: श्रीजगन्नाथ जी ने चंदुआ धारण कर स्वर्ण भेष में दिए दर्शन
Thu, Jul 18, 2024
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कल होगा अधार्पण, शमशानों में जाएगा भगवान का भोग, देवशयनी एकादशी पर वर्ष में एक बार होने वाले भगवान के चरणों व हाथों के भी हुए दर्शन
आगरा। आज देवशयनी एकादशी पर श्रीजगन्नाथ भगवान में चंदुआ (मुकुट) धरण किया। स्वर्ण भेष में बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग भक्तों को दर्शन दिए। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में वर्ष में एक बार देवशयनी एकादशी के दिन भगवान के चरण व हाथों के दर्शन कर हर भक्त का मन भक्तिभाव से भर गया। संध्या आरती से पूर्व हरे राम हरे कृष्णा… का कीर्तन हुआ। सामान्य तौर पर सिर पर पगड़ी धरण करने वाले श्रीजगन्नाथ भगवान आज चंदुआ (मुकुट) धरण किए थे।
श्रीजगन्नाथ मंदिर कमला नगर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि मान्यता है कि रथयात्रा के बाद अपने मौसी के घर से लौटे भगवान ने देवशयनी एकादशी के दिन उन सभी उपहरों को धारण किया, जो उन्हें मौसी के घर से मिले थे। इसी मान्यतानुसार भगवान के स्वर्ण भेष में श्रंगार किया जाता है। गोल्ड प्लेटेट चांदी के आभूषण, स्वर्ण रंग का पोशाक से आज भगवान को श्रंगारित किया गया। वर्ष में एक दिन देवशयनी एकादशी के दिन भगवान के चरण व हाथों के भी दर्शन होते हैं। 18 जुलाई को अधार्पण होगा, जिसमें भगवान का प्रसाद शमशानों में भूत प्रेतों के लिए भेजा जाता है।
अरविन्द प्रभु ने बताया कि भगवान सभी का ध्यान रखते हैं। इसलिए कल का भोग हड़िया में लगाया जाएगा। जिसे भूत प्रेतों के लिए शमशान भेजा जाता है। आज के दिन धरण की पोशाक को भगवान दोबारा धारण नहीं करते। इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेन्द्र अग्रवाल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, संजीव मित्तल, सुनील मनचंदा, सुशील ग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विपिन अग्रवाल, राजीव मल्होत्रा, सूरज प्रभु, देव केशव दास, हर्ष खटाना, अनिल गुप्ता, शास्वत नंदलाल दास, अलंकार दास, ललित माधव दास, शंभु प्रभु आदि उपस्तित थे।
बैंगन के व्यंजनों का लगा भोग
श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) कमला नगर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि कल दशमी के दिन बैंगन दशमी पर बैंगन के विभिन्न व्यंजनों के प्रसाद लगाया गया। जिसमें बैंगन की पूड़ी, बैंगन की रोटी, बैंगन की कचैड़ी, बैंगन का मीठा व नमकीन रायता, बैंगन का भाजा, बैंगन की रसे की सब्जी, दूध के साथ बनी बैंगन की मिठाई जैसे कई व्यंजन थे। बैंगन दशमी के बाद से चार माह (सावन, भादों, क्वार, कार्तिक) तक पत्तेदार व बैंगन की सब्जी नहीं खाई जाती है।मौसम में कीड़े इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। बैंगन व पत्तेदार सब्जियों में बरसात के मौसम में कीड़े होने व पाचन में दिक्कत होने से इन्हें चार माह के लिए त्यागा जाता है।
: देवशयनी एकादशी पर आमों से सजा खाटू नरेश का दरबार, उमड़ा आस्था का सैलाब
Thu, Jul 18, 2024
आगरा। देवशयनी एकादशी पर जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। देर रात्रि तक भक्तों ने श्याम बाबा के अलौकिक रूप के दर्शन किये। श्रीखाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट की ओर से आम का मनोरथ रखा गया जिसमें मंदिर में चारों ओर फलों के राजा आम की खुशबू और सुंदरता बिखरी हुयी थी।
जीवनी मंडी स्थित श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में देवशयनी एकादशी पर हुए आम मनोरथ के दर्शन।
बुधवार को देवशयनी एकादशी के अवसर पर श्रीखाटू श्याम जी मंदिर में पूरे दिन भक्तों के लिए पट खुले रहे। वर्ष की 24 एकादशी व्रत में प्रमुख देवशयनी एकादशी पर भक्तों की आस्था का ज्वार देखते ही बन रहा था। दूर तक लंबी कतार ही कमार नजर आ रही थीं।
श्रीखाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने बताया कि देवशयनी एकादशी पर भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गयी थीं। आम मनोरथ के दर्शन के लिए भक्त का उत्साह देखते ही बन रहा था।
सचिव संजय अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विकास गोयल ने बताया कि गुरुवार को बारस पर बाबा की जोत के दर्शन होंगे। मान्यता है पवित्र जोत के दर्शन मात्र से सभी पाप कर्म दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर में शयन काल तक बाबा के भजनों की स्वरलहरियां गूंजती रहीं।
: सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ का शुभारंभ हुआ
Wed, Jul 17, 2024
आगरा l श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एंक्लेव, कमला नगर, आगरा में आज सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन के श्री आदिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ l सिद्ध चक्र विधान के अंतर्गत आज बाल ब्र. सुनील भैया जी (इंदौर) ने बताया की सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धो की आराधना की जाती है सिद्ध भगवान आठ कर्मो से रहित होते है संसारी जीव कर्मो के चक्र में फ़सकर दुखी होता है और वह संसार में भटकता रहता है प्रभु की आराधना प्रभु बनने के लिए की जाती है भगवान की भक्ति कभी वेकार नहीं जाती यदि नारकी जीव भी भगवान की भक्ति करता पशु पक्षी भी करते है देवता भी करते है किसकी भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती भक्ति में श्रद्धा जयादा और प्रर्दशन कम होना चाहिये श्रद्धा हनुमान जी की तरह होनी चाहिये श्री राम के प्रति पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था समर्पण का नाम ही श्रृद्धा है, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा भक्ति करते रहो एक ना एक दिन प्रभु ज़रूर मिलेंगे l आज विधान मे 128 अर्घ् चढ़ाये गए l ये अर्घ् 128 अर्घ कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाये जाते है l आज पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया l संगीतमय विधान में रामकुमार पार्टी भोपाल से पधारे संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इन्द्रो और इन्द्रणीयो को झूमने पर मजबूर कर देते हैं ।
विधान मे बैठने वाले जगदीश प्रसाद, अभिषेक जैन सुभाष जैन, दिनेश जैन, अमित जैन, मुकेश रपरिया, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सहित व्यवस्था समिति शालीमार सहयोग दे रही है l मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि कल श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ सुबह 7 बजे से अभिषेक एवं विधान एवं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे l