: खेलें मसाने में होली, दिगंबर खेलें होली…, नगर भ्रमण को निकले श्रीमनःकामेश्वर बाबा
Sun, Mar 24, 2024
प्राचीन परंपरा का निर्वाहन करते हुए निकाला गया श्रीमनः कामेश्वर बाबा का डोला, महादेव नंदी की सवारी रही आकर्षित
चांदी के रथ और सर्पों के मध्य आसीन हुए श्रीमनःकामेश्वर बाबा, नगर देव की सवारी धन्य हुए भक्त
कुंतलों उड़ा अबीर− गुलाल, फाग के रसिया पर सड़कों पर झूमे श्रद्धालु, शहर हुआ गुलाल की वर्षा से सराबोर
आगरा। ये नगरी है देवों के देव महादेव की। जहां नगर देव भी हैं महादेव और नगर कोतवाल भी महादेव। हर हर महादेव की गूंज…खेले होली मसाने की स्वर लहरियां और कुंतलों उड़ता अबीर गुलाल। ये दृश्य काशी नगरी नहीं बल्कि आगरा नगरी का बना जब दशकों पुरानी परंपरा का निर्वाहन करते हुए श्रीमनः कामेश्वर मंदिर द्वारा बाबा का डोला नगर भ्रमण को निकाला गया।
होलिका दहन के दिन श्रीमनः कामेश्वर बाबा का डोला मंदिर परिसर से रावत पाड़ा, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी आदि क्षेत्रों में नगर भ्रमण को निकला। डोले में सबसे आगे ग्राम दिगनेर की टोली ब्रज के फाग का ढोल ताशे पर गायन की संस्कृति को फैला रही थी। इसके बाद महंत योगेश पुरी और मंदिर मठ प्रशासक हरिहर पुरी खुले रथ पर कुंतलों अबीर− गुलाल और फूलों की वर्षा के मध्य उड़त अबीर गुलाल रसिया होली में…, रसिया को नार बनाओ री, रसिया को…, तेरी बंशी पर जाउं रसिया होली में… जैसे भजनों को अपने स्वर दे रहे थे।
इसके बाद श्वेत चांदी के डोले और सर्पों के मध्य में सवार श्रीमनः कामेश्वर बाबा के स्वरूप जब आरती के बाद मंदिर से नगर भ्रमण को निकले तो भक्तों को लगा जैसे उनकी कुशलक्षेम की जानकारी बाबा ले रहे हों। मंदिर महंत योगेश पुरी ने बताया कि बाबा के डोले की परंपरा अति प्राचीन है। पूर्व में ये फूलडोले के रूप में निकाली जाती रही है, जिसका आरंभ मंदिर से ही होता था। श्रीमनः कामेश्वर बाबा वर्ष में एक बार नगर भ्रमण को निकलते हैं, जिसका अर्थ अपने भक्तों की कुशलता लेना होता है।
दिव्यता के साथ निकले श्रीमनः कामेश्वर बाबा के डोले में भक्तिपूर्ण भाव से शामिल होते भक्त।
बाबा के डोले में भगवान शंकर और नंदी की सवारी ने सभी को आकर्षित किया तो फाग के रसिया गाती टोली के स्वरों पर हर भक्त बस झूमे जा रहा था। बाबा के डोले का मार्ग में विभिन्न जगह भक्तों ने स्वागत किया और गुलाल उड़ाकर आशीर्वाद ग्रहण किया। गुलाल की रंगत से आसमान बार बार गुलाबी होता जा रहा था। नगर भ्रमण के बाद श्रीमनः कामेश्वर बाबा को विश्राम देकर भक्तों ने प्रसादी का आनंद लिया।
इस अवसर पर बंटी ग्रोवर, दीप्ति गर्ग, प्रीति अग्रवाल, अनु गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।
: सर्वोदय चरखा मंडल एवं सत्संग मंडल ने हर्षोंल्लास के साथ मनाया ‘मित्र-मिलन’ समारोह
Sun, Mar 24, 2024
