: आगरा बनेगा फूड प्रोसेसिंग का हब: चैंबर के विशेष सत्र में उठी आवाज़
Tue, Jun 10, 2025
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अनुदान और तकनीकी नवाचार पर हुआ मंथन
होटल होली डे इन में चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा आयोजित हुआ विशेष सत्र
आगरा। चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा होटल होली डे इन में "खाद्य प्रसंस्करण, सरकारी नीतियां एवं अनुदान" विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आगरा में फूड प्रोसेसिंग उद्योग की संभावनाओं, सरकारी योजनाओं और तकनीकी नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, चैंबर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत, महासचिव अनुज सिंघल, संरक्षक अजय अग्रवाल, सुभाष चंद्र गोयल, राजेश अग्रवाल, आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के राजीव बंसल, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अनिल शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
उपाध्यक्ष आशीष गर्ग ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि संस्था लंबे समय से सरकार के समक्ष आगरा के फूड प्रोसेसिंग उद्योग की जरूरतों को रखती आ रही है। अब समय आ गया है कि उद्योग तकनीकी विशेषज्ञता और सरकारी योजनाओं को साथ लेकर एक नई उड़ान भरे।
अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि आगरा से निर्यात होने वाले उत्पादों में फूड प्रोसेसिंग का बड़ा योगदान हो सकता है। हमें वैश्विक बाजार की मांग को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने होंगे।
संरक्षक अजय अग्रवाल ने कहा कि यह विडंबना है की प्रतिभाएं शहर से पलायन करती हैं। हमारे आगरा में संभावनाओं की कमी नहीं है बस आवश्यकता है उचित सोच को आकार मिलने की। यदि युवा सोच अपने शहर में रहकर ही अवसर मिलने पर अपने कौशल को रूप देगी तो देश की आर्थिक उन्नति में भरपूर योगदान देगा।
होटल होलीडे इन में आयोजित चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते भुवेश अग्रवाल, राजकुमार भगत, अनुज सिंघल, विष्णु कुमार गोयल, अजय अग्रवाल, सुभाष चंद्र गोयल, राजेश अग्रवाल, दिनेश राठौड़, टीएन अग्रवाल, विजय गुप्ता, राजीव बंसल, राकेश चौहान, अनिल शर्मा, मनीष अग्रवाल।
सरकारी अनुदान योजनाओं पर विस्तृत जानकारी
अनुदान विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू हैं। सौर ऊर्जा के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जो उद्योगों की ऊर्जा लागत को काफी कम कर सकता है। उन्होंने बताया कि मेगा फूड पार्क, फिश प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक फूड, रेडी टू ईट, और रेडी टू कुक उत्पादों के लिए भी विशेष अनुदान उपलब्ध हैं। एमएफपीएस मेगा फूड पार्क स्कीम) के अंतर्गत क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।रेफ्रिजेरेशन वैन, हाईजीनिक पैकेजिंग मशीनें, फूड सेफ्टी ऑडिट, और एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन जैसे कई मदों में सरकार द्वारा सब्सिडी या प्रतिपूर्ति सहायता दी जा रही है। उन्होंने आगरा की प्रमुख फसल जैसे आलू, दूध, तेल और मसालों के क्षेत्र में विशेष संभावनाओं की ओर भी ध्यान दिलाया।
लघु और कुटीर उद्योगों की भूमिका
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि कम लागत में शुरू होने वाले पारंपरिक खाद्य व्यवसाय जैसे पापड़, चिप्स, मंगौड़ी आदि महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए आदर्श हैं। सही मार्केटिंग और ब्रांडिंग के जरिए यह क्षेत्र एक बड़ा आर्थिक आधार बन सकता है।
तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण की आवश्यकता
फूड साइंस एंड ट्रेनिंग सेंटर के प्रधानाचार्य प्रो. बलवीर सिंह ने कहा कि बदलती जीवनशैली और उपभोक्ता की सुविधा को देखते हुए रेडी टू ईट उत्पादों की मांग बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा आगरा के पेठे को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल करना एक सराहनीय पहल है, जिससे कारीगरों को प्रशिक्षण और मार्केटिंग दोनों में मदद मिल रही है।
राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षक लोकेश सेंगर ने कहा कि फूड इंडस्ट्री में उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा बनाए रखने और वेस्टेज कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना अनिवार्य है।
कार्यक्रम संचालन और उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल 'रावी' ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन महासचिव अनुज सिंघल ने दिया। इस अवसर पर शैलेश अग्रवाल, विकास चतुर्वेदी, सिद्धार्थ अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, अपर्राक शर्मा, दिलीप कुमार, अशोक लालवानी, संदीप रस्तोगी, जय अग्रवाल, अमित सिंह आदि उपस्थित रहे।
: डिप्थीरिया से बचाव को चले अभियान में 70,015 छात्र-छात्राओं के लगाए गए टीके
Tue, May 27, 2025
जनपद में गलाघोंटू बीमारी से बचाव व टिटनेस के लिए 24 अप्रैल से दस मई तक चला था अभियान
डिप्थीरिया बैक्टीरिया को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण उपाय है
आगरा। डिप्थीरिया से बचाव के लिए जिले में 24 अप्रैल से 10 मई तक चले विशेष टीकाकरण अभियान में 70,015 छात्र-छात्राओं के टीके लगाए गए हैं। 3341 स्कूलों को कवर करते हुए बच्चों को टीडी का टीका लगाकर रोग से सुरक्षित किया गया ।
