: डांडिया उत्सव में धुनुची नृत्य संग घूमर और गरबा की भी रही धूम
Sun, Oct 13, 2024
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नेहरू नगर क्लब द्वारा डांडिया उत्सव में 101 दीपों से हुई मां दुर्गा की आरती
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पश्चिम बंगाल के धुनुची नृत्य रहा आकर्षण का केन्द्र, हुआ 32 फुट का रावण दहन
आगरा। जगमग रोशनी से सजे सजे नेहरू नगर क्लब में आज भगवान राम और मां दुर्गा की भक्ति के रंग बिखरे थे। डांडिया नाइट में जहां 101 सदस्याओं द्वारा दीपों को हाथ में लेकर मां दुर्गा की विशेष आरती की गई। वहीं दोनों हाथों में दीप लिए पश्चिम बंगाल के धुनुची नृत्य और गरबा की भी धूम रही। वहीं दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में 32 फुट केे रावण दहन के साथ हर ओर जयश्रीराम के जयकारे गूंजने लगे। असत्य पर सत्य और भगरान राम की जीत की खुशी में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप मिष्ठान वितरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल व मेयर हेमलता दिवाकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत नेहरू नगर क्लब के संस्थापक सतीश गुप्ता व रोड बड क्लब की अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने किया। गायिका सुजाता शर्शा ने संगीत के स्वरों को गरबा की गीतों में पिरोकर बिखेरा तो हर तरफ संगीत की सुरमयी मस्ती घुल गई।
सर्वप्रथम गणेश वंदना और उसके बाद डांडिया उत्सव के रंग बिखरे तो कार्यक्रम में मौजूद अतिथि भी नृत्य करने को उठ खड़े हुए। हो शुभारम्भ मंगल घड़ी आई…,आज राधा का श्याम याद आ गया…, उड़ी उड़ी जाए दिल की पतंग…, घूंघट में चांद होगा, आंचल में चांदनी…, जैसे गीतों पर डांडिया उत्सव को खूब इंजाय किया। अंत में 32 फुट के रावण का दहन कर सभी को प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कार्यक्रम संयोजक महेश सिंघल, अध्यक्ष नवल सिंघल, संरक्षक सुधीर गुप्ता व पंकज गर्ग, रोज बड क्लब की अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, मिली अग्रवाल, अर्चना सिंघल, प्रभा अग्रवाल, नीतू सिंघल, उपमा अग्रवाल, डिम्पल सिंघल, शालिनी अग्रवाल, पूनम शर्मा, रूबी गर्ग, रिंकी गर्ग आदि उपस्थित थीं।
13 अक्टूबर को नेहरू नगर क्लब द्वारा नेहरू नगर पार्क में शाम 7 बजे से आयोजित भजन संध्या को कानपुर के गायक संदीप मस्ताना अपनी सुरमयी आवाज से सजाएंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठजनों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।
: 12 अक्टूबर को धूमधाम से निकलेगी दशहरा शोभायात्रा
Thu, Oct 10, 2024
आगरा। 12 अक्टूबर को प्राचीन मंदिर श्रीरामचंद्र जी महाराज, जटपुरा से दशहरा शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली जाएगी। इसके लिए दशहरा शोभायात्रा आयोजन समिति मंदिर श्री रामचंद्र जी महाराज जटपुरा खातीपाड़ा लोहामंडी आयोजन समिति का शपथ ग्रहण समारोह लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित किया गया। दशहरा शोभायात्रा के आमंत्रण पत्र का विमोचन कर पदाधिकारियों ने शोभायात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा में लगभग 60 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। बैंड बाजों संग धूमधाम से दशहरा शोभायात्रा सायं 5 बजे श्रीराम चंद्र मंदिर से प्रारम्भ होकर न्यू राजामंडी, तोता का ताल, बल्देवगंज, लोहामंडी बाजार, राजामंडी बाजार होती हुई सेंट जोंस चैराहे पर पहुंचेगी। जहां 80 फुट ऊंचे रावण का श्रीराम द्वारा वध किया जाएगा। शोभायात्रा में सबसे आकर्षक श्रीराम व रावण की सेना में बीच युद्ध करते वानर व राक्षसों की झांकी होगी। 14 अक्टूबर को राजगद्दी कार्यक्रम का आयोजन अग्रसेन वाटिका बोदला में किया जाएगा। संचालन महामंत्री राजपाल यादव ने किया।