आगरा। 42वां मित्र मिलन समारोह बालूगंज स्थित लता कुंज में मनाया गया। सर्वोदय चरखा मंडल एवं सत्संग मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रवचन, संगीत और काव्य की रसधारा बही। प्रेम और मेल मिलाप को बढ़ाने के लिए विगत 41 वर्षों से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ अशोक श्रोमणि के स्वागत उद्बोधन से हुआ। अध्यक्षता डॉक्टर भुवनेश श्रोत्रीय ने की।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर सोम ठाकुर ने होली में को मारे रस की धार गीत प्रस्तुत किया। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गजल गायक सुधीर नारायण और साथी खुशी, श्रेया, प्रीति, देशदीप, गौरव औरूटंपं सुरेश ने जब फागुन रंग झमकते हो तब देख बहारें होली की आदि होली गीत प्रस्तुत किए। तबले पर संगत की राज मैसी ने। राम जी सिया के संग खेलें होली कान्हा राधा जी के संग खिसियानी सी गौरा बैठी भोले झूमें पीकर भंग गीत सुशील सरित ने प्रस्तुत किया
इस अवसर पर डॉ नीरज स्वरूप, निमिषा स्वरूप, चंद्रशेखर शर्मा, डॉक्टर असीम आनंद, मोहन सिंह, नीलेंद्र श्रीवास्तव, हरीश भदौरिया, डॉक्टर रमेश आनंद यादराम वर्मा आदि ने होली और हास्य गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में शमी आगई, जे एस फौजदार, अशोक राठी, हरीश चिमटी, संजय खिरवार, राजेश दीक्षित, करतार सिंह भारती, डॉ बी डी शर्मा, राजीव सक्सेना, सोनम खिरवार, अमरीश पटेल, श्रीदान आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। समारोह का संचालन शशि शिरोमणि एवं सुशील सरित ने किया। अश्विनी शिरोमणि ने एक सुंदर होली गीत प्रस्तुत किया। एड. रवि शिरोमणि, डॉ अमोल शिरोमणि, अश्विनी शिरोमणि और डॉक्टर असीम शिरोमणि, स्वाति, डॉ नमिता डॉ अंजुम एवं रिचा ने सभी का माल्यार्पण कर स्वागत किया
: उम्र की सांझ में “खुशियों के पल” से सतरंगी हुआ आसमान
Sun, Mar 24, 2024
आइ-सर्व खुशियों के पल ने आयोजित किया अनूठा होली मिलन समारोह
60 प्लस सदस्यों ने जीवन के विभिन्न भावों को रैंप पर किया प्रकट, दिखायी किशोरों सी उमंग
आगरा। जब समेटनी हों दुनिया जहां की खुशियां एक जीवन में तो हर पल खुलकर जियो। जरूरी नहीं उमंगों के रंग लाल-गुलाबी ही हों, जीवन के हर भाव के रंगों को जिंदगी के कैनवास पर उकेरना भी जरूरी है। इसी सोच के साथ आई सर्व खुशियों के पल संस्था ने होली मिलन समारोह का आयोजन किया।
लालगढ़ी, दयालबाग स्थित बॉडी एंड सोल फार्म हाउस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देकर हुई। राम मोहन कपूर ने सभी का स्वागत चंदन तिलक लगाकर किया। इसके बाद शुरुआत हुई होली के कमाल धमाल की। जीवन के विभिन्न भावों को अपने हुनर और परिधानों के रंग के साथ सदस्यों ने रैंप पर प्रस्तुत किया। खुशियों के गुलाबी रंग को सबसे ज्यादा पसंद किया गया तो शांति का श्वेत रंग गीत संगीत के साथ सदस्यों ने रैंप पर उतारा।
संस्था के डायरेक्टर अनुराग जैन ने बताया कि संस्था 60 प्लस के सदस्यों को एक माला में पिरोती है। जीवन संध्या में जब अधिकांशतः सभी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाते हैं, उस वक्त उन्हें स्वयं के लिए जीने की कला हम सिखाते हैं। होली की उमंग सिर्फ रंगों से खेलकर ही नहीं बल्कि उनके भावों को जीकर भी साझा की जा सकती है। यही संदेश कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यों ने दिया है।
मनोरंजक खेलों के साथ सदस्यों ने होली के गीतों पर जमकर नृत्य भी किया। अंत्याक्षरी, मिमिक्री शो का आनंद लेते हुए कार्यक्रम में डॉ केके अग्रवाल, राम मोहन कपूर, एसके शर्मा आदि सम्मलित हुए।