मुख्या चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 24 अप्रैल से 10 मई के बीच में स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान चलाया गया। इसमें 3341 स्कूलों में टीमों ने जाकर डिप्थीरिया (गलघोंटू) जैसी संक्रामक बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए टीकाकरण किया। सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में अभियान चलाकर बच्चों को टीका लगाया गया। अभियान में डीआईओएस और बीएसए का सहयोग लिया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को टीका लगाया। टीडी-10 का टीका 52674 और टीडी-16 का टीका 17341 छात्र-छात्राओं को लगाया है। डीआईओ ने बताया कि डिप्थीरिया का बैक्टीरिया नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। संक्रमण के दो से चार दिनों के बाद ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यह बीमारी बच्चों को ही नहीं वयस्कों को भी प्रभावित करती है।
डीआईओ ने बताया कि डिप्थीरिया बैक्टीरिया को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता और साफ-सफाई बहुत महत्वपूर्ण है। अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं, खासकर खाने से पहले और शौचालय जाने के बाद। इसके अलावा, अपने आसपास के वातावरण को साफ और स्वच्छ रखें।
डिप्थीरिया के लक्षण-
डिप्थीरिया के लक्षण हैं, उच्च बुखार, जुकाम, सर दर्द, नाक का बहना, गले में सूजन, गले में खराश, गले में एक ग्रे या सफेद परत, कमजोरी यदि आपको या आपके किसी परिचित को इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करके चिकित्सा सलाह अवश्य लें।
डिप्थीरिया से बचाव के उपाय-
इस बीमारी से बचाव का उपाय है टीकाकरण। डेढ़ माह, ढाई माह, साढ़े तीन माह में पेंटावेलेंट का टीका लगवाना। इसके बाद 16 से 24 माह और पांच से सात वर्ष की आयु के बीच में डीपीटी का बूस्टर लगवाना। इसके अलावा 10 और 16 साल की आयु में टीडी का टीका लगवाना ।
: मनपसंद साधन चुनें, परिवार नियोजन में भागीदार बनें
Tue, May 20, 2025
आज मनाया जाएगा खुशहाल परिवार दिवस
गर्भनिरोधक साधन अपनाने से खुशहाल होता है परिवार
आगरा । परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत समुदाय में परिवार नियोजन के बारे में जागरूकता लाने तथा स्वीकार्यता बढ़ाने को लेकर जनपद में हर माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाया जाता है। सभी शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य इकाइयों पर खुशहाल परिवार दिवस का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस में लक्ष्य दंपत्ति को परिवार नियोजन की सेवा एवं परामर्श दिया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थाई साधनों को अपनाने के लिये प्रेरित किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों के बारे में शिक्षित करना हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लक्ष्य दंपत्ति से अपील करते हुए कहा है कि अगर आपका परिवार पूरा हो गया है और आपको बच्चा नहीं चाहिए तो खुशहाल परिवार दिवस के अवसर पर नजदीकी स्वास्थ्य इकाई में जाकर अपना मनपसंद साधन चुनें और परिवार नियोजन में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के प्रति आसपास के लोगों को भी जागरूक करने में सहयोग करें क्योंकि गर्भनिरोधक साधन को अपनाने से परिवार स्वस्थ और खुशहाल बनता है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस पर ऐसी महिलाएं जिनका प्रसव विगत एक वर्ष में हुआ है और वह उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली (एचआरपी) की श्रेणी में रही हैं, नव विवाहित दम्पति जिनका विवाह विगत एक वर्ष में हुआ हो ,योग्य दंपत्ति जिनके तीन या उससे अधिक बच्चे हों, ऐसे लोगों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के बारे में जागरूक किया जाएगा। परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि परिवार नियोजन के काउंसलर खुशहाल परिवार दिवस पर आने वाले दम्पति व अन्य लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे जानकारी देते हुए उन्हें इसे अपनाने के लिये प्रेरित करेंगे। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। खुशहाल परिवार दिवस पर परिवार नियोजन के बास्केट ऑफ च्वॉइस, स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी, भ्रांतियों को दूर करने, सेवाओं की उपलब्धता ,स्वीकार्यता ,प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने अपील करते हुए कहां है कि खुशहाल परिवार दिवस पर परिवार नियोजन के साधनों को अपनाकर अपने परिवार को स्वस्थ बनाएं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज ने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस का उद्देश्य परिवार नियोजन के महत्व को बढ़ावा देना और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना है। इस दिवस के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जानकारी दी जाती है और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लक्ष्य दंपत्ति के परिवारों को छोटा व स्वस्थ रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
खुशहाल परिवार दिवस के मुख्य उद्देश्य
परिवार नियोजन के महत्व को बढ़ावा देना।
लोगों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जागरूक करना।
परिवारों को छोटा और स्वस्थ रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना।
परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना।