आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुर में आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव का विश्राम सोमवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना, व्यास पूजन एवं पंचकुंडीय हवन-पूर्णाहुति का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत ने पूर्णाहुति में सहभागिता कर व्यासपीठ का पूजन किया। कथा आयोजन के विशिष्ट सहयोगी रोहित गर्ग रहे।
कथा के समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ने क्षेत्र में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश प्राप्त हुआ।
मुख्य व्यवस्थापक अरुण उपाध्याय ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हवन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम में महंत अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा, पंकज शास्त्री एवं विकास शर्मा ने पूजन व्यवस्थाओं का संचालन किया। व्यवस्था टीम में विक्रम, आयुष उपाध्याय, हनी कटारा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दैनिक यजमान के रूप में सूरज तिवारी, दीपक गुप्ता, अंबा प्रसाद गर्ग, अपूर्व मित्तल, मनोज बंसल, मनोज अग्रवाल, सचिन सारस्वत एवं योगेंद्र सिंघल ने व्यास पूजन एवं हवन में सहभागिता की।
रात्रि में आयोजित भव्य खाटू श्याम भजन संध्या में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। भजन गायकों ने बाबा श्याम के लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। "हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा", "खाटू बुला लिया, ये करम नहीं तो क्या है", "श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम" तथा "जिसका कोई नहीं जगत में, उसका तू ही सहारा है" जैसे भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। बाबा श्याम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर गोपी गुरु, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, मनोज बंसल, अरविंद गुप्ता, अतुल गुप्ता, विजय रोहतगी, सुमन सुराना आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।