: फुटवियर काॅन्क्लेव : डिस्काउंट से नहीं वैल्यू एडिशन करें कस्टमर को आकर्षित
Mon, Sep 18, 2023
आगरा। एफएएफएम, एफमेक और सीसीएलए के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को होटल हॉलिडे इन में ‘आगरा फुटवियर काॅन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव का उद्घाटन एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर, एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप कोहली, मुख्य संरक्षक विनोद कत्याल, उपाध्यक्ष मनीष लूथरा, इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
तीन विशेष सत्रों में वक्ताओं ने रखे विचार
कॉन्क्लेव में तीन विशेष सत्र आयोजित किये गए जिनमें वक्ताओं ने अपनी बात रखी, पहला सत्र जीआई टैग पर केंद्रित रहा, जिसमें विषेशज्ञों ने आगरा के लेदर फुटवियर को मिले जीआई टैग से भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित किया। दूसरे सत्र में ई-कॉमर्स पर रहा, जिसमें दिल्ली से आये पेनलिस्ट ने ऑनलाइन बाजार से जुड़े तमाम तथ्य उजागर किये। वहीं अंतिम व तीसरे सत्र में चाइना प्लस वन पर वक्ताओं ने स्वयं को दुनियाँ के बाजार में चाइना के विकल्प कैसे बना सकते हैं इस पर नीतिगत विचार रखे। दिल्ली से आये धर्मेंद्र गुप्ता, निखिल ऋषि, श्रुति कौल, निकिता मगन, हितेश भारद्वाज आदि मुख्य वत्ता के रूप में शामिल हुए।इस मौके पर एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि साझा प्रयासों से ही आगरा जूता उद्योग का विश्व विजेता बन सकता है, वहीं एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप कोहली ने इसके लिए राणनीतिक कदम उठाए जाने की जरुरत पर जोर दिया। स्लीन इंडिया के निशेष अग्रवाल ने आगरा में शुरू हुई अपनी पहली बीआईएस टेस्टिंग लैब के विषय में जानकारी दी। वहीं रेंकल और सन कंसल्टेंटस ने बीआईएस से जुड़ी तमाम भ्रांतियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से दूर किया।कॉन्क्लेव में जूता उद्योग से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को फुटवियर एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इनको मिला अवार्ड
• लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार- अनिल मगन, श्रॉफ ग्रुप
• प्राइड ऑफ फुटवियर इंडस्ट्री - पूरन डावर, डावर फुटवियर
• एक्सीलेंस इन फुटवियर एक्सपोर्ट - गोपाल गुप्ता, गुप्ता एचसीओवरसीज
• ऑल राउंडर ऑफ आगरा फुटवियर इंडस्ट्री - कलीम अहमद
• कंस्स्टिेंट ट्रेडर ऑफ दसक - बीके शूज, अशोक मिड्ढा, सुभाष मिड्ढा, जीतेन्द्र मिड्ढा
• इंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर - दिनेश माहेश्वरी
• मैन्युफैक्चरर ऑफ द ईयर- केप्स ओवरसीज, सुमित कपूर, अमित कपूर
• डिजाइन एक्सीलेंस अवार्ड- संजीव इलाहाबादी, फीट केयर
• ई.कॉमर्स अवार्ड- रोहिल अग्रवाल, रोहिल पॉलिमर्स
• इमर्जिंग ब्रांड ऑफ द ईयर- चंदर पोपटानी, हिट्ज़
• वूमेन एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर- श्रुति कौल,
