: विप्र वंश कीजै प्रभुताई, अभय होई जो तुम्हें डराई, आक्रमणकारियों से लेकर आधुनिक युग तक हमेशा निशाने पर रहा विप्र
Sun, Jun 23, 2024
सूरसदन में आयोजित किया गया विप्र चिन्त शिविर
प्रदेश के लगभग एक हजार प्रतिनिधियों ने लिया भाग
रेणुका धाम को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग
आगरा। सिर्फ कथावाचक या शिक्षक नहीं समाज का मार्गदर्शन करने वाला होता है विप्र। एक विप्र या शिक्षक गलती करे तो उसे पीढ़िया भोगती हैं। कोई जाति या कुल नहीं बल्कि व्यक्ति के विचार और संस्कार उसे ऊंचा बनाते हैं। इसीलिए तो श्रीराम ने परशुराम से कहा था, विप्र वंश कीजै प्रभुताई, अभय होई जो तुम्हें डराई (ब्राह्मणवंश की ऐसी ही महिमा है कि जो आपसे डरता है, वह सबसे निर्भय हो जाता है। या जो भयरहित है वह भी आपसे डरता है।)
विप्र यानि ब्राह्मण समाज के आदिकाल से समाज के लिए किए जा रहे योगदान, त्याग, ग्रंथों की रचना, विप्र समाज में पैदा हुई कुरीतियां और हमेशा हाशिए पर रहने की पीड़ा के चिन्तन के साथ अब नए विचारों, उत्साह और ऊर्जा के साथ कुरीतियों को त्यागकर आगे बढ़ने का संकल्प। कुछ ऐसे ही विचारों के साथ सूरसदन में सम्पन्न हुआ विप्र चिन्तन शिविर। जिसमें गाजियाबाद, अलीगढ़, झांसी, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, मथुरा सहित प्रदेश के लगभग एक हजार लोगों ने भाग लिया और अपने-अपने विचार रखे। शिविर में 21 फरवरी 2022 को मुख्यमंत्री द्वारा शिविर में पुरोहित कल्याण बोर्ड की घोषणा की थी, उस पर अमल करने व रेणुका धाम को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग रखी गई।
गजेन्द्र शर्मा, पवन समाधिया, डीके उपाध्याय ने पटका पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया। वक्ताओं में डॉ. लवकुश मिश्रा ने कहा कि सच यह है कि विप्र हमेशा आक्रमणकारियों से लेकर आज के आधुनिक समय में भी सभी के निशाने पर रहता है। सिर्फ धर्म की बात नहीं थी। इसलिए मंदिरों को लूटने के साथ नष्ट भी किया गये। सिर्फ धर्म की बात होती तो नालंदा की लाइब्रेरी जला कर नष्ट न की गई होती। क्योंकि वहां धन की बात नहीं थी, ज्ञान की बात थी। समाज में सामूहिक रूप से ज्ञान बांटने का काम विप्र करता है। पूरा विश्व त्रस्त है सिर्फ एक विशेष वर्ग से। हिंसा का समाधान नहीं मिल रहा है। आज शिक्षा का भटकाव है। जिसमें लोग सिर्फ डिग्रियां एकत्र कर रहे हैं। समय से और उचित शिक्षा नहीं हो रही है। जिससे रोजगार नहीं मिल रहा, जिससे विवाह में देरी और इससे जीवन का सुख समाप्त हो रहा है। सब एक दूसरे से जुड़े हैं।
राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित ने कहा कि समाज और संस्कार एक दूसरे के पूरक हैं। आधुनिकता की दौड़ में अपने संस्कारों से विमुख न हों। अपने बुजुर्गों के संस्कारों को हम आगे आने वाली पीढ़ियों को नहीं दे पा रहे। टूटे परिवारों और वृद्धाश्रम में बढ़ते वृद्धों की संख्या पर विचार करना होगा। मधुकर चतुर्वेदी ने कहा कि हम अपने आचरण भारतीयता के अनुरूप कर लें तो हमें कोई नहीं रोक सकता। संजय शर्मा ने कहा कि हम पर धर्मनिरपेक्ष होने का आरोप लगता है। यदि ऐसा होता तो भारत धर्म के मार्ग पर चलने वाले श्रीराम को नहीं