: 2023 से भी ज्यादा गर्म वर्ष रहेगा 2024, विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने जारी किया है अलर्ट
Fri, Mar 22, 2024
आगरा. 22.03.2024. आज मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरूण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ के अंतर्गत “जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य“ विषय पर अंतर्विभागीय कार्यशाला, विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर अंतर्विभागीय बैठक तथा मानसिक स्वास्थ्य हेतु संवेदीकरण विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ग्लोबल क्लाइमेट रिपोर्ट में यह इंगित किया गया है कि कार्बनडाई आक्साइड तथा अलीनीनो में निरंतर वृद्धी के कारण वर्ष 2023 से भी ज्यादा गर्म, वर्ष 2024 रहेगा।
कार्यशाला में मुख्यतः हीट वेव से सम्बन्धित रोक-थाम, लक्षण व उपचार के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष सबसे ज्यादा तापमान रहने की संभावना व्यक्त करते हुए चेतावनी जारी की गई है, जिसके लिये विभिन्न विभागों द्वारा कार्यों का निर्धारण करते हुए उन्हें निष्पादित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि हीट स्टॉक से पीड़ित व्यक्ति के शरीर का तापमान लगभग 104 फारेनहाइट से अधिक होगा, उसके सिर में बहुत देज दर्द होगा, पीड़ित को घबराहट चक्कर आने के साथ-साथ उल्टी या मितली भी आने की आशंका रहती है, ऐसे व्यक्ति को छांव वाली जगह पर आराम से बैठायें और तरल पेय जो भी उपलब्ध हो जैसे- ठंडा पानी, ओआरएस का घोल आदि धीरे-धीने पिलायें और उसके शरीर को ठंडा करने के लिये कपड़े को ठंडे पानी से भिगोकर उसके शरीर को पोछें, साथ ही यह भी ध्यान रखें कि पेय पदार्थ सिर्फ सचेत अवश्था में ही दें। स्थिति सामान्य न होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अथवा चिकित्सालय में ले जाकर चिकित्सक से परामर्श लें।
हीट वेब से बचाव के लिये बताया गया कि यदि आवश्यक न हो तो बाहर धूप में न जायें, अधिक श्रम आदि से बचें, साथ ही मादक पदार्थों का प्रयोग न करें, इसके आलावा यदि आवश्यक है तो अपने साथ ठंडे पानी की बोतल अवश्य रखें और धूप से बचने के लिये हल्के ढीले सूती कपड़े पहनें। विशेष तौर पर बच्चों वयोवृद्धों और गर्भवती महिलाओं को धूप में न जाने दें।
कार्यशाला में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत भी संवेदीकरण किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान देते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 विशाल सिन्हा ने बताया कि मनोरोग कोई लाइलाज बीमारी नहीं है और ना ही इसे छिपाने की आवश्यकता है, सिर्फ ये मस्तिष्क के विकार के कारण उत्पन्न होती है, जिसका अब सार्थक व समुचित निदान किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मानसिक विकार कई प्रकार के होते हैं, जिसमें चिन्ता के कारण, अवसाद के कारण, अवशेसिव-कम्पलसिव डिसआर्डर के कारण मस्तिष्क में विकार उत्पन्न होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि जनपद में जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम द्वारा जिला अस्पताल आगरा में ओपीडी कक्ष संख्या-202 व 203 में मानसिक रोगियों को ओपीडी प्रदान की जाती है, जिसमें समुचित स्टाफ उपस्थित रहता है इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 35 मेडिकल आफिसर्स, 20 स्टाफ नर्स और 05 फार्मासिस्टों को ग्रमीण क्षेत्र के चिकित्सालयों हेतु प्रशिक्षित किया गया है और नियमित रूप से जिला मांसिक स्वास्थ्य टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कैम्प लगाकर सेवायें प्रदान की जाती हैं।
उक्त के अतिरिक्त स्कूल, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत स्कूलों में 02-02 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है, साथ ही स्कूल के 02 छात्रों को मन-दूत और मन-परी के रूप में नियुक्त कर स्कूली छात्रों में मानसिक विकार को चिन्हित करने के लिये प्रशिक्षित किया गया। भारत सरकार द्वारा मानसिक रोगियों को दूरभाष के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श आदि प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय टेली मानस स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत टेली मानस टॉल फ्री नंम्बर-14416 व 1800-89-14416 जारी किया गया।
