: पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता लाने को आयोजित हुई फेस ऑथेंटिकेशन कार्यशाला
Thu, Feb 13, 2025
लाभार्थियों को पुष्टाहार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से प्राप्त कराने की तैयारी
मंडल के जिला कार्यकम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों ने प्राप्त किया प्रशिक्षण
जल्द ही मास्टर ट्रेनर के माध्यम से जनपद की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण
आगरा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के जय प्रकाश सभागार में मण्डलीय कार्याशाला का आयोजन किया गया कार्यशाला में आगरा मण्डल के समस्त जनपदों आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद एवं मथुरा के जिला कार्यकम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार मौर्य द्वारा बताया गया कि पोषण ट्रेकर पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्र के पंजीकृत वास्तविक लाभार्थियों में पुष्टाहार की पहुंच सुगम होगी। उन्होंने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रतिभा सिंह के निर्देशन में पोषण ट्रेकर एप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से कार्य करने का एक दिवसीय प्रशिक्षण निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार उत्तर प्रदेश लखनऊ से नामित प्रशिक्षक विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मौर्य ने बताया कि शीघ्र ही इन मास्टर ट्रेनर के माध्यम से पूरे जनपद की आगनवाड़ी कार्यकत्री को इस नए ऐप का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिससे लाभार्थियों का सत्यापन आसानी से होगा एवं पोषाहार वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण कराये जाने का उद्देश्य आंगनबाड़ी केन्द्रों के लाभार्थियों गर्भवती, धात्री 07 माह से 03 वर्ष एवं 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों में पुष्टाहार वितरण को और पारदर्शी बताया जायेगा। कार्यशाला में आगरा मण्डल के समस्त जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता: फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार वितरण को और पारदर्शी बनाया जाएगा।
लाभार्थियों की पहचान: पोषण ट्रेकर एप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्र के पंजीकृत वास्तविक लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
प्रशिक्षण: कार्यशाला में आगरा मण्डल के समस्त जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।
: आज मनाया जाएगा कृमि मुक्त दिवस, खिलाई जाएगी अल्बेंडाजोल की दवा
Sun, Feb 9, 2025
एक से 19 वर्ष तक के 23.18 लाख बच्चों व किशोरों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े निकालने की दवा
14 फरवरी को चलेगा मॉप अप राउंड, जिसमें दवा खाने से छूटे हुए बच्चों को किया जाएगा आच्छादित
आगरा I जनपद में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अर्न्तगत एक से 19 वर्ष तक बच्चों व किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए कृमि मुक्त अभियान का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 फरवरी को जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया जाएगा। इसके तहत जिले के निजी एवं सरकारी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को अल्बेंडाज़ोल की गोली खिलाई जाएगी। जो बच्चे बीमारी या अन्य कारणों से छूट जाएंगे उन्हें 14 फरवरी को मॉप-अप राउंड के दौरान दवा खिलाए जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण श्रीवास्तव ने बताया कि एक से 19 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए प्रदेश में वर्ष में दो बार अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 फरवरी ) के अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर कृमि मुक्ति के लिए 23.18 लाख बच्चों व किशोरों को अल्बेंडाज़ोल की गोली खिलाई जाएगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने के बाद उल्टी दस्त या मिचलाने की समस्या हो तो घबराने की बात नहीं है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि कृमि संक्रमण कुपोषण का एक बहुत बड़ा कारण है। पेट के कीड़े संक्रमित व्यक्ति के शरीर से पोषण लेते है , इसके कारण अच्छा पौष्टिक भोजन देने के बाद भी बच्चा कुपोषित रहता है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधिकारियों से अभियान में सहयोग करने व जनपदवासियों से बच्चों को अभियान के दौरान दवा खिलाने की अपील की है, कृमि मुक्ति अभियान बच्चों को स्वस्थ रखने की दिशा में एक कदम हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग महत्वपूर्ण है।