बल्कि रावण को पूज रहा होता। कहा कि सबसे पहले अपने परिवार और बच्चों को सुधारें। फिर समाज सुधार का काम करें। मधुसूदन शर्मा ने इतिहास में ब्राह्मणों के योगदान पर प्रकाश डाला। हरिनारायण चतुर्वेदी ने बच्चों को संस्कारवान बनाने पर जोर दिया। यादवेन्द्र शर्मा ने कहा कि आरक्षण के दौर में ऐसे ब्राह्मण परिवार भी हैं जो दो वक्त की रोटी और बच्चों के लिए शिक्षा भी नहीं जुटा पा रहे। योगेन्द्र प्रधान ने कहा कि राजनीति के प्रभाव में 90 फीसदी वाले बेरोजगार हैं और 50-55 फीसदी वाले सरकारी नौकरी कर रहे हैं। डीजीसी क्राइम फिरोजाबाद ने कहा कि आप जिस पद पर हैं उसकी जिम्मेदारी को सबसे पहले पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं। वेद पाठक, गोविन्द पाराशर, राजकुमार शर्मा, आशुतोष अग्निहोत्री, देवेन्द्र कटारा, डीके वशिष्ठ, सी पी राय ने भी अपने विचार रखे। संचालन राहुल चतुर्वेदी व धन्यवाद ज्ञापन कैलाश चंद मिश्रा, शैलेन्द्र शर्मा ने दिया।
मुन्ना मिश्रा के सहयोग का मिला आश्वासन
हाल ही में मुन्ना मिश्रा के भाई के नामनेर क्षेत्र में हुए मर्डर मामले में पूरा सहयोग कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की बात कही गई। मुन्ना मिश्रा ने मंच से आप बीती सुनाई। कहा एक माह के बाद भी प्रशासन आरोपियों को पकड़ नहीं पाया है। इसके अलावा समाज के सभी जरूरमंद लोगों को सहयोग करने का आश्वासन दिया।
लवकुश मिश्रा ने कहा
आज भी रोजगार की कमी नहीं। सही व्यक्ति को सही रोजगार की जानकारी नहीं है। सरकारी क्षेत्र में भले ही न हो, व्यवसाय में परन्तु सम्भावनाओं की कमी नहीं। केदारनाथ मंदिर से चार महीने में खच्चर वालों की आय 102 करोड़ थी। यह डॉक्यूमेंटेड है। चार हजार करोड़ कुम्भ मेले के लिए सरकार ने खर्च किया, लेकिन कुम्भ मेले से एक लाख बीस हजार करोड़ की अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई। हमने अपने विद्वान, वैज्ञानिक और व्यवहारिक थे पूर्वजों से कुछ नहीं सीखा, जो विद्वान थे। क्योंकि लोगों ने हमारे अन्दर हीन भावना भर दी। हमें उससे बाहर निकलना होगा। हमारी संस्कार और धर्म के सभी संस्कार वैज्ञानिक तत्यों पर आधारित हैं।
परशुराम जयन्ती नहीं, प्राकट्योत्सव मनाएं
दिनेश शर्मा ने कहा कि परशुराम भगवान विष्णु का अवतार थे। जिनका जन्म नहीं बल्कि प्राकट्य हुआ था। जयन्ती उनकी मनाई जाती जिनकी मृत्यु होती है। इसलिए भगवान परशुराम की जयन्ती नहीं बल्कि प्राकट्योत्सव मनाया जाना चाहिए। इसी तरह लोग हनुमान जयन्ती मनाते हैं। जबकि हनुमान प्राकट्योत्सव मनाया जाना चाहिए। कहा कोई भी भगवान किसी समाज, वर्ग या समुदाय विशेष के नहीं होते। भगवान व महापुरुषों को किसी दायरे में न बांधे।
संस्कार पाठशाला के विद्यार्थियों ने किया कार्यक्रम का शुभारम्भ
संस्कार पाठशाला भोगीपुरा के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ महर्षि परशुराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम गणेश वंदना व मां दुर्गा की स्तुति की। खास बात थी की कार्यक्रम में कोई मंच नहीं सजा था। मंच पर सिर्फ वक्ता मौजूद रहता था। कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति अपने आप में मुख्य और खास था।