• मास्टर इन ओपन फुटवियर -नवनीत सचदेवा, शूलेंड एंटरप्राइजेज
लाफ्टर शो में खूब छूटे हंसी के फव्वारे
कॉन्क्लेव में लाफ्टर शो का आयोजन भी हुआ जिसने माहौल खुशनुमा बना दिया। टीवी शो वाह-वाह क्या बात है फेम हास्य कवि पवन आगरी और बॉलीवुड अभिनेत्री और कवयित्री बलजीत कौर ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी को खूब हंसाया।इस मौके पर अलर्ट सोल के चंद्र मोहन सचदेवा, वासन ग्रुप के प्रदीप वासन, समीर ढींगरा, दीपक पोपटानी, चंदर दौलतानी, अभिषेक रल्ली, संकल्प रल्ली, सुमित कपूर और संजय आहूजा मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत एफएएफएम के कोषाध्यक्ष राजेंद्र मगन व तरूण महाजन ने किया। आयोजन का प्रबंधन सीसीएलए के महासचिव अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा ने किया। संचालन विकास बग्गा और नकुल मनचंदा ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन एफएएफएम के सचिव संचित मुंजाल ने किया।
: अधिक उम्र में शादी, प्रसव पीड़ा से भी चाहिए आजादी
Mon, Sep 18, 2023
आगरा। मां तो बनना है, लेकिन दर्द नहीं सहना। महिलाओं का अधिक उम्र में गर्भधारण करना और प्रसव की पीड़ा को भी न सहने की इच्छा सिजेरियन मामलों में वृद्धि कर रही है। देश में लगभग 60 फीसदी डिलीवरी सिजेरियन हो रही है। इनमें लगभग आधे मामले ऐसे हैं जिसमें महिलाएं प्रसव पीड़ा न सहने के कारण खुद ही सिजेरियन डिलीवरी की इच्छा व्यक्त करती हैं। हालाकि कॉम्पलीकेटेड मामलों में सिजेरियन डिलीवरी ने मां व शिशु की मृत्यु दर के आंकड़ों को भारत में हजार से दहाई के अंक पर पहुंचा दिया है।कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. अमित टंडन ने बताया कि गांव में आज भी सिजेरियन डिलीवरी का ग्राफ शहरों की अपेक्षा कम है। क्योंकि वहां महिलाएं शारीरिक काम और व्यायाम करती हैं। जिससे पेल्विक एरिया मजबूत रहता है। जबकि शहरी महिलाओं में घरेलू काम व व्यायाम न करने के कारण पेल्विक एरिया सिकुड़ जाता है। अधिक उम्र में भी गर्भधारण से जटिलताएं बढ़ जाती हैं, जिसेरियन की सम्भावना भी बढ़ जाती है।इसके अलावा ऐसी महिलाओं का भी प्रतिशत अच्छा खासा है जो नार्मल डिलीवरी के दर्द को नहीं सहना चाहती। गर्भावस्था और प्रसव के बाद दोनों समय शरीर को स्वस्छ रखने के लिए व्यायाम जरूरी हैं, मगर एक्सपर्ट की देखरेख में। सिजेरियन डिलीवरी के कारण मात्र व शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आयी है। अधिक उम्र में डायबिटीज व अन्य समस्याओं के चलते अब 3-4 किलो तक के शिशु पैदा हो रहे हैं। सिजेरियन डिलीवरी का एक मुख्य कारण शिशु का अधिक वजन और पेल्विक एरिया का सिकुड़ जाना भी है।डॉ. कमलेश टंडन नर्सिंग होम में आईवीएफ की लाइव कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. जयदीप मल्होत्रा व डॉ. वैशाली टंडन ने प्रशिक्षण दिया। कास्मेटॉलाजी वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया।
गर्भावस्था में ऐसा करना लाभकारी....
