: विप्र चिन्तन शिविर में प्रदेश के एक हजार से अधिक लोग लेंगे भाग
Sun, Jun 16, 2024
आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज ने एकजुट होकर सामाजिक कार्य करने का लिया संकल्प
अलीगढ़, झांसी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा सहित विभिन्न जिलों से पहुंचेंगे लोग
आगरा। ब्राह्मण समाज एकजुट होकर समाज के विकास और उत्थान के लिए काम करेगा। समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए लोगों के बीच जाकर जागरूकता कार्यक्रम योजित किए जाएंगे। वहीं समाज में हो रहे विघटन को रोकने के लिए एक संरक मण्डल भी बनाया जाएगा। इन सभी उद्देश्यों को दिशा देने के लिए 23 जून को सूरसदन में विप्र चिन्तन कार्यक्रम का योजन किया जा रहा है। यह जानकारी होटल लेमन ट्री में आयोजित शिविर के आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में पदाधिकारियों द्वारा दी गई।
महर्षि परशुराम की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। दोनों हाथ ऊपर उठाकर महर्षि परशुराम के खूब जयकारे गूंजे। गजेन्द्र शर्मा, डॉ. तरुण शर्मा, प्रो. लवकुश मिश्रा व राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि 23 जून को सूसदन में आयोजित होने जा रहे शिविर में एक हजार से अधिक लोग आगरा सहित अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, इटावा, झांसी से शिविर में भाग लेने पहुंचेंगे।
त्रयोदशी संस्कार को सूक्ष्म रूप से ही किया जाने के साथ विबिन्न बिन्दुओं पर चिन्तन व उन्हें अमल में लाने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। त्रयोदशी को सूक्ष्म रूप से मनाने के लिए जब अन्य समाज इसमें आगे आ रहे है तो हम लोगो को भी इस पर विचार करना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में समाज पिछड़ता जा रहा है। घर की मजबूरी हो या कोई और संकट। हमको इसके बारे में भी चिंतन करना होगा जहां पहले 90 प्रतिशत समाज के बच्चे उच्च पदों पर रहते थे। आज की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। बेरोजगारी पर भी हमे सोचना होगा जो भी समाज के व्यापारी है, उन लोगो को पहले समाज के बच्चो को रोजगार देना होगा। जहां भी समाज की परशुराम जयंती निकलती है या अन्य कोई कार्यक्रम हो बढ़ के हिस्सा लेना होगा। सख्या बल दिखना चाहिए।
ब्राह्मण समाज के लोगों पर पूरे प्रदेश में झूठे मुकदमे लग रहे है उनकी हत्याएं हो रही है। इस पर एक आंदोलन की रूप रेखा बने ताकि शासन प्रशासन तक इसकी गूंज हो सके। दहेज रहित विवाह पर भी हमें सोचना होगा हम कहते तो एक इसपे अमल नहीं करते और जहां विवाह विघटन समाज में हो रहे है इसका एक सरक्षक मंडल बने ताकि वो इस तरह के विवाद को सुलझा सके।
इस अवसर पर संजय शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, राहुल शर्मा, सुशील शर्मा, महेश शर्मा, राजेश शर्मा, संजय तिवारी, विक्रांत बरुआ, पवन समाधिया, कुलदीप शुक्ला, अभिनव दीक्षित, यतीश लवानिया आदि उपस्थित रहे।
: जलवा फरोश हैं आज जिनकी वजह से हम, वह जिंदगी की खुशियां मेरे नाम कर गए
Sun, Jun 16, 2024
आगरा साहित्य समारोह एवं काव्य संगोष्ठी में दिखी साहित्य साधना की झलक
फादर्स डे पर इंद्रजीत सिंह भदौरिया की स्मृति में सजा काव्य दरबार
आगरा। जलवा फरोश हैं आज जिनकी वजह से हम, वो जिंदगी की खुशियां मेरे नाम कर गए। जो है वजूद मेरा वह इशरत ओ मुहतरम, वह हाथ मेरे सर से देखो कब सरक गए… हरीश कुमार सिंह भदोरिया की इन पंक्तियों के साथ मानस अनुरागी इंद्रजीत सिंह भदौरिया की स्मृति में वृहद साहित्य संगोष्ठी एवं काव्य समारोह का शुभारंभ हुआ।
फादर्स डे के उपलक्ष्य में रविवार को संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ देश भर से आए कवियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ राजेंद्र मिलन ने और संचालन सुशील सरित ने किया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संचार क्रांति का हिंदी साहित्य पर प्रभाव विषय पर गोष्ठी में साहित्य मनीषियों ने वर्तमान परिदृश्य पर अपने उदगार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम आयोजक हरीश कुमार सिंह भदौरिया ने कि कहा सूचना प्रौद्योगिकी के इस प्रभावशाली दौर में मातृभाषा के वर्चस्व में बढ़ोत्तरी हुई है। डाटा क्रांति के कारण जो बदलाव हुए हैं उनका साक्षी बनने का सुनहरा अवसर इस पीढ़ी को मिल रहा है। विषय परिवर्तन करते हुए काशी से आईं अन्नपूर्णा मालवीय ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है इसलिए युवाओं की सोच विचार आचार व्यवहार और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य समारोह में दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज, रायबरेली, ग्वालियर, मेरठ, जयपुर, मथुरा और आगरा के कवियों ने काव्य पाठ में हास्य श्रृंगार और वीर रस की कविताओं से श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरीं। आगरा की कवियत्री डॉ हेमलता सुमन ने काव्य पाठ के माध्यम से पिता की भूमिका बताते हुए कहा पिता ब्रह्मा है पिता ईश हैं, पिता जगत के पालक हैं। जीवन रूपी गाड़ी के यह कुशल महा संचालक हैं।
आगरा के ही डॉ शेशपाल सिंह शेष ने कहा मिला जन्म तो सबसे पहले, मां जी को पहचाना है। समय गुजर जाने पर हमने पूज्य पिता को जाना है। इसी कड़ी में रामेंद्र कुमार शर्मा रवि ने पीपल बरगद सम पिता ऊंचे पर्वतराज। चढ़े पुत्र उन्नत शिखर पिता करे वो काज.., सुधीर कुमार सिंह सुधाकर ने मेरा कमरा वह कब तेरा कमरा हो गया….केंद्रीय हिंदी संस्थान की प्रो. वीणा शर्मा ने कहा पिता का अभिमान होती है संतान। बनाए रखें जो इसे तो कहलाती महान.. विनय बंसल, लुल्लू कानपुरी ने ये देश बूचड़ खाना बन गया है। दरिंदों का ठिकाना बन गया है… कुमारी डॉ शशी जायसवाल ने मैं पिता पूज्य के चरणों में, करती वन्दन हूं सुबहो- शाम… मुक्ति सिकरवार, डॉ रितु अग्रवाल, रामकुमार, इंद्रेश भदोरिया, डॉ नीता सरोजिनी, मीरा परिहार , मीना राजू वर्मा, रामेंद्र कुमार शर्मा रवि, मदन मुरादाबादी, सीमा गर्ग, रिया अग्रवाल, श्याम जीत श्याम आदि ने काव्य पाठ किया।
साहित्य समारोह में हुआ पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम में हरीश कुमार भदौरिया की पुस्तक संचार क्रांति का हिंदी साहित्य पर प्रभाव एवं अहिल्या पत्थर की हो गई पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन के उपरांत देशभर से आए कवि और साहित्य प्रेमियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
: एक वर्ष में 500 शीतगृह की स्थापना, प्रदेश सरकार का लक्ष्य
Sun, Jun 16, 2024
फेडरेशन आफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन आफ इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन
17 वें एआईसीसीएस में शीतगृहों में अग्निशमन सुरक्षा पर भी हुई चर्चा, बताए गए सुरक्षा के उपाय
जनवरी 2025 में पुणे में होगा कोल्ड चेन सेमिनार का आयोजन, प्रदर्शनी में दी गईं आधुनिक उपकरणों की जानकारी
आगरा। पूरे प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्ष में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 500 नए शीतगृहों की स्थापना का लक्ष्य रखा है। जहां आलू उत्पादन अधिक है वहां शीतगृहों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ये लक्ष्य निवेश के रास्ते खोलेगा। आगरा में एकत्रित हुए देशभर के शीतगृह स्वामियों को संबोधित करते हुए ये कहा निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने। मॉल रोड स्थित होटल क्लार्क्स शिराज में फेडरेशन ऑफ़ कोल्ड स्टोरेज एसोसिशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 17 वीं आल इंडिया कोल्ड चेन सेमिनार का रविवार को समापन समारोह आयोजित हुआ।
