: प्रेम रस की मधुरता को देख भक्त हुए निहाल, श्रीप्रेमनिधि मंदिर में बिखरी रासलीला महोत्सव की अद्भुत छटा
Mon, Jun 10, 2024
पुष्टिमार्गीय श्रीप्रेमनिधि मंदिर में आयोजित किया गया रासलीला महोत्सव
बरसाना की कृष्णा प्रिया रासमंडली की प्रस्तुतियों ने किया मंत्रमुग्ध, बही आस्था की बयार
आगरा। सोमवार को कटरा हाथी शाह, नाई की मंडी स्थित श्रीप्रेमनिधि मंदिर में प्रेम के माधुर्य का भाव कुछ यूं बहा कि हर आंख से आस्था के अश्रु बहने लगे। सोमवार को पुष्टिमार्गीय श्रीप्रेमनिधि मंदिर में ठाकुर श्याम बिहारी जी का रासलीला महोत्सव आयोजित किया गया।
बरसाना की कृष्णा प्रिया रासमंडली ने माखन चोरी लीला और माधुर्य लीला का इतना सजीव मंचन किया की भक्तों में उपस्थित हर स्त्री-पुरुष गोपी भाव से भावुक हो उठा। चरण सेवक हेमन्त गिदवानी, जितेंद्र गिदवानी और राजीव गिदवानी थे।
मंदिर के मुख्य सेवायत हरीमोहन गोस्वामी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारिका जी में अपनी समस्त रानियों के समक्ष ब्रज की गोपियों के निस्वार्थ प्रेम को परिभाषित करने के लिए माधुर्य लीला की थी। जब ये लीला मंचित होती है तो हर भक्त गोपी भाव से अविभूत हो उठता है।
सेवायत सुनीत गोस्वामी ने बताया कि प्रेम की वास्तविक परिभाषा श्रीकृष्ण-गोपी प्रेम से ही प्रकट होती है। जहां निःस्वार्थता की पराकाष्ठा और प्रियतम को आनंद व सुख प्रदान करने की भावना प्रधान होती है। चाहे उसके लिए कितने ही कष्टों व दुखों का वरण करना पड़े, सभी स्वीकार्य होता है। वास्तव में यह प्रेम में तपस्या का स्वरूप ले लेती है।
मंदिर प्रबंधक दिनेश पचौरी ने बताया कि भगवान की रासलीला समाज के लिए संदेश होती है। रासलीला के सही अर्थों को युवा पीढ़ी को समझाने के लिए यह आयोजन किया गया है। आशीष पचौरी ने व्यवस्थाएं संभालीं।
: पीएमएसएमए दिवस पर गर्भवती महिलाओं की हुई प्रसव पूर्व जांच
Mon, Jun 10, 2024
जिले में 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित हुआ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस
उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित कर किया गया संदर्भित
आयोजित दिवस पर जिले की 947 गर्भवती को ई-रूपी वाउचर से अल्ट्रासाउंड करने हेतु क्यू आर कोड प्राप्त कराए गए
आगरा। जिले में 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस मनाया गया। इसमें गर्भवती की प्रसवपूर्व जांच की गई। इसमें गर्भवस्था के द्वितीय एवं तृतीय तिमाही की प्रसवपूर्व जांच की गई। गर्भवती और तीमारदारों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रसव पूर्व जांच करवाने वाली ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती को ई-रुपी वाउचर के जरिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा मिल रही है। निजी केंद्रों पर सिर्फ एसएमएस और क्यू आर कोड दिखाकर गर्भवतियों को यह सुविधा मिल जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए पीएमएसएमए दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें गर्भवती की दूसरे व तीसरे त्रैमास में एमबीबीएस डॉक्टर व स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रसव पूर्व जांच कराई जाती है। जनपद के जिला महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल), एसएन मेडिकल कॉलेज सहित सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच और चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ परिवार नियोजन तहत काउंसलिंग भी की गई। इस अवसर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित कर संदर्भित भी किया गया ।