रजिस्ट्रेशन के लिए क्यूआर कोड का किया विमोचन
विप्र चिन्त शिविर का सदस्य बनने के इच्छुक लोगों के लिए क्यूआर कोड का विमोचन भी किया गया। जिसके माध्यम से लोग अपना रजिस्ट्रेशन कराकर संगठन से जुड़ सकते हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्रज बहादुर, डीके वशिष्ठ, डीवी शर्मा, अशोक चैबे, तरुण शर्मा, रुचिका चतुर्वेदी, महन्त योगेश पुरी, बिट्टू गौड़, पवन समाधिया, राहुल शर्मा, अंकुर कौशल, विक्रांत शर्मा, भरत शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा, कैलाश मिश्रा, भावना शर्मा, शालिनी शर्मा, प्रकाश चंद शर्मा, अनुराग चतुवेर्दी, हर्षित शर्मा, अपूर्व शर्मा, गौरव शर्मा, खेमचंद शर्मा, लोकेन्द्र दुबे, सीपी रायआदि उपस्थित थे।
: ‘‘टीबी मरीजों के लिए फायदेमंद है योग’’
Thu, Jun 20, 2024
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ( 21 जून 2024) पर विशेष
फेफड़ों को साफ कर, मधुमेह को नियंत्रित रख और मानसिक शांति प्रदान कर बनता है मददगार
आगरा। टीबी की शीघ्र पहचान और दवा के सम्पूर्ण कोर्स के साथ साथ अगर टीबी का मरीज नियमित योग करता है तो वह जल्दी ठीक हो सकता है । योग, टीबी मरीज के लिए एक निवारक चिकित्सा के रूप में कार्य करता है। इसे मरीज की दिनचर्या में शामिल करने से फेफड़े साफ होते हैं और उसे मानसिक शांति भी मिलती है । साथ ही अगर टीबी के साथ मधुमेह की सहरूग्णता है तो मधुमेह भी नियंत्रित रहता है जिससे टीबी से ठीक होने की गति में अपेक्षाकृत तेजी आती है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि योग की सार्वभौमिक महत्ता को देखते हुए ही इस साल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वयं और समाज के लिए योग रखी गयी है। इस दिवस पर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को योग के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है। इन केंद्र की मदद से भी टीबी मरीज योग सीख कर लाभ उठा सकते हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जो टीबी केयर टूल तैयार किया गया है उसके जरिये मरीज को शारीरिक गतिविधियों के साथ साथ प्राणायम की भी सलाह दी जाती है। इसके जरिये संदेश दिया गया है कि मन को शांत करने, तनाव व चिंता को दूर करने में ध्यान की अहम भूमिका है। यह सुबह शाम के अलावा दिन में कभी भी किया जा सकता है। मरीजों को बताया जाता है कि वह शांत जगह पर आराम से बैठें और नाक से धीरे धीरे सांस अंदर लें। जब तक हो सके सांस को अंदर रोक कर रखें और फिर मुंह से धीरे धीरे सांस को बाहर छोड़ें। सांस अंदर और बाहर लेते समय उस पर ध्यान दें।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को परामर्श के दौरान दवा के साथ योग व व्यायाम की भी सलाह दी जा रही है। जिले में इस समय ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (डीआर टीबी) के 543 मरीज, जबकि ड्रग सेंसिटिव टीबी (डीएस टीबी) के 11345 मरीज उपचाराधीन हैं। इन सभी मरीजों को नियमित दवा के सेवन के साथ साथ योग और व्यायाम अवश्य करना चाहिए।
कई प्रकार से उपयोगी है योग
