: नटखट कन्हैया साथ गोमाता की सजाई सांझी
Sun, Sep 7, 2025
श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में पित्रपक्ष के प्रