: यूपीएचसी जीवनीमंडी पर हुआ मॉडल इम्युनाइजेशन सेन्टर का शुभारंभ
Sat, Apr 26, 2025
खेलते-खेलते बच्चों को लग जाएगा टीका
जनपद में शुरु हुआ पहला मॉडल इम्युनाइजेशन सेंटर
आगरा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) जीवनीमंडी पर शनिवार को जनपद के पहले मॉडल इम्युनाइजेशन सेंटर (एमआईसी) का शुभारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ अरुण श्रीवास्तव ने फीता काटकर एमआईसी का उद्घाटन किया। एमआईसी पर खुशनुमा वातावरण में गुणवत्तापूर्ण ढंग से बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, यहां पर बच्चों के खेलने की भी सुविधा होगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एमआईसी का उद्देश्य चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण में उत्कृष्ट टीकाकरण सेवाओं की प्रदायगी तथा लाभार्थियों को समृद्ध अनुभव की अनुभूति प्रदान किया जाना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में यूपीएचसी लोहामंडी द्वितीय पर भी एमआईसी बनाया जाएगा। एमआईसी बनाने के लिये यूपीएससी का चयन डिलीवरी लोड (प्रसव) की संख्या के आधार पर फैसिलिटी का चयन किया गया है।उक्त फैसिलिटी में पहले टीकाकरण, कोल्ड चेन प्वॉइंट की सुविधा और प्ले एरिया, टीकाकरण कक्ष और प्रतीक्षालय के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है।
यूपीएचसी जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि मॉडल टीकाकरण केन्द्र में पहले बच्चों को आराम से स्टेनलेस स्टील चेयर पर बिठाया जाएगा। फिर उन्हें खेलने के लिए खिलौना भी दिया जाएगा। जब बच्चे खिलौना खेलने में मशगूल हो जाएंगे तो उन्हें टीका लगा दिया जाएगा। वह भी इस ढंग से कि उन्हें दर्द का एहसास ही ना हो।
इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ॰ महिमा चतुर्वेदी, जे.एस.आई संस्था के प्रोग्राम ऑफिसर नितिन खन्ना, यूनिसेफ के डीएमसी राहुल कुलश्रेष्ठ, यूपी-टीएसयू से मोना सिंह और यूपीएचसी जीवनीमंडी का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
सीएमओ ने परखे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के कार्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण श्रीवास्तव ने शनिवार को नगला धनी क्षेत्र में जाकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों को परखा। उन्होंने दस्तक अभियान में आशा मधु द्वारा किए गए कार्यों का फीडबैक लिया। इसके साथ ही एंटी लार्वा व फॉगिंग के कार्यों की भी जानकारी ली। क्षेत्र में सीएमओ को कार्य संतोषजनक मिला।
: डिप्थीरिया से बचाव को चलेगा टीकाकरण अभियान
Thu, Apr 24, 2025
24 अप्रैल से 10 मई तक स्कूलों में जाकर किशोर-किशोरियों को लगाए जाएंगे टीके
गलघोटूं(डिप्थीरिया) व टिटनेस के लगाए जाएंगे टीके
आगरा। बढ़ते हुए डिप्थीरिया के मामलों को देखते हुए जनपद में 24 अप्रैल से 10 मई तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसमें जनपद के सभी ब्लाक एवं शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर कक्षा पांच (10 साल के बच्चे) एवं कक्षा 10 (16 साल के बच्चे) के बच्चों को टीडी का टीका लगाया जाएगा।
मुख्या चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि हर साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच विश्व टीकाकरण सप्ताह मनाया जाता है। इसके तहत जनपद में 24 अप्रैल से 10 मई के बीच में स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान चलेगा। उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया (गलघोंटू) एक संक्रामक बीमारी है जो कि बैक्टीरिया के कारण होती है। इसलिए सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में अभियान चलाकर बच्चों को टीका लगाया जायेगा। इस अभियान में शिक्षा विभाग सहयोग कर रहा है इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता और एएनएम को भी निर्देश दिए गये हैं कि शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर टीडी टीकाकरण से पहले अभिभावकों को मोबिलाइज करें। इसके अलावा टीकाकरण के बाद यदि कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया होती है तो उसके प्रबन्धन का इंतजाम भी टीकाकरण स्थल पर किया गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.उपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान सभी विद्यालयों में कक्षा पांच में पढ़ने वाले बच्चों का टीडी-10 का और कक्षा 10 के बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया जायेगा। कुल 3676 विद्यालय के कक्षा-5 के 70893 व कक्षा-10 के 49235 बच्चों को टीडी के टीके लगाए जाएंगे।
डीआईओ ने बताया कि डिप्थीरिया का बैक्टीरिया नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। संक्रमण के दो से चार दिनों के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यह बीमारी बच्चों को ही नहीं वयस्कों को भी प्रभावित करती है।
डिप्थीरिया के लक्षण
डिप्थीरिया के लक्षण हैं, बुखार,जुकाम, सर दर्द, नाक का बहना, गले की ग्रंथियों में सूजन, कमजोर और कब्ज।
डिप्थीरिया से बचाव के उपाय
इस बीमारी से बचाव का उपाय है टीकाकरण। डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह में पेंटावेलेंट का टीका लगवाना। इसके बाद 16 से 24 माह और पांच से सात वर्ष की आयु के बीच में डीपीटी का बूस्टर लगवाना। इसके अलावा 10 और 16 साल की आयु में टीडी का टीका लगवाना ।
: कार्य व निजी जीवन में संतुलन के लिए जरूरी है 'वर्तमान में जीना'
Thu, Apr 17, 2025
मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवें दिन ‘फीलिंग्स माइंड्स’ संस्था ने आयोजित की कार्यशाला
डॉ. चीनू अग्रवाल ने बताए ‘माइंडफुलनेस’ के सूत्र, छत्तीसगढ़ से आईं स्वाति जैन ने कराया अभ्यास
शुक्रवार को 'फूड फॉर मेंटल हेल्थ' पर होगी विशेष कार्यशाला
आगरा। बीते हुए कल की यादें और आने वाले कल की चिंताएं हमें वर्तमान से दूर कर रही हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारे कार्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। ‘वर्तमान में जीना’ कैसे सीखें और कार्य व निजी जीवन में संतुलन कैसे स्थापित करें—इन्हीं विषयों पर गुरुवार को फीलिंग्स माइंड्स संस्था के सात दिवसीय मेंटल हेल्थ कार्निवल के पांचवे दिन एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
विमल विहार, सिकंदरा-बोदला रोड स्थित संस्था कार्यालय पर आयोजित इस कार्यशाला में संस्था की संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ. चीनू अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सफलता की चाह में संतुलन बिगड़ जाता है। कार्यक्षेत्र में सफलता पाने वाले अक्सर निजी जीवन में असफल रहते हैं और इसके विपरीत भी होता है। जबकि यदि दोनों क्षेत्रों में संतुलन हो, तो व्यक्ति अधिक रचनात्मक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
डॉ. चीनू अग्रवाल ने ‘माइंडफुलनेस’ की प्रक्रिया को साझा करते हुए बताया कि यह ध्यान की एक ऐसी विधि है, जो की अति प्राचीन है। इस विधा का उल्लेख विज्ञान भैरव तंत्र में किया गया है जिसमें भगवान शिव ने पार्वती जी को इस विधा के बारे में जानकारी दी है। माइंडफुलनेस में व्यक्ति को ‘यहाँ और अब’ में जीने की कला सिखाई जाती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस, बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ से पधारीं पैरेंटिंग कोच स्वाति जैन ने कहा कि बच्चों की तरह जिज्ञासु और निर्णयों में सहज बने रहना हमें वर्तमान से जोड़ता है। उन्होंने उपस्थित एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को ‘माइंडफुलनेस मेडिटेशन’ का अभ्यास भी कराया।
मुख्य अतिथि डॉ. सत्य सारस्वत ने साझा किया कि वे लंबे समय से कान में सीटी बजने की समस्या से पीड़ित थे। परंपरागत इलाज से राहत न मिलने पर उन्होंने डॉ. अग्रवाल के मार्गदर्शन में माइंडफुलनेस का अभ्यास शुरू किया, जिससे उन्हें आश्चर्यजनक लाभ मिला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीति सारस्वत ने कहा कि जब मन संतुलन में होता है, तो उसकी शांति चेहरे पर भी झलकती है और पारिवारिक जीवन भी शांतिपूर्ण रहता है।
संस्था के सह-संस्थापक डॉ. रविंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को कार्निवल के छठवें दिन ‘फूड फॉर मेंटल हेल्थ’ विषय पर सायं 4:30 बजे से विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के लिए आहार और खाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।