: कायाकल्प की टीम ने परखी स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता
Tue, Jan 28, 2025
टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूपीएचसी) लोहामंडी द्वितीय और जीवनीमंडी पर दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का किया मूल्यांकन
एक्सटर्नल एसेसमेंट में टीम ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण के मानकों को परखा
आगरा। जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे कायाकल्प कार्यक्रम के तहत कायाकल्प की टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूपीएचसी) लोहामंडी द्वितीय और जीवनीमंडी पर दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का एक्सटर्नल एसेसमेंट (बाहरी मूल्यांकन) किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जनवरी माह में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूपीएचसी) हरीपर्वत वेस्ट, लोहामंडी द्वितीय और जीवनीमंडी का कायाकल्प कार्यक्रम के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर (यूपीएचसी) का एक्सटर्नल एसेसमेंट (बाहरी मूल्यांकन) किया। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर का नामांकन आंतरिक, सहकर्मी एवं बाहरी मूल्यांकन के अंतर्गत तीन चरणों में किया जाता है। इन चरणों के माध्यम से सभी बिन्दुओं जैसे- स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, समर्थन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना, मरीजों के साथ स्टाफ का सकारात्मक व्यवहार आदि पर स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें आंतरिक मूल्यांकन का निरीक्षण स्थानीय टीम द्वारा तथा वाह्य मूल्यांकन का निरीक्षण राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया जाता है।
लोहामंडी द्वितीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि कायाकल्प एक्सटर्नल असेसमेंट टीम के डॉ. रबीश कुमार सिंह और फरहाना नाज के द्वारा स्वास्थ्य केंद्र पर दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। टीम द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट का भी मूल्यांकन किया गया और पूरे आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर की स्वच्छता का मूल्यांकन किया। टीम ने चिकित्सकों से एंटीबायोटिक पॉलिसी और उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों के बारे में जानकारी ली। फार्मेसी के प्रिंसिपल और दवाओं के रखरखाव व डबल लॉक के बारे में जानकारी ली साथ ही जन आरोग्य समिति से संबंधित चर्चा की और जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि पुरस्कार प्राप्त होने पर स्टाफ का उत्साह वर्धन होता हैं साथ ही मनोबल भी बढ़ता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि कायाकल्प एक्सटर्नल असेसमेंट के दौरान टीम ने बायोमेडिकल वेस्ट के पृथक्कीकरण और मेडिसिन के बारे में जानकारी ली। टीम ने लैब व स्टरलाइजेशन, प्रसव कक्ष, न्यू बॉर्न कॉर्नर, स्तनपान कॉर्नर, भंडारण कक्ष का भी अवलोकन किया। परिसर में ईकोफ्रेंडली एरिया के बारे में भी जानकारी ली। प्रसव कक्ष में नर्सिंग स्टाफ से उपयोग होने वाली किट व इंफेक्शन कंट्रोल के बारे में जानकारी ली। आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर गठित विभिन्न कमेटियों और प्रोटोकॉल के बारे में भी टीम ने जानकारी ली। टीम द्वारा सभी दस्तावेजों का मूल्यांकन किया। टीम के द्वारा दी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया और मरीजों से बातचीत करके फीडबैक भी लिया। उन्होंने बताया कि एक्सटर्नल एसेसमेंट के दौरान टीम ने स्वास्थ्य केंद्र की स्वच्छता, कर्मचारियों के कार्यों की तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की सराहना की।