1-गर्भावस्था में इंडियन टॉयलेट का प्रयोग लाभकारी है।
2- यदि कोई कॉम्पल्केसन नहीं है तो अंत तक घर के काम काज करें। कम से कम सात माह तक काम और व्यायाम करना लाभकारी।
3- जमीन पर पालती मारकर बैठें। जिससे प्रसव के समय पेल्विक एरिया ठीक रहे और ऑपरेशन की आवश्यकता न पड़े।
4- एंटीनेटल व्यायाम करें।
भारत एक वर्ष में पैदा कर रहा एक आस्ट्रेलिया
भारत प्रतिवर्ष एक आस्ट्रेलिया पैदा कर रहा है। मेरठ मेडिकल कालेज की पूर्व प्राचार्य व पद्मश्री डॉ. उषा शर्मा (1981-86 तक दूरबीन विधि से 4 लाख से अधिक नसबंदी करने पर पद्मश्री मिला) ने कहा कि हमारा देश प्रगति कर रहे है, लेकिन देश की क्षमता से अधिक आबादी के कारण उसका असर दिखाई नहीं देता। प्रगति के बावजूद देश में अधिक जनसंख्या के कारण बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। कहा कि उन्होंने जम्मू कश्मीर जैसे क्षेत्र में 7 दिन के कैम्प में उन्होंने प्रतिदिन 150-150 महिलाओं की नसबंदी की। कहा कि महिलाओं के ऊपर परिवार का दवाब होता है। जब तक सरकार दो से अधिक बच्चे वाले लोगों के लिए वोटिंग करने का अधिकार और नौकरियों में प्रमोशन व अन्य सरकारी सुविधाएं खत्म नहीं करेगी, जनसंख्या की समस्या से निजात नहीं पाई जा सकती।
10 फीसदी बांझपन का कारण टीबी
दिल्ली एम्स हास्पीटल के गायनेकोलॉजी विभाग के प्रो. जेबी शर्मा ने बताया कि 10 फीसीद महिलाओं में बांझपन का कारण क्षय रोग (टीबी) होता है। ऐसी महिलाओं को या तो खुद कभी टीबी हुआ हो या परिवार में किसी क्षय रोग पीड़ित के सम्पर्क में रहने से समस्या होती है। जिससे फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाते हैं। समस्या यह है कि इसमें क्षय रोग के लक्षण भी नहीं होते। माहवारी कम होना या माह में कई बार होना। वजन हम हो जाता है। कहा कि माहवारी की अनियमितता को नजरअंदाज न करें महिलाएं। यदि परिवार में किसी को क्षय रोग है तो उसकी देखभाल परिवार की बेटी से न कराई जाए। सामान्य क्षय रोग की तरह इस समस्या को भी 6 माह के कोर्स की दवाओं से ठीक किया जा सकता है। समय पर इलाज जरूरी है।
आयोजन समिति के सदस्यों को किया सम्मानित
इंडियन एसोसिएशन आफ गायनेकालाजिकल एंडोस्कोपिस्ट के उत्तर प्रदेश चैप्टर के साथ आगरा आब्स एंड गायकोलाजिकल सोसाइटी द्वारा होटल ताज व कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में आयोजन समिति के सदस्यों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति के डॉ. अमित टंडन व डॉ. नूतन जैन ने सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मुख्य रूप से इस अवसर पर डॉ. सुषमा गुप्ता, डॉ. वैशाली टंडन, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. पूनम यादव, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. रिचा, डॉ. गार्गी गुप्ता, डॉ. रूपाली, डॉ. अंजली, शुभांजली सेन, डॉ. स्मिता, डॉ. सविता त्यागी, डॉ. रेखा रानी आदि मौजूद रहे।
: पीएम मोदी की दीर्घायु के लिए किया गया हवन यज्ञ, भाजपाइयों ने लिया ये संकल्प
Mon, Sep 18, 2023
Agra. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। आज पीएम नरेंद्र मोदी 73 वर्ष की हो गए हैं। देशभर के साथ-साथ विश्व भर के नेता उन्हें जन्मदिवस की बधाइयां दे रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उनके दीर्घायु होने की कामना कर रहे हैं और उनके जन्म दिवस को विशेष सेवा पखवाड़े के रूप में मना रहे हैं। अटल चौक सेवा समिति की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कैंट स्थित प्राचीन मंदिर पर यज्ञ व हवन किया गया। सभी ने यज्ञ में प्रतिभाग किया और आहुति डालकर प्रभु से पीएम नरेंद्र मोदी को दीर्घायु प्रदान करने की प्रार्थना की।चलाया गया स्वच्छता अभियानइससे पूर्व अटल चौक सेवा समिति की ओर से छावनी क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। हाथों में झाड़ू और फावड़ा लेकर पूरे क्षेत्र में सफाई की गई, साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। जिससे लोग गंदगी से होने वाली बीमारियों से ग्रसित ना हो और पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान भी सरकार हो सके।लिया गया ये संकल्पइस मौके पर युवाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी को 2024 में एक बार फिर देश का पीएम बनाने का संकल्प लिया। भाजपाइयों ने कहा कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे विश्व में भारत की पहचान और साख़ बढ़ रही है।