मसाले प्रारम्भिक स्तर पर हमें संक्रमित होने से रोक देते हैं।
वॉकथॉन में घरेलू बायोमेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण को किया जागरूक
कार्यशाला के तहत वॉकथान का आयोजन किया। जिसका उद्देश्य घरेलू बायोमेडिकल वेस्ट के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा करना था। वॉकथान का शुभारम्भ एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. प्रशान्त गुप्ता ने झंडी दिखाकर किया। कहा कि गलत तरीके से एक सीरिंज, कॉटन का निस्तारण भी बहुत घातक हो सकते है। इसलिए घर में इलाज के दौरान निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का भी सही तरीके से निस्तारण बहुत आवश्यक है। खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार से प्रारम्भ होकर वॉकथॉन शहीद स्मारक पर पहुंची, जिसमें एसएन मेडिकल कालेज के विद्यार्थियों सहित उप्र प्रदूषण बोर्ड के विश्वनाथ भी मौजूद थे। अतिथियों का स्वागत आयोजन सचिव डॉ. अंकुर गोयल व डॉ. विकास गुप्ता ने किया। डॉ. आरती के नेतृत्व में वॉकथॉन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बीएम अग्रवाल, सचिव डॉ. अंकुर गोयल, सहसचिव डॉ. विकास कुमार, डॉ. आरती अग्रवाल, डॉ. प्रज्ञा शाक्य, डॉ. सपना गोयल, डॉ. पारुल गर्ग, डॉ. श्वेता सिंघल आदि मौजूद थीं।
समापन समारोह में विजेता प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत
आगरा। समापन समारोह में आयोजन समिति के सचिव अंकुर गोयल ने सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर कार्यशाला की सफलता के लिए बधाई दी गई। कहा कि पहली बार है जब इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट की कार्यशाला में 300 से अधिक प्रतिनिधियों का संख्या पहुंची है। इस अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट की उप्र व उत्तराखंड की अध्यक्ष डॉ. शम्पा व डॉ. विनीता मित्तल ने रिसर्च पेपर, पोस्टर व क्विज में विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व स्मजति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। जिसमें मुख्य रूप से आकांक्षा गुप्ता, डॉ. रिचा कुमारी, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. प्रियाल आनन्द, डॉ. निधि शर्मा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. शिव वर्मा, डॉ. तान्या सचान, डॉ. अमित कुमार राय, डॉ. निखिर गुप्ता, डॉ. काशीनाथ पंडित, डॉ. लीसा माइनो, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. विक्रम प्रताप सिंह, डॉ. विदुषी सिंह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. आकांक्षा पांडे को पुरस्कृत किया गया। डॉ. विकास गुप्ता ने सभी प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बीएम अग्रवाल, सचिव डॉ. अंकुर गोयल, सहसचिव डॉ. विकास कुमार, डॉ. आरती अग्रवाल, डॉ. प्रज्ञा शाक्य, डॉ. सपना गोयल, डॉ. पारुल गर्ग, डॉ. श्वेता सिंघल आदि मौजूद थीं।