कायाकल्प का महत्व
कायाकल्प प्रमाणपत्र प्राप्त करना किसी स्वास्थ्य इकाई के लिए मान्यता है कि वहां उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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बेहतर चिकित्सा सेवाएं :
मरीजों को उन्नत और सुरक्षित इलाज सुनिश्चित होता है।
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स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण :
स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई और संक्रमण को रोकने की बेहतर व्यवस्थाएं होती हैं।
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अपशिष्ट प्रबंधन :
अस्पताल के कचरे और अपशिष्ट को सुरक्षित तरीके से प्रबंधित किया जाता है।
लक्ष्य और कायाकल्प से लाभ
• इन मानकों का पालन करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को न केवल प्रमाणपत्र प्राप्त होगा, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का एक नया मील का पत्थर होगा।
• मरीजों का भरोसा बढ़ेगा।
• स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या में इजाफा होगा।
• संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य खतरों में कमी आएगी।
: टीबी उन्मूलन के लिए जागरुक करने को निकाली रैली
Thu, Jan 23, 2025
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज से निकली रैली में टीबी रोग के लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी दी
विभिन्न जगहों पर नुक्कड़ नाटक और प्रेरक संदेशों के माध्यम से टीबी की बीमारी को जड़ से खत्म करने को आह्वान किया
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जागरुकता रैली का सफल आयोजन किया गया। इसमें टीबी के रोग के लक्षण और बचाव के लिए लोगों को जागरुक किया।
इस मौके पर प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि चिकित्सा में प्रगति के बावजूद, टीबी विश्व स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा बना हुआ है। भारत सरकार सामूहिक और ठोस प्रयासों के माध्यम से भारत से क्षय रोग (टीबी) को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग एवं स्टेट टास्क फोर्स, टीबी उन्नमूलन के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ.गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि टीबी उन्मूलन प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए सात दिसंबर 2024 को टीबी उन्मूलन पर 100-दिवसीय गहन अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के तीन महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं। पहला लक्ष्य सामुदायिक जागरूकता और कमजोर आबादी की स्क्रीनिंग और परीक्षण एक्स-रे एवं सीबीनेट के माध्यम से सक्रिय क्षय रोगियों का पता लगाना है। दूसरा लक्ष्य डिफ़्रिएंसिएटिव टीबी केयर को लागू करके टीबी से पीड़ित लोगों में मृत्यु को कम करना और तीसरा लक्ष्य घरेलू संपर्कों, पीएलएचआईवी और कमजोर आबादी को टीबी प्रिवेंटिव उपचार प्रदान करके समुदाय में नए टीबी मामलों की घटना को रोकना है।
पब्लिक हेल्थ, एनटीईपी एवं आचार्य और विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग) की नोडल अधिकारी डॉ.रेनू अग्रवाल के नेतृत्व में रैली को रवाना किया। रैली के दौरान टीबी के प्रति जनसमूह में जागरूकता बढ़ाना और टीबी उन्मूलन के 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया। नुक्कड़ नाटक एवं जनजागरूकता संदेशों के माध्यम से टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जानकारी प्रदान की गई। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे इस गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। रैली में डॉ. रेनू अग्रवाल,डॉ.गजेंद्र विक्रम सिंह ने आभार जताया।
इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार (प्रोफेसर), डॉ. मनीषा, डॉ. हिमालय सिंह, रेजिडेंट डॉक्टर और अंडरग्रेजुएट छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दी।
: विशाल ने कायम की मिसाल, 85 मरीजों के करवाए निःशुल्क पित्ताशय की पथरी एवं अपेंडिक्स के आपरेशन
Sun, Jan 19, 2025
लॉयंस क्लब आगरा विशाल एवं डॉ दिव्या प्रकाश मेमोरियल फाउंडेशन ने लगाया स्व. डॉ दिव्या प्रकाश की स्मृति में आपरेशन शिविर
सिकंदरा स्थित शांति वेद हॉस्पिटल में लगा था 29 वां शिविर, 82 यूनिट रक्तदान भी
राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित डॉ अजय प्रकाश और उनकी टीम ने किये आपरेशन
आगरा। स्वास्थ्य सेवाएं यदि समाज में जन− जन तक पहुंच जाएं तो हर जरूरमंद मरीज की सहायता हो सकती है। धन का अभाव किसी की जान नहीं लेगा और बिना इलाज के किसी का दम नहीं टूटेगा। लॉयंस क्लब आगरा विशाल एवं डॉ दिव्या प्रकाश मेमोरियल फाउंडेशन विगत 28 वर्षाें से इसी ध्येय वाक्य पर चल रहा है। इसी कड़ी में स्व. डॉ दिव्या प्रकाश की स्मृति में लगाए गए 29 वें निःशुल्क पित्ताशय की पथरी एवं अपेंडिक्स के आपरेशन शिविर का समापन हुआ।
रविवार को सिकंदरा स्थित शांति वेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस पर लगाए गए शिविर का समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूरन डावर, डॉ अजय प्रकाश और डॉ ज्ञान प्रकाश ने दीप प्रज्जवलित कर किया। अध्यक्ष हेमेंद्र अग्रवाल ने बताया कि विगत माह 26 दिसंबर को शिविर का शुभारंभ हुआ था। शिविर में 117 मरीजों के रजिस्ट्रेशन हुए थे जिसमें से 85 मरीजों के ऑपरेशन हुए। 82 यूनिट रक्तदान मरीजों की ओर से किया गया।
कैंप चेयरपर्सन सुनील गुप्ता ने बताया कि एक दिन में 85 आपरेशन कर राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले डॉ अजय प्रकाश ने अपनी टीम के साथ शिविर में आपरेशन किये। सभी मरीजों को उनकी आयु एवं स्थिति के हिसाब से हॉस्पिटल से छुट्टी देते हुए निःशुल्क दवा उपलब्ध करवायी गयीं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अजय प्रकश ने बताया कि समाज के हर तबके तक निःशुल्क चिकित्सकीय सहायता पहुंचाना शिविर का उद्देश्य रहा है। फास्ट फूड एवं आधुनिक जीवन शैली के कारण आज अपेंडिक्स और पित्ताशय की पथरी के मरीजों की संख्या अधिक बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि आज पार्क खाली पड़े हैं, लोग टहलना नहीं चाहते। स्थिति ये है कि शिविर आए मरीजों में से दो मरीज पित्ताशय के कैंसर से पीड़ित मिले।
डॉ ब्लॉसम ने कहा कि कुछ समय पूर्व महिलाएं पित्ताशय की पथरी से पीड़ित होती थीं किंतु आज पुरुष भी अधिक मरीज हो रहे हैं। साथ ही बच्चों में भी पित्ताशय की पथरी की हो रही है।
लेप्रोस्टोपी सर्जन डॉ श्वेतांक प्रकाश ने कहा कि अपेंडिक्स का दर्द भी बहुत अधिक पीड़ा देता है। इसकी अनदेखी घातक हाे सकती है। इसलिए समय रहते इसका आपरेशन करवा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी के प्रति लापरवाही बरतना हानिकारक है। सावधानी बरतें और समय पर इलाज लें।
वरिष्ठ सदस्य अजय बंसल ने बताया कि शिविर में आपरेशन दूरबीन विधि से किये गए और मरीजों की निःशुल्क जांच करवायी गयी थी। कार्यक्रम का संचालन सीए राकेश अग्रवाल ने किया।
शिविर में सहयोग के लिए सचिव सुनील बंसल, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार अग्रवाल, कैंप चेयरपर्सन सुनील गुप्ता ने डॉ अजय प्रकाश, डॉ संजय प्रकाश, डॉ स्वाति प्रकाश, डॉ श्वेतांक प्रकाश, डॉ ब्लॉसम प्रकाश, डॉ शिवांक प्रकाश, डॉ दीप्ति माला, डॉ तन्वी, सम्मान किया। इस अवसर पर हरिमोहन गर्ग, सुनील अग्रवाल, चंदर माहेश्वरी, नरेश जैन, रविन्द्र अग्रवाल, कांता माहेश्वरी आदि उपस्थित रहीं।