सेमिनार के तृतीय दिवस का शुभारम्भ मुख्य अतिथि निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ उप निदेशक उद्यान विभाग धर्मपाल यादव, एफसीएओआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल, राष्ट्रीय संयोजक अरविंद अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल, राजेश गुरु, यश कुमार उपस्थित रहे। निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग डॉ विजय बहादुर द्विवेदी ने शीतगृह स्वामियों के समस्या भी सुनी और जल्द निस्तारण की बात कही। उन्होंने कहा कि शीतगृह स्वामी किसानों के रक्षक माने जाते हैं। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ें। कहा कि प्रदेश में करीब एक करोड़ आलू किसान हैं। उन्हें प्रोत्साहित करें कि आलू की क्लस्टर खेती करें। आने वाले दिनों में खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में नए निवेश होंगे। कंपनियां आलू के विविध उत्पाद बनाएंगी। उस वक्त अच्छा लाभ किसानों को मिला करेगा।
एफसीएओई के अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि सरकार आलू निकासी की तिथि पहले से घोषित करे। साथ ही कोई भी आदेश जब पारित हो तो शीतगृह स्वामियों को थोड़ा समय की मोहलत दी जाए।
राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द अग्रवाल ने बताया कि सरकार से दो मांगे ज्ञापन देकर रखी गईं, जिसके अंतर्गत वर्तमान समय के अनुसार शीतगृह नियमावली में बदलाव त्वरित रूप से करने को कहा गया है। ताकि शीतगृहों में आलू के अलावा किसान के अन्य उत्पादों का भी भंडारण हो सके। और उत्पाद की सुरक्षा हो सके। दूसरी मांग रखी गई है मुर्गी अंडा भंडारण में। दो वर्ष पूर्व रातों रात भंडारण पर रोक लगा दी गई थी। इससे मुर्गी अंडा विक्रेता परेशान हुआ जबकि ये भी कृषि उत्पाद ही है।
आग से बचाव के सुझाव रहे कारगर
भीषण गर्मी में अग्निकांड जैसी दुर्घटना सर्वाधिक होती है। शीतगृहों में भी ये डर बना रहता है। इस समस्या को देखते हुए पूर्व सीएफओ शिव दयाल शर्मा ने अग्निशमन के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि शीतगृह में आग लगने के शॉर्ट सर्किट के अलावा दो ही कारण होते हैं। पहला किसी मजदूर द्वारा बीड़ी सिगरेट का प्रयोग या फिर अमोनिया गैस का रिसाव। मजदूरों पर निगरानी रखें। यदि अमोनिया गैस का रिसाव होता है तो तुरंत लीकेज पाइप पर बोरी या कपड़ा बांध दें। हेल्प लाइन नंबर दीवार पर लिखकर रखें। पानी की मोटर का कनेक्शन जनरेटर से अवश्य करके रखें। शीत गृह की क्षमता के अनुरूप वाटर टैंक की व्यवस्था करके रखें।
इनका हुआ सम्मान
कोल्ड चेन सेमीनार के समापन समारोह में अजय गुप्ता, तेजेंद्र गुर्जर, उमेश कंसल, जगदीश मित्तल, शिवरंजन सिंघल, सुभाष अग्रवाल को एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रदेश में आलू निकासी- भंडारण में अलीगढ़ ने बढ़ाई बढ़त
प्रदेश में अलीगढ़ जिला आलू निकासी और भंडारण में बढ़त बनाए हुए है। सेमिनार के अंतिम सत्र में प्रदेश में आलू की स्थिति पर चर्चा हुई। अलीगढ़ जिले के सासनी में 180 शीतगृह हैं जहां निकासी और भंडारण अच्छी स्थिति में है। आलू निकासी कन्नौज में सार्वाधिक हो रही है। फर्रुखाबाद में लगातार नए शीतगृह खुल रहे हैं। गुजरात में विगत वर्षों से प्रोसेस आलू की मांग बढ़ी है। वहीं लखनऊ में शुगर फ्री आलू की मांग बढ़ी है।