: जय झूलेलाल सेवा संगठन ने गायों के लिए अर्पित किये 56 भोग
Mon, Nov 20, 2023
आगरा। गौ सेवा का धर्म ईश्वर सेवा के धर्म के समान है, ऐसी उत्तम भावना के साथ जय झूलेलाल सेवा संगठन के सदस्यों ने गौचर सेवा का आयोजन बल्केश्वर स्थित गौशाला में किया।
रविवार को जय झूलेलाल सेवा संगठन द्वार गोपाष्टमी के अवसर पर गायों के लिए 56 भोग का आयोजन किया। जिसमे गाय माताओं के लिए चारे और अन्य भोज सामग्री की व्यवस्था की गई। इसमें सिंधी समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने सेवाकर्म में बढ़ चढ़ कर अपनी भागीदारी दी।
संगठन के अध्यक्ष दीपक आतवानी ने बताया की हिंदू धर्म और शास्त्रों में सबसे पवित्र मानी जाने वाली माता समान गायों की सेवा के लिए जय झुलेलाल सेवा संगठन सदैव तत्पर रहता है। वर्ष में कई बार गौ सेवा कार्यक्रम किए जाते हैं।
महामंत्री राजीव नागरानी ने बताया कि संगठन द्वारा वर्षभर किये जाने वाले कार्यक्रमों में से एक यह गौ सेवा कार्यक्रम है जिसमें गौशाला की गायों की भोज सेवा हेतु 56 प्रकार के भोज जैसे चारा, आटा, सब्जियां, फल आदि की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम में सिंधी समाज की युवा पीढ़ी तथा जय झूलेलाल सेवा संगठन के अध्यक्ष दीपक अतवानी, महामंत्री राजीव नागरानी, कोषाध्यक्ष मनीष हरजानी, उपाध्यक्ष शेरू साधवानी, जितेंद्र कुकरेजा, विकास दुल्हानी, कपिल वलेचा मीडिया प्रभारी तरुन कुमार, कमल जुम्मानी, भारत हासानी सह मीडिया प्रभारी, लकी सावलानी, नितिन सुखेजा, विजय खत्री, किशोर थारवानी, सुनील माखीजा ,सुधीर मदान, प्रदीप रामत्री, किशोर मेहता, हितेश तलरेजा, हनी, विजय बुलानी, दिलीप खेमानी, विजय सिंधानी, कपिल पंजवानी, कपिल छाबरा, अंश पंजवानी, अशोक गुरबानी, धीरज वलेचा, जतिन शोभनानी, नरेंद्र राय सिंघानी, जितेन्द्र करीरा, मनोज छाबरा आदि सदस्यों ने गौ सेवा का लाभ उठाया।
https://youtu.be/6Gv7FJeMRcg
: श्रीकृष्ण जन्म पर हुआ शंखनाद, राधे राधे के जयघोष से गूंज उठा लीला स्थल
Sun, Nov 19, 2023
धरा को कंस के अत्याचारों से मुक्त कराने को अवतरित हुए श्रीकृष्ण कन्हाई
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में हुआ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म
आगरा। कंसासुर जाना मन अनुमाना, पूतना वेगी पठाईख तेहि हर्षित धाई, मन मुस्काई गयी जहां यदुराई३स्तुति और हरे कृष्ण, राधे कृष्ण के जयघोष संग शंखनाद से गूंज उठा लीला स्थल।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर आरती करते प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में आयोजित श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में मंचीय आयोजन का आरंभ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म लीला के साथ हुआ। पहले दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का मंचन जैसे ही हुआ जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। ब्रज रज की संस्कृति और अपने तारणहार की भक्ति के रंग से रंगा गौशाला परिसर द्वापरकाल को जीवंत कर रहा है। पहले दिन की लीला के मंचन का शुभारंभ, प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय ने भगवान श्रीनारायण हरि विष्णु के स्वरूपों की आरती उतार कर किया।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
भजन-कीर्तन के बीच हुई आरती से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। रोशनी से जगमग मंच पर परंपरागत वेशभूषा में कलाकारों ने अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ते हुए दर्शकों को आनंदित किया। मंचन में दिखाया गया कि कंस अपनी बहन देवकी का विवाह करके उसे ससुराल पहुंचाने जा रहा था, इसी बीच आकाशवाणी हुई कि देवकी का अष्टम पुत्र कंस का वध करेगा। कंस भयभीत हो गया। वह देवकी को मारना चाहता है, लेकिन दोनों को कारागार में डाल देता है। कंस एक-एक करके देवकी की सात संतानों का वध कर देता है। जब आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लिया तो वासुदेव रात में ही उन्हें नंदबाबा के घर छोड़ आए।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