योग शिक्षक डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि मधुमेह ग्रसित और नशे का सेवन करने वाले टीबी रोगियों के जल्दी ठीक होने की संभावना कम होती है। योग इन दोनों स्थितियों पर काबू पाने में कारगर है। एक तरफ नियमित योग से जहां मधुमेह नियंत्रित रहता है, वहीं दूसरी ओर नशा छोड़ने में भी मददगार है। टीबी मरीज सूर्य नमस्कार, पवन मुक्तसना सेतुबंधासना, उत्तनपादासना, भजंगासना, शलभासना, बक्क्रसना, पश्चिमोत्तानासन, ताड़ासन, अर्ध चकरसना, वृक्षसना, भ्रामरी प्राणायाम ५ मिनट, नाडिशोधन प्राणायाम १० मिनट, कपालभती ५ मिनट, और ओम् ५ मिनट का नियमित अभ्यास कर अपने फेफड़ों की शक्ति बढ़ाने के साथ साथ टीबी के अन्य कारकों पर काबू कर जल्दी ठीक हो सकते हैं। भस्त्रिका प्राणायाम को रोजाना दो से पांच मिनट और कपालभांति प्राणायाम पांच से पंद्रह मिनट करना टीबी मरीज के लिए काफी लाभदायक पाया गया है।
: 30 जून को होगा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान
Thu, Jun 20, 2024
अग्रवाल युवा संगठन द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में 30 जून को आयोजित होगा अग्रवाल समाज के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह
आगरा। समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिले। समाज के सहयोग और परिवार के आशीर्वाद से वह ऊंचा मुकाम प्राप्त कर सकें और देश व समाज की सेवा की भावना के साथ जीवन में आगे बढ़ते रहे। इसी उद्देश्य के साथ 30 जून को अग्रवाल युवा संगठन द्वारा लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।
यह जानकारी संगठन के पदाधिकारियों ने वॉटर वक्र्स स्थित अतिथिवन में आयोजित आमंत्रण विमोचन कार्यक्रम में दी। संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष गणेश कुमार बंसल ने जानाकरी देते हुए बताया कि सम्मान समारोह में हाल में चुने गए आईपीएस राजीव अग्रवाल का भी सम्मान समाज के वरिष्ठों द्वारा किया जाएगा। किसी भी परीक्षा में 90 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम संयोजक अंशुल बंसल, जितेंद्र अग्रवाल, निखिल गोयल ने बताया 30 तारीख को सम्मान समारोह में समाज के कुछ विशेष प्रतिभावान छात्रों का भी सम्मान किया जाएगा। संगठन महामंत्री अम्बुज ने सभी से अपील करी है कि जो भी अग्रवाल समाज के छात्र-छात्राएं हाई स्कूल एवं इंटर मे 90ः या 90ः से ऊपर अंक प्राप्त किए हैं वह हमारे व्हाट्सएप नंबर (कार्यक्रम संयोजक- अंशुल बंसल मो.-7017952493, सह संयोजक- जितेंद्र अग्रवाल मो.-9897378129, सह संयोजक- निखिल गोयल मो.-9084615450) पर अपनी मार्कशीट एवं आधार कार्ड भेज कर सम्मान समारोह में शामिल हो सकते हैं।
इस वर्ष 2024 में जिन भी छात्र छात्राओं द्वारा हाईस्कूल या इंटर की किसी भी बोर्ड परीक्षा में या किसी अन्य परीक्षा में 90ः या इससे अधिक अंक प्राप्त किए गए हो और साथ ही अन्य किसी विशेष प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षा में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं भी सम्मान किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संजय अग्रवाल, प्रतीक गोयल कोषाध्यक्ष, प्रियाकांत बंसल, अंकित अग्रवाल, अंशुल बंसल, जितेंद्र अग्रवाल, निखिल गोयल, उज्जवल अग्रवाल, मयंक गर्ग, अमन अग्रवाल, शिवम गर्ग, अभिलाष गोयल आदि लोग उपस्थित रहे।