: सनातन जागृति सम्मेलन 25 को, देवकी नंदन ठाकुर महाराज करेंगे सनातनियों को जागरुक
Sat, Oct 21, 2023
हनुमान सेना द्वारा 25 अक्टूबर को सेक्टर 11, आवास विकास स्थित बड़े मैदान पर होगा आयोजन
सनातन जागृति सम्मेलन में 5 जिलों के करीब 20 हजार सनातनी होंगे शामिल
महामण्डलेश्वर महन्त श्री कृष्ण दास, स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज, संदीप महाकाल, चैतन्य अरुण पुरी भी करेंगे संबोधित
आगरा। संसार के सबसे प्राचीन सनातन धर्म पर किये गए मुगलों के प्रहारों से अब उबरने का समय आ चुका है। सनातनियों को जागरुक होने की जरूरत है, तभी अपनी सभ्यता और संस्कृति के प्रतीकों का संरक्षण हम कर पाएंगे। इसी उद्देश्य को लेकर 25 अक्टूबर 2023, दिन बुधवार को सनातन जागृति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि देवकी नंदन ठाकुर महाराज होंगे।
शनिवार को हरीपर्वत स्थित होटल एमिनेंट में सनातन जागृति सम्मेलन के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया। कार्यक्रम संयोजक अविनाश राणा और अमित चौधरी ने बताया कि सनातन जागृति सम्मेलन का उद्देश्य है सभी सनातनी जागरूक हों और 1670 में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा मथुरा से हमारे आराध्य केशव देव जी कान्हा जी के मंदिर को तोड़कर जिन मूर्तियों को आगरा लाकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन कर दिया गया था, उन्हें निकालकर पुनः मंदिर में स्थापित किया जाए। इस आतातायी घटना के बहुत सारे प्रमाण हैं। न्यायालय में भी यह मामला चल रहा है। जब तक सनातनियों को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा गौरव पुनः स्थापित नहीं हो जाता हम न्यायालय से लेकर सड़क तक की लड़ाई जारी रखेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश शिवाजी ने बताया कि सम्मेलन के लिए गांव से लेकर देहात तक में 250 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। अनुमान है कि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, टूंडला, हाथरस जिलों से 20 हजार से अधिक सनातनी शामिल होंगे।
लोगों को जागरुक करने के लिए होर्डिंग्स, सोशल मीडिया आदि का प्रयोग किया जा रहा है। प्रयास हैं कि अधिक से अधिक युवाओं को सम्मेलन से जोड़ा जाए। प्रदेश महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह फौजदार ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि देवकी नंदन ठाकुर जी महाराज होंगे। वहीं महामण्डलेश्वर महन्त श्रीश्री 108 कृष्ण दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी धाम कानपुर, क्रांतिकारी संत स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज श्री महालक्ष्मी पीठाधीश्वर श्री धाम वृंदावन, सन्दीप महाकाल हेलीकॉप्टर बाबा, गुड़गांव और चैतन्य अरुण पुरी जी महाराज भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुशवाह, महानगर अध्यक्ष लोकपाल चाहर, रिषभ राणा, जिलाध्यक्ष युवा शाखा जयदीप सिंह, महानगर अध्यक्ष युवा शाखा आकाश ग्रोवर, विकास गोला, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।
: कोपभवन सुनि सकुचेउ राऊ, भय बस अगहुइ परइ न पाऊ
Fri, Oct 20, 2023
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में सीता जी की विदाई के बाद हुई कोपभवन लीला
कन्यादान के गूंजे गीत, कैकई− मंथरा और कैकई− दशरथ संवाद सुन श्रद्धालु हुए भावुक