कंस के अत्याचारा और उमड़ती यमुना ने बांधे दर्शक
लीला मंचन के दौरान जब कंस एक− एक कर देवकी के पुत्रों का वध करता है और फिर श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें टोकरी में लेकर यमुना पार गोकुल लेकर जाते हैं, उस समय उमड़ती यमुना की लहरों के दृश्यों ने दर्शकदीर्घा को बांध कर रखा। श्रद्धालु बस श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी का जाप जहां थे वहीं से कर रहे थे और प्रभु की लीलाओं का आनंद ले रहे थे। राधा विनोद लीला संस्थान, वृंदावन के लीला निर्देशक स्वामी श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया।
ये रहे उपस्थित
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री विजय रोहतगी, कोषाध्यक्ष संजय गर्ग, अशोक गोयल, शेखर गोयल, कैलाश खन्ना, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, विनीत सिंघल, अनूप अग्रवाल, गिर्राज बंसल, प्रवीन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, अमित अग्रवाल, पीके मोदी, केसी अग्रवाल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, प्रभात रोहतगी, संजय गोयल, बृजेश अग्रवाल, पंकज मोहन शर्मा, सुजाता अग्रवाल, सीमा गोयल, मीडिया प्रभारी तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
निकलेगी गौचारण यात्रा
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में सोमवार को सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण-बलराम गौचारण यात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार यह यात्रा गौशाला, वाटर वर्क्स से शुरू होकर जीवनीमंडी, भैरौं बाजार, बेलनगंज चौराहा, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आएगी। शाम को 6.30 बजे गौशाला परिसर में नंदोत्सव एवं पूतना उद्धार की लीला का मंचन होगा। शाम 6 बजे नंद सखा की सवारी बसंत मार्केट, बल्केश्वर चौराहा से शुरू हो कर गौशाला पहुंचेगी।
ये रहेगा लीलाओं के मंचन का क्रम
20 नवंबर− गोपाष्टमी, नंदोत्सव, दीपक नृत्य और पूतना वध
21 नवंबर− डांडिया नृत्य और कालीदह लीला
22 नवंबर− गौमय श्रंगार एवं गोवर्धन पूजा− अन्नकूट प्रसाद
23 नवंबर− शंकरलीला− माखन चोरी, फूलों की होली
24 नवंबर− श्रीकृष्ण लीला− सुदामा मिलन लीला
25 नवंबर− अक्रूर गमन− कंस वध एवं आतिशबाजी।
26 नवंबर−श्रीकृष्ण बलराम की दिव्य शोभायात्रा।
27 नवंबर− द्वारिकापुरी रुक्मणि मंगल विवाह लीला
28 नवंबर− हवन लीला।
: करें एक हाथ से अपना और दूसरे हाथ से समाज का उत्थानः रविंद्र जायसवाल
Sun, Nov 19, 2023
शिवहरे समाज एवं शिवहरेवाणी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ प्रथम निःशुल्क वैवाहिक परिचय सम्मेलन
कलचुरी (वैश्य) शिवहरे समाज के 400 से अधिक युवाओं का हुआ पंजीकरण, दिया गया परिचय
स्टांप पंजीकरण शुल्क राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल बोले, समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य
भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन जी की जयंती पर शहर में पहली बार निकली शोभायात्रा, शामिल हुआ शिवहरे समाज
आगरा। शिवहरे समाज की विशेषता है कि वो एक हाथ से अपने स्वयं के लिए कार्य करता है तो दूसरे हाथ से समाज के उत्थान के लिए कार्यरत रहता है। वैवाहिक परिचय सम्मेलन एकल परिवारों के लिए संयुक्त परिवार की जिम्मेदारी निभाने का करेगा। व्यस्तता के समय में समाज के विकास और महत्वपूर्ण व्यवस्था विवाह के लिए परिचय सम्मेलन आधार की भांति होगा। यह कहना था मुख्य अतिथि स्टांप पंजीकरण शुल्क राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल का।
रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन जी की जयंती के अवसर पर शिवहरे समाज एवं शिवहरेवाणी के संयुक्त तत्वावधान में कलचुरी (वैश्य) निःशुल्क वैवाहिक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। दीप प्रज्जवलन के साथ समारोह आरंभ हुआ। नटरांजलि थियेटर आर्ट के कलाकारों द्वारा गणेश वंदना और श्रीराम स्तुति पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गयी। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल ने परिचय सम्मेलन को सामाजिक उत्थान एवं एकता के लिए महत्वपूर्ण बताया। कहा कि जिस जाति या वर्ग में जन्म हुआ है उसके उत्थान के साथ ही देश के विकास के लिए योगदान देना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि परिचय सम्मेलन से भविष्य के नये जोड़े बनकर निकलेंगे। कलचुरी वैश्य शिवहरे समाज के व्यक्ति सर्वाधिक धार्मिक आयोजनों में योगदान देते हैं। पहली बार आगरा में किया गया ये प्रयास सामाजिक रूप से मिसाल बनेगा। उन्होंने अपने भाषण में प्रदेश सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं, कहा कि परिवार में किसी भी व्यक्ति के संपत्ति नाम करने पर से स्टांप शुल्क हटा दिया गया है। पावर आफ अटार्नी का दुरुपयोग रोकने के लिए सिर्फ रक्त संबंध में ही ये सुविधा लागू की गयी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक विजय शिवहरे ने कहा कि स्वयं को उपनामों या वर्ग में न बांटें बल्कि एकजुट हो गर्व करें कि देश की सवा सौ करोड़ की जनता में शिवहरे समाज 14 करोड़ की जनसंख्या में भागीदारी निभा रहा है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम संयोजक एवं शिवहरेवाणी के संपादक सोम साहू ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी और बताया कि परिचय सम्मेलन पूर्णतः निःशुल्क रखा गया। 300 युवा और 100 युवतियों के पंजीकरण किये गए, जिसमें से दर्जनों बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं। रामसिया विकास गुप्ता ने बताया कि शिवहरे, जायसवाल, राय, चौकसे, गुलहरे, वालिया आदि उपवर्ग शामिल हुए। “परिचय” पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन उदयपुर से आये सूर्य प्रकाश सुहालकर ने किया। आयोजन में राजस्थान, मप्र, दिल्ली, बिहार से लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में योगदान के लिए अल्का सिंह (निदेशक नटरांजलि थियेटर आर्ट) और नमिता वाजपेयी का सम्मान किया गया।
पहली बार निकली सहस्त्रबाहु अर्जुन जी की शोभायात्रा
परिचय सम्मेलन से पूर्व दीवानी चौराहा से भगवान सहस्त्रबाहु की शोभायात्रा निकाली गयी। भारत माता की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर विधायक विजय शिवहरे ने कहा कि भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा विराजित करने के लिए प्रयास किये जाएंगे।
ये रहे कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल
जय नारायण चौकसे, कालका प्रसाद शिवहरे, राजकुमार शिवहरे, रविंद्र शिवहरे, चंद्रप्रकाश, सुरेशचंद्र, सतीश जायसवाल, किशोर भगत, विजनेश शिवहरे, अरविंद्र गुप्ता, भगवान स्वरूप शिवहरे, विनय गुप्ता, केके शिवहरे, सुभाष गुप्ता, सीमन्त साहू, स्वामी हरिहर दास जी, रवि शिवहरे, कमल गुप्ता, संत कुमार सोनी, बृजेश शिवहरे, देवेंद्र पवैया, अर्चना जायसवाल, शिवविशाल शिवहरे आदि की मुख्यरूप से उपस्थिति रही।
इन्होंने संभाली व्यवस्थाएं
रामसिया विकास गुप्ता, हिमांशु शिवहरे, वीरेंद्र शिवहरे, कुलभूषण गुप्ता, केके शिवहरे, सोम साहू, विकास गुप्ता, रवि शिवहरे, अजय शिवहरे आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं।
https://youtu.be/8iAYVQH1iIo