: परमात्मा ने दिया है धन तो करना चाहिये दान - संजय कृष्ण ‘सलिल’
Wed, Jan 15, 2025
आगरा। होटल सेलिब्रेशन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पूज्य डॉक्टर संजय कृष्ण ‘सलिल’ जी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन की कथा में कहा कि भगवान स्वयं ब्रज में अवतार लेते हैं, पूरा कथा स्थल ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ से गूंज उठा। नंद बाबा के यहां छह माह तक जन्मोत्सव मनाया गया। नंद बाबा ने खूब दान दिया। बृजवासी खूब दान लेकर जा रहे थे।
धन की तीन गति होती है - दान, भोग, नाश। उत्तम गति दान होती है परमात्मा ने धन दिया है तो दान करना चाहिये। अगर हम धन को पुण्य के कार्याे मे नही लगायेंगे तो लक्ष्मी ज्यादा दिन नहीं रहती है।
बाल कृष्ण को मारने पहुंची पूतना
कंस को भय था कि देवकी की आठवी संतान उसका वध कर देगी, इसी सेे बचने के लिए उसने भगवान कृष्ण को मारने के लिए पूतना को गोकुल में भेजा, पूतना ने सुंदरी का रूप बनाकर गोकुल में प्रवेश किया। कृष्ण को ढूंढते हुए वह नंद भवन में पहुँच गई, माँ यशोदा से बाल कृष्ण को मनुहार करने की आज्ञा लेकर उसने श्रीकृष्ण को गोद में उठाकर स्तनपान कराना शुरू किया, उसने स्तन पर पहले से ही विष लगाया था, प्रभु इस छल को भली भाँति जानते थे फिर भी उन्होंने स्तनपान जारी रखा। अविद्या रुपी पूतना अपने स्तनो मे विष लगाकर भगवान को मारने के उद्देश्य से आती है प्रभु कितने दयालु है कि उसे माता की गति प्रदान कर देते हैं।
भगवान कृष्ण माखन चोरी करते हैं प्रभु की प्रत्येक लीला में जनकल्याण की भावना समाहित होती है। आगे कथा मे महाराज जी ने गोवर्धन की लीला का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया। सभी को झांकी का दर्शन कराया एवं ‘श्री गोवर्धन महाराज’ भजन सुन कर भक्त झूम उठे।
कथा में सुरेश चंद अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरुण मित्तल, नीतू बंसल, ऋषिक मांगलिक उपस्थित रहे।
: भजन सत्संग दान पुण्य कभी नष्ट नहीं होता-संजय कृष्ण सलिल
Wed, Jan 15, 2025
आगरा। कमला नगर स्थित होटल सेलिब्रेशन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पूज्य महाराज डॉक्टर संजय कृष्ण सलिल महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में बताया कि भगवान राम और कृष्णा स्वयं पूर्ण अवतार हैं ध्रुव जी के प्रसंग में महाराज जी ने बताया कि माता के कहने पर उन्होंने गृह त्याग दिया था। माता ने उनसे कहा कि बेटा तुम भजन करो तुम्हें पिता की गोद क्या, सब कुछ मिल जाएगा। भजन में बहुत बड़ी शक्ति होती है। कमाया हुआ धन नष्ट हो जाता है, किया हुआ भोजन भी विकार पैदा कर सकता है परंतु किया हुआ भजन सत्कर्म पुण्य दान यज्ञ हित कभी नष्ट नहीं हो सकता है। ध्रुव जी ने भजन किया परमात्मा को स्वयं दर्शन देने के लिए अपितु गोविंद स्वयं भक्त के दर्शन करने के लिए आए।
भक्त अजामिल संसार्गीक दोष के कारण पतित हो जाता है संतों की कृपा निमित्त बनती है पुत्र के नाम के कारण प्रभु के धाम की प्राप्ति होती है प्रभु के नाम से संसार के बंधन कट जाते हैं चतुर्थ पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है यमदूत कुछ बिगाड़ नहीं सकते हैं किसी भी प्रकार से मन को कृष्ण के चरणों में लगा देना चाहिए।
कथा में सुरेश चंद अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरुण मित्तल,नीतू बंसल, ऋषिक मांगलिक उपस्थित रहे।
: कान्हा अटा चढ़ि चंग उड़ावत हो, श्रीप्रेमनिधि जी मंदिर में ठाकुर जी ने उड़ाइ पतंग
Tue, Jan 14, 2025
आगरा। कान्हा अटा चढ़ि चंग उड़ावत हो, अपुने आंगन हू ते हेराे, लोचन चार भए नंदनंदन काम कटाक्ष भयो भटु मेराे….अभयंग स्नान कर साज सिंगार श्याम सुभग तन, पुण्यकाल तिलवा भाेग घर के प्रेम सों बीरी अरोगावत निज जन…पुष्टिमार्ग के इन्हीं पदाें के साथ नाई की मंडी स्थित श्रीप्रेमनिधि मंदिर में मकर संक्रांति पर्व मनाया गया।
सूर्य देव के उत्तरायण प्रवेश के स्वागत पर्व के रूप मकर संक्रांति मनाते हुए मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने ठाकुर श्याम बिहारी जी के समक्ष पतंग धरायी। राज भाेग में विभिन्न व्यंजनों के साथ तिल के लड्डुओं का भोग अर्पित हुआ। उन्होंने बताया कि तिल की सामग्री में एक तिल दूसरे तिल से जितना निकट है, उतने की प्रभु अपने निजजन को निकटता प्रदान करते हैं।
मंदिर परिसर को रंग बिरंगी पतंगों से सजाया गया। सांझ ढले गौधूली बेला में ठाकुर जी को विभिन्न पदाें से रिझाया गया, जिसमें विशेष कर पतंग उड़ाने के पद सम्मलित थे। विशेष अलंकारों से अलंकृत ठाकुर जी की शोभा देख हर कोइ बस एक टक निहारता ही रहा। खिचड़ी महोत्सव के रूप में प्रसादी में भक्तों को खिचड़ी बांटी गयी। विशेष बात रही कि सभी भाेग सेवा मंदिर परिसर में ही तैयार की गयीं। इस अवसर पर व्यवस्थाएं सुनीत गोस्वामी, दिनेश पचौरी, आशीष पचौरी, अमित शर्मा आदि ने संभालीं।