अध्यक्ष विनय अग्रवाल, महेन्द्र खंडेलवाल, राहुल चतुर्वेदी, कार्यकारी अध्यक्ष तरुन सिंह, हेमन्त प्रजापति, राजगद्दी प्रभारी कुमार गुरु कपूर, सर्व व्यवस्था प्रमुख रामदास कटारा, दीपक अग्रवाल, प्रेमा वर्मा, विक्रांत सिंह, दीपक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, मौनी पारीक, टीटू पंडित, शिवम मिश्रा, उपाध्यक्ष अजय जैन, अरिहंत जैन, नवयुवक मण्डल संयोजक दीपक सिंह, रोहित शर्मा, संतोष अग्रवाल, तुषार दीक्षित, मुकेश राजपूत, लिली गोयल, आशीष जैन, हर्ष यादव, पंकज कुमार, देव शर्मा, शुभम सिंह, पुष्पेन्द्र चैधरी ने अपने पद की शपथ लेकर शोभायात्रा की जिम्मेदारियों को सम्भाला।
: आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया..सीता राम विवाह प्रसंग में विदाई पर सजल हुए नेत्र
Thu, Oct 10, 2024
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही श्रीमनःकामेश्वरनाथ राम लीला में सीता जी की विदाई के बाद हुई कोपभवन लीला
कन्यादान प्रसंग देख भावुक हुए भक्त,कैकई−मंथरा और कैकई−दशरथ संवाद सुन द्रवित हुआ हृदय
आगरा। विधि विधान संग संपन्न हुआ श्रीराम और सीता सहित चारों भाइयों का विवाह। मंगल गीतों और विवाह की उमंग से चहकती मिथिला नगरी विदाई की घड़ी आते ही सजल हो उठी।
वर−वधू की शाेभा जहां हृदय को उत्साहित कर रही थी तो वहीं विछोह की पीड़ा हृदय द्रवित कर रही थी। दिगनेरवासियों को निज पुत्री की विदाई से अधिक कष्टकारी पीड़ा हाे रही थी जनकनंदिनी की विदाई की बेला में।
बुधवार को गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर स्थित श्रीमनः कामेश्वरनाथ राम लीला के सातवें दिन सीता राम विवाह, कैकई− मंथरा और कैकई संवाद लीला का मंचन कलाकारों ने किया। लीला प्रसंग में प्रिय पुत्र श्रीराम का वधू सहित अन्य पुत्रों का माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई ने अयोध्या नगरी आगमन पर भव्य स्वागत किया। उन्हें हृदय से लगाया किंतु राजा दशरथ ने श्रीराम के राज्याभिषेक की घाेषणा की तो आनंद के क्षणाें को जब मंथरा के शब्दों ने भेद दिया। दूसरों की बातों में आना कितना भंयकर परिणाम दे सकता है ये सीख इस प्रसंग में मिली। मंथरा का मंतव्य न समझ कैकई ने कोप भवन लीला रची और अपने पति राजा दशरथ को वचनों के बंधन में बांध दिया। एक पिता और पति राजा दशरथ जब भाव युद्ध में फंसे तो हर आंख भर आई।
कैकई राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राजगद्दी के वर मांगती है। राजा दशरथ विनती करते हैं कि राम को वनवास देने का वर मत मांगों। किंतु कैकई कहती है कि ठीक है राजन अपने वचन से मुकर जाओ। राजा दशरथ कहते हैं रघुकुल रीत सदा चली आईा, प्राण जाएं पर वचन न जाई…। इसी प्रसंग के साथ जब लीला का समापन होता है तो हर श्रद्धालु का हृदय व्याकुल हो उठता है।
लीला आरंभ से पूर्व श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने स्वरूपों और श्रीराम चरित मानस जी की आरती उतारी। लीला मंचन कर रहे श्रीकिशाेरी रास एवं राम लीला संस्थान के गोविंद मिश्र ने बताया कि गुरुवार को राम वनवास, केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत आगमन लीला होगी।