एसीएमओ आरसीएच/अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती का टीकाकरण, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का वितरण, आयरन सुक्रोज, अल्ट्रासाउंड सहित, यूरिन, हीमोग्लोविन, शुगर, सिफलिस , वजन, पेट की जांच, हेपेटाइटिस बी, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप और एचआईवी की जांच की गई। इसके अलावा केंद्र पर आने वाले दंपति को बास्केट ऑफ च्वॉइस की सहायता से परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत गर्भवती के आरसीएच पंजीकरण के लिए भी विशेष काउंटर लगाये गये, जिन लाभार्थियों का आरसीएच नंबर नहीं है, उनको पंजीकरण कराकर नंबर उपलब्ध कराया गया ।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया सीएचसी और पीएचसी पर आने वाली गर्भवती को चिकित्सक जब अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं तो वहां के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर द्वारा एसीएमओ को सूचना दी जाती है और जिला स्तर से ही एक से डेढ़ घंटे में ई-रूपी वाउचर जेनरेट कर लाभार्थी को दिया जाता है। स्मार्ट फोन वाले लाभार्थी के पास क्यू आर कोड चला जाता है, जबकि सामान्य फोन वाले लाभार्थी को एसएमएस भेजा जाता है। आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर जिले की 947 गर्भवती को ई-रूपी वाउचर से अल्ट्रासाउंड करने के लिए क्यू आर कोड प्राप्त कराए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिनाहट के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि पीएमएसएम दिवस पर प्रसव पूर्व जांच के लिए आने वाली गर्भवती और तीमारदारों के लिए गर्मी के मौसम को देखते हुए हवादार स्थान पर बैठने और पेयजल, रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे किसी को भी परेशानी ना हो। साथ ही गर्भवती और तीमारदारों को हीटवेव (लू) से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। पीएमएसएमए दिवस पर 115 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई है जिसमें पांच उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित कर संदर्भित भी किया गया। गर्भवती को खान-पान का विशेष ध्यान रखने के लिए परामर्श दिया गया ।
ब्लॉक पिनाहट के ग्राम स्याहीपुरा निवासी 25 वर्षीय ममता बताती हैं कि मैं 7 माह की गर्भवती हूं मेरा यह दूसरा बच्चा है। मेरा पहला बच्चा 4 वर्ष का है। जब मैंने अपनी पहली प्रसव पूर्व जांच कराई थी, तब डॉक्टर ने मुझे बताया कि तुम्हारे अंदर खून की कमी है, अभी तुम्हारा हीमोग्लोबिन 7 है, डॉक्टर द्वारा मुझे पौष्टिक आहार का सेवन करने के साथ ही मौसमी फलों का सेवन करने, साथ आराम करने की सलाह भी दी गई और मुझे आयरन सुक्रोज चढ़ाया गया। पहले मैं थोड़ा सा भी काम करती थी तो मुझे बहुत थकान महसूस होती थी लेकिन अब मुझे पहले से काफी आराम है। अभी मेरे खून की जांच की गई तो 7.8 खून है, मुझे आयरन सुक्रोज की दूसरी डोज लगवाई है और गर्मी से बचाव करने के लिए भी समझाया गया ।
इस मौके पर डॉ. नीलिमा, सीएचओ नेहा सिंह, सुषमा, एलटी अनुराग वर्मा, एलए राना प्रताप, आशा संगिनी सहित आशा कार्यकर्ता मौजूद रही ।
: आगरा में शुरू हुआ तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर
Mon, Jun 10, 2024
आगरा। अर्हं ध्यान योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं अर्हं ध्यान योग टीम आगरा एवं माननीय कुलपति महोदय प्रो. आशु रानी जी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग के शिविर का आज 10 जून को विधिवत शुभारम्भ आगरा के खंदारी स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय खंदारी कैंपस में किया गया। आज प्रथम दिन मधुमेह से योग के माध्यम से किस प्रकार आप उसको कंट्रोल कर राहत पा सकते है।
आज का प्रशिक्षण दिल्ली से पधारी डॉ रुचि जैन द्वारा दिया गया। उन्होनें बताया कि मधुमह का कनेक्शन हमारे पेट से होता है और हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए व सुबह 11 बजे और सायं 6 बजे तक भोजन कर लेना चाहिए, डॉ जैन ने बताया किसान-मज़दूर रोटी ज़्यादा खाता है सब्ज़ी कम क्योंकि रोटी अनाज होने के कारण कई प्रकार के विटामिंस होते इसलिए रोटी ज़रूर खानी चाहिए, जब कि आज कल शहर में डाइट का एक चलन चल गया है, जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। सत्र से पहले डॉ रूचि जैन ने पंचमुद्रा व अर्हं क्लैप्स कराई।
आज के सत्र में डॉ अखिलेश सक्सेना, प्रोफेसर मनु प्रताप, डॉ राजीव कुमार, पन्नालाल बैनारा, राजीव जैन, पंकज जैन सीटीवी, सतेंद्र जैन, अक्षय जैन, सिद्धार्थ जैन, अरुण जैन, शुभम जैन, छाया जैन, मोनी जैन, मयूरी जैन, दीक्षा जैन, ईशा जैन, वर्षा जैन आदि उपस्थित रहे।