आगरा। उत्साह, उमंग के साथ सीता जी का कन्यादान हुआ और अपने प्रिय पुत्र श्रीराम की वधू सहित अन्य पुत्रों का माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई ने अयोध्या नगरी आगमन पर स्वागत हृदय लगाकर किया किंतु आनंद के इन क्षणाें को जब मंथरा के शब्दों ने भेदा तो जैसे हर श्रद्धालु का हृदय द्रवित हो उठा। इसके बाद हाय कैकई ये तू क्या करने जा रही है….जैसे शब्द हर किसी की जिव्हा पर आ गए। कोप भवन लीला में एक पिता और पति राजा दशरथ जब भाव युद्ध में फंसे तो हर आंख भर आई। सभी भक्त बोल उठे, अरे अभी तो विवाह की उमंग बिसराई भी न गई थी, ये क्या घड़ी आई।
गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहे बाबा मनःकामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के छठवें दिन राम विवाह, कन्यादान, कैकई मंथरा संवाद, कैकई− राजा दशरथ संवाद लीला का मंचन किया गया। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी। लीला मंचन में जब भगवान राम को अयोध्या का राज देने की चर्चाएं आईं तो रानी कैकई को उसकी दासी मंथरा ने भड़का दिया। मंथरा के बहकावे में आकर कैकई कोप भवन में चली जाती है। कोप भवन का नाम सुनकर ही राजा दशरथ सहम जाते हैं। कैकई राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राजगद्दी के वर मांगती है। राजा दशरथ विनती करते हैं कि राम को वनवास देने का वर मत मांगों। किंतु कैकई कहती है कि ठीक है राजन अपने वचन से मुकर जाओ। राजा दशरथ कहते हैं रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाएं पर वचन न जाई…। इसी प्रसंग के साथ जब लीला का समापन होता है तो हर श्रद्धालु का हृदय व्याकुल हो उठता है।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को राम वनवास, केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत आगमन लीला होगी।
: आगरा की रामलीला के लिए पांच पीढ़ियों से रावण का पुतला बना रहा है यह मुस्लिम परिवार
Fri, Oct 20, 2023
Agra. दशहरा पर्व की तैयारियां शुरू हो गयी है। आगरा के रामलीला मैदान में रावण का लगभग 110 फीट लंबा पुतला बनाया जा रहा है। रामलीला मैदान में ‘लंकापति’ रावण, मेघनाथ सहित कई और पुतले बनाये जा रहे है। जिससें विजयदशमी के दिन राम और रावण युद्ध के मंचन के बाद लंकापति रावण व अन्य पुतलों का दहन किया जा सके।
मुस्लिम समाज बनाता है रावण का पुतला
लंकापति रावण बनाने का काम 75 वर्षीय जफर अली और उनके परिवार को सौंपा जाता है ताकि विजयदशमी के दिन पुतला दहन किया जा सके। एक मुस्लिम परिवार की पांच पीढ़ियों से रावण का पुतला बनाने का काम किया जा रहा है। परिवार के मौजूदा मुखिया जफर अली ने बताया, ‘‘आगरा रामलीला समिति के सदस्य हमें पुतले बनाने के लिए बुलाते हैं और अलग-अलग आकार के पुतले बनाने के लिए हम करीब एक महीने तक रामलीला मैदान में ही ठहरते हैं।’’ रामलीला समाप्त होने के बाद समिति अली और उनके परिवार को सम्मानित भी करती है।
बचपन से कर रहे इस काम को
अपने कौशल के बारे में बात करते हुए अली ने बताया कि, ‘‘मैं बचपन से इस पेशे में हूं। अब हमारे परिवार की पांचवीं पीढ़ी इस पेशे में है। पहले मैं अपने दादा और पिता के साथ आया करता था। अब मैं परिवार के अन्य सदस्यों और कामगारों की अगुवाई कर रहा हूं।’’ उन्होंने बताया कि उनके परिवार में 18 सदस्य हैं और सभी पुतले बनाने में कुशल हैं।
रावण का पुतला होगा 110 फुट ऊंचा
जफर अली ने बताया कि रावण का पुतला करीब 110 फुट ऊंचा बनाया जा रहा है। कुंभकरण तथा मेघनाद का पुतला क्रमश: 65 और 60 फुट ऊंचा है। वैसे तो पुतलों की ऊंचाई समिति की मांग पर निर्भर करती है। अली ने बताया पुतलों को बनाने में करीब एक महीने का समय लगता है। ये पुतले रंगीन कागज, जूट की रस्सियों, आटे से बने गोंद (लेई) और बांस की कमाची से बनाए जाते हैं।
पुतला करेगा मूवमेंट
जफर अली ने बताया कि इस बार लंकापति रावण का पुतला मूवमेंट करेगा। उसकी आंख खुलेंगी और बंद होगी। इतना ही नही वो हँसता हुआ नजर आएगा।