जिला सामुदायिक प्रक्रिया समन्वयक डॉ. विजय सिंह ने बताया कि इस अभियान को आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्कूलों के सहयोग से चलाया जायेगा। 01 से 05 वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों को, 6 से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों, ईट भट्टों पर कार्य करने वाले और घुमन्तू लाभार्थियों को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों के माध्यम से और किशोर जुबेनाइल होम में प्रभारी अधीक्षक के माध्यम से 06 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
डीसीपीएम ने बताया कि अभियान के बाद 14 फरवरी को जनपद में मॉप अप राउंड चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर कृमि मुक्ति दिवस के दिन जो लाभार्थी अनुपस्थित रहने या किन्हीं अन्य कारणों से दवा खाने से वंचित रह जायेंगे। उनकी सूची तैयार कर मॉप अप राउंड में दवा खिलाई जाएगी।
यह हैं कृमि मुक्ति के फायदे :
रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि
स्वास्थ्य और पोषण में सुधार
एनीमिया नियंत्रण
समुदाय में कृमि व्यापकता में कमी
सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधा
: 200 बस्तियों में स्वास्थ्य विभाग डेंगू-मलेरिया से बचाव के प्रति करेगा जागरुक
Thu, Feb 6, 2025
सीएमओ ने जागरुकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जागरूकता वाहन से लोगों को डेंगू व मलेरिया के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी
डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए सावधानियां बरतने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें
आगरा । जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सहयोगी संस्था फैमिली हेल्थ इंडिया, एंबेड परियोजना के द्वारा कम्युनिटी अवेयरनेस ड्राइव अभियान चलाया जाएगा। छह से नौ फरवरी तक चलने वाले चार दिवसीय स्पेशल ड्राइव का शुभारंभ बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएमओ कार्यालय से जागरुकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सीएमओ ने बताया कि इस चार दिवसीय कम्युनिटी अवेयरनेस ड्राइव के माध्यम से आगरा की 200 बस्तियों में मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू-मलेरिया से बचाव के प्रति जागरुक किया जाएगा। इन बस्तियों में जागरुकता वाहन जाकर मच्छरों से बचाव का संदेश देगा। वाहन में लाउडस्पीकर और जागरुकता पोस्टर लगाए गए हैं, जो लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के प्रति जागरुक करेंगे। इस वाहन का उद्देश्य लोगों को डेंगू और मलेरिया के बारे में जानकारी देना और उन्हें इन बीमारियों से बचाव के लिए सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने ने बताया कि वाहन में डेंगू और मलेरिया के लक्षणों, उपचार और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी ।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि स्पेशल ड्राइव के दौरान लोगों के बीच यह संदेश दिया जाएगा कि अपने छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। प्रत्येक सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपम्प के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। इसके लिए अपने आस-पास मच्छरों को न पनपने दें। अपने घर में या घऱ के आसपास गमलों में, टायरों में, गड्ढों में पानी को जमा न होने दें। डेंगू व मलेरिया गंभीर बीमारी है जो मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता भी लोगों को जानकारी दे रही हैं । मलेरिया के मच्छर रात के समय काटते हैं और इसके लक्षणों में बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। उन्होंने लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरे कपड़े पहनने, मच्छरद्वेषी क्रीम का उपयोग करने और पानी जमा न होने दें।
वाहन को रवाना करने के दौरान एंबेड परियोजना के सिटी कोऑर्डिनेटर मो. इरशाद खान, प्रोग्राम एसोसिएट कृष्णकांत सविता, बीसीसीएफ सहित मलेरिया इंस्पेक्टर मौजूद रहे।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार
त्वचा पर चकत्ते
तेज सिर दर्द
पीठ दर्द
आंखों में दर्द
मसूड़ों से खून बहना
नाक से खून बहना
जोड़ों में दर्द
उल्टी
डायरिया
मलेरिया के गंभीर लक्षण
गंभीर बुखार, मलेरिया का गंभीर बुखार बहुत खतरनाक हो सकता है
अनियंत्रित कंपकंपी, मलेरिया में अनियंत्रित कंपकंपी बहुत खतरनाक हो सकती है
सांस लेने में परेशानी, मलेरिया में सांस लेने में परेशानी हो सकती है
दिल की समस्या, मलेरिया में दिल की समस्या हो सकती है
किडनी की समस्या, मलेरिया में किडनी की समस्या हो सकती है