: आगरा एयरपोर्ट में बने लाउंज को शुरु कराने के लिए कमिश्नर ने ली अहम बैठक
Fri, Mar 22, 2024
आगरा. 21 मार्च 2024. आज गुरुवार को मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में आगरा एयरपोर्ट से संबंधित बिंदुओं एवं आगरा मंडल से निर्यात को बढ़ावा देने के संबंध में बैठक हुई। बैठक में सर्वप्रथम आगरा एयरपोर्ट के अर्जुन नगर गेट पर हवाई जहाज यात्रियों की सुविधा में वृद्धि के लिए नवनिर्मित लाउंज को संचालित करने, टर्मिनल तक पहुँचने के लिए परिवहन एवं सुरक्षा कारणों से यात्रियों को होने वाली असुविधा के संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी, एयर फोर्स और केंद्रीय सुरक्षा बल एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। वर्तमान में आगरा एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अर्जुन नगर गेट से नव निर्मित लाउंज तक पैदल जाना पड़ता है। फिर वहाँ से बस से किराया लेकर टर्मिनल तक पहुँचता है। बैठक में एयर फोर्स और एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा सुरक्षा के बिंदुओं को उठाया गया।
इस प्रक्रिया को यात्रियों की सुविधा हेतु सुगम व सरल बनाये जाने को लेकर मंडलायुक्त ने नवनिर्मित लाउंज को एयरपोर्ट का भाग बनाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को पत्र प्रेषित करने एवं निजी/पब्लिक वाहनों के लाउंज तक आने की अनुमति एवं सामानों की बार-बार चेकिंग से यात्रियों को होने वाली असुविधा के दृष्टिगत रक्षा विभाग एवं नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त बैठक के माध्यम से समाधान निकालने को कहा। साथ ही लाऊँज से टर्मिनल तक यात्रियों को लाने-ले जाने हेतु नि:शुल्क व्यवस्था बनाने के सम्बन्ध में सेवा प्रदाता कंपनी इंडिगो को निर्देश दिये।
वहीं बैठक में आगरा मंडल के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आगरा एयरपोर्ट से अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग कार्गो की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गयी। अवगत कराया गया कि वर्तमान में बेंगलुरु और मुंबई में कार्गो की सुविधा मिल रही है। आगरा मंडल के निर्यातकों की मांग के अनुसार दिल्ली और जयपुर में भी कनेक्टिंग कार्गो की सुविधा शुरू कराने की मांग रखी गयी। जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा एक सप्ताह में उचित जबाव देने का आश्वासन दिया गया।
: एस एन में हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन
Fri, Mar 22, 2024
आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें एम्स के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. हेमचंद्र पांडे, पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ नोएडा के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सत्यम अरोड़ा, अमृता हॉस्पिटल फिरोजाबाद के डॉ. राहुल कठेरिया द्वारा व्याख्यान दिए गए। कार्यशाला का विषय रक्त एवं रक्त घटकों का तर्कसंगत उपयोग एवं थीम सुरक्षित ट्रांसफ्यूजन के लिए क्षितिज का विस्तार रही। कार्यशाला में 14 विभिन्न विषयों पर सीनियर संकाय सदस्यों द्वारा व्याख्यान दिए गए।
एस एन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन में होने वाली नई तकनीक जैसे कंघी का परीक्षण, क्रायोप्रेसिपिटेट, विनिमय आधान के महत्व के बारे में बताया। ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन प्रोफेसर डॉ. दीपा रानी ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉक्टर नीतू चैहान एवं सीनियर रेजिडेंट माइक्रोबायोलॉजी विभाग डॉ. श्वेता द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. संतोष कुमार, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. अपूर्व जैन, डॉ. आरती अग्रवाल, डॉ. प्रज्ञा शाक्य, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. यतेंद्र मोहन, डॉ. निगम डॉ. बृजेश शर्मा, डॉ. पूजा अग्रवाल डॉ. गरिमा, डॉ. त्रिशला आदि उपस्थित उपस्थित रहे।