: स्नान यात्रा में गजानन स्वरूप में दर्शन देंगे श्रीहरि
Wed, Jun 19, 2024
श्रीजगन्नाथ मंदिर में 22 जून को आयोजित किया जाएगा श्रीजगन्नाथ महाभिषेक
पंच नदियों के जल व पंचगव्य के 251 कलशों से होगा अभिषेक
आगरा। श्रीजगन्नाथ महाभिषेक (स्नान यात्रा) में 22 जून को श्रीहरि बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग गजानन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। खास बात है कि इस पावन अवसर पर भगवान की पोशाक व श्रंगार सामग्री को कई महीनों की मेहनत के बाद आगरा में ही भक्तों द्वारा तैयार किया गया है। जरी व रेशमी धागों से सुसज्जित आकाशीय रंग की पोशाक में जगन्नाथ भगवान महाभिषेक के उपरान्त भक्तों को दर्शन देंगे।
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कान) के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि 22 जून को मंगला आरती के उपरान्त राज भोग के उपरान्त श्रीजगन्नाथ भगवान शोभायात्रा मृदंग और मंजीरों संग हरि कीर्तन करते हुए मंदिर से महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, कमला नगर के लिए प्रस्थान करेगी। जहां षोड़श उपचार (16 प्रकार की सामग्री भगवान को अर्पित करने) के बाद भगवान का पंच नदियों के जल, पंचामृत, पंचगव्य व फलों के रस के 251 कलशों अभिषेक होगा। अभिषेक के उपरान्त गजानन स्वरूप में भगवान का श्रंगार किया जाएगा। उड़ीसा की नृत्य नाटिका जगन्नाथ अष्टगम का मंचन आगरा के ही भक्तजन करेंगे। 22 जून के बाद श्रीजगन्नाथ मंदिर के पट भक्तों के लिए बंद हो जाएंगे। इसके उपरान्त भगवान लगभग 15 दिन बाद भक्तों को नयन उत्सव में दर्शन देंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेन्द्र अग्रवाल, कांता प्रसाद अग्रवाल, राहुल बंसल, आशु मित्तल, गौरव बंसल, केशव अग्रवाल, अखिल बंसल, विकास बंसल लड्डू, अमित बंसल, विमल नयन फतेहपूरियां, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, बृजेश अग्रवाल, राजीव मल्होत्रा, नीलेश कुमार गुप्ता आदि उपस्थित थे।
22 जून को श्रीजगन्नाथ महाभिषेक महोत्सव में किस समय क्या कार्यक्रम होगा
दोपहर 12 बजे श्रीजगन्नाथ मंदिर से महाराजा अग्रसेन सेवा सदन तक शोभायात्रा।
दोपहर 2 बजे हरिनाम संकीर्तन।
दोपहर 3 बजे महाभिषेक।
शाम 6 बजे प्रवचन।
शाम 7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
शाम 8 बजे महाआरती।
: यमुना नदी की बहाली पर आगरा में होगी जल पंचायत, जलपुरुष राजेन्द्र सिंह होगे पंचायत चौधरी, उठेंगी जल समस्या
Wed, Jun 19, 2024
आगरा। गंगाजल पाइप लाइन प्रोजेक्ट के बावजूद आगरा महानगर पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है। गंगाजल पाइप लाइन प्रोजेक्ट के तहत आगरा को 150 क्यूसेक (जिसमें से 10 क्यूसेक मथुरा और वृंदावन का भाग) पानी की आपूर्ति होती है। जबकि महानगर को पेयजल आपूर्ति के लिये यमुना नदी के पानी का शोधन भी अनिवार्य है। जापान की ‘जायिका’ फंडिंग एजेंसी के द्वारा 355 करोड़ रु से पोषित गंगा जल पाइप लाइन प्रोजेक्ट में आगरा के लिये परिकल्पित प्रोजेक्ट मुल प्रोजेक्ट में ही गंगा जल के साथ ही यमुना नदी आधारित सिकंदरा और जीवनी मंडी जलकल इकाइयों का यथावत संचालन जारी रखना उल्लेखित है। जबकि गंगाजल प्रोजेक्ट शुरू होते ही 140 क्यूसेक गंगाजल प्रोजेक्ट पर ही पूरे महानगर की जलापूर्ति आधारित कर दी गयी।
आगरा महानगर की जलापूर्ति को 400 मिलियन लीटर पानी की रोज जरूरत होती है। जिसमें से जीवनी मंडी जलकल से 165 मिलियन लीटर पानी मिलता था, जबकि सिकंदरा जलकल से 285 मिलियन लीटर पानी की उपलब्धता होती थी। गंगा जल पाइप लाइन प्रोजेक्ट शुरू होने के 6 साल के भीतर ही महानगर की जलार्पूति के लिये यमुना जल शोधन व्यवस्था का उपयोग न्यून या प्रतीकात्मक कर दिया गया। फलस्वरूप पूरा महानगर गंगा जल पाइप लाइन से मिलने वाले पानी पर निर्भर होकर रह गया। जोकि नतो विश्वसनीय जलापूर्ति के ही उपयुक्त है और न हीं महानगर जलापूर्ति के ही उपयुक्त है।
सिविल सोसायटी महानगर की जलापूर्ति भरपूरता युक्त बनाये रखने के लिये जीवनी मंडी और सिकंदरा जलकल की यमुना जल शोधन यूनिटो को बंद कर दिये जाने पर चिंता जताती है, इस तथ्य को और अधिक गंभीरता से लेती है कि यमुना नदी का रॉ वाटर अब शोधन युक्त भी नहीं रहा।
चिंता का कारण
सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा का मानना है कि ओखला बैराज से डिसचार्ज किये जाने वाले यमुना जल को शोधन युक्त बनाने के लिये 150 क्यूसेक गंगाजल अपर गंगा कैनाल की मंठ ब्रांच से हरनाल एस्केप के माध्यम से छोडा जाता है। यह व्यवस्था एक न्यायिक आदेश के तहत है, जिसमें बिना न्यायालय के संज्ञान में लाये न तो बदला जा सकता है और नहीं बंद किया जा सकता है। लेकिन जो जानकारियां मिली हैं और स्थलीय निरीक्षण में सामने आया है कि गोकुल बैराज जो कि यमुना जल को संचित रखने तथा आगरा के लिये पानी का डिस्चार्ज रेग्युलेट करने के मुख्य उद्देश्य के लिये बनी है, से बैराज के डाउन स्ट्रीम में पानी छोड़े जाने का काम निर्धारित डिसचार्ज से कही कम केवल प्रतीकात्मक कर रखा गया है। फलस्वरूप आगरा में यमुना जल मात्र नाम मात्र की है और क्वालिटी में भी भारी गिरावट आयी है।
हरनाल एस्केप से मिलने वाले गंगा जल का इस्तेमाल मथुरा में यमुना नदी का लेविल ‘क्रूज’ मोटर चलित बडी नौका संचालन के लिये किया जा रहा है। इसके लिये ही आगरा के लिये छोडे जाने वाले पानी का गोकुल बैराज से डिस्चार्ज कम कर दिया गया है। सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा मथुरा में किये जा रहे इस कारनामें को यमुना नदी के जल प्रवाह को अनवरत रखने की नीति के विरुद्ध मानती है और उप्र के जलशक्ती मंत्रालय के प्रमुख सचिव वास्तु स्थिति स्पष्ट करने की अपेक्षा करती है।
जल पंचायत
सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा यमुना नदी को लेकर मथुरा के असरदार राजनीतिज्ञों और शासन स्तर से आगरा के हितों के प्रतिकूल की जा रही इस मनमानी की जानकारी आगरा के गणमान्यों और आम जनता के संज्ञान में लाए जाने सहित पानी से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर जल पंचायत कर रही है। जल पुरुष राजेन्द्र सिंह इस पंचायत में ‘चौधरी’ के रूप में मौजूद रहेंगे। जल पंचायत के माध्यम से सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के द्वारा आगरा के पानी की समस्या के अलावा पर्यावरण से संबंधित अन्य अहम मुद्दों को भी उठायेगी। यह पानी पंचायत प्रकृति और मानवता के हितों के लिए कार्य करने वाली पंचायत है।
राजेन्द्र सिंह के आगरा भ्रमण कार्यक्रम को सिटी जन कनेक्ट बनाने के लिये शीरोज हैंग आउट फतेहाबाद रोड टूरिस्ट कांप्लेक्स में अनिल शर्मा की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी, जिसमें राजीव सक्सेना, विनय अम्बा, ब्रीग विनोद दत्ता, राजेश कुमार, इरम आत्मीय, राम भारत उपाध्याय, असलम सलीमी, कांति नेगी, शैलजा शर्मा, कार्तिके अनंत शर्मा आदि सहभागी थे। इस मीटिंग में जल संरक्षण और रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग जैसे सामायिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
: कमल तलाई मनोरथ में कमल पुष्पों से श्रंगारित हुए श्रीहरि
Wed, Jun 19, 2024
इस्कॉन मंदिर में आयोजित किया कमल तलाई मनोरथ
धौलपुर से मंगाए दो हजार कमल पुष्पों से सजा श्रीजगन्नाथ भगवान का फूल बंगला
आगरा। कमल पुष्पों के मध्य विराजमान श्रीजगन्नाथ भगवान। साथ में बहन सुभद्रा और भाई बलराम। श्रीहरि की इस मनोहर छवि को देख हर श्रद्धालु बलिहारी गये। अष्टप्रहर (24 घंटे) के अखण्ड संकीर्तन भी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। संध्या काल में श्रीहरि के मनोहारी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटने लगी। मंदिर परिसर भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा।
पाण्डव निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में प्रातः मंगला आरती के उपरान्त ही अखण्ड हरिनाम संकीर्तन का शुभारम्भ हो गया। संकीर्तन बुधवार को सुबह 6 बजे तक चलेगा। मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि कमल तलाई मनोरथ के लिए विशेष रूप से धौलपुर से दो हजार कमल के पुष्प मंगाए गए हैं। साथ ही बेला व अन्य पुष्पों से भगवान का श्रंगार व फूल बंगला सजाया गया। भीषण गर्मी के मौसम में चंदन के छापे से सजी हल्की व सूती पोशाक धारण कर रहे हैं भगवान। बताया का पाण्डव पुत्र भीम ने इस एकादशी का व्रत रखा था, इसलिए इसे भीमसेनी या पाण्डव एकादशी भी कहा जाता है। संध्या आरती में भक्तों ने भक्ति भाव के साथ भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आशू मित्तल, राहुल बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, हर्ष खटाना, ललित माधव प्रभु, शम्भू प्रभू, नवीन, अनुल गुप्ता आदि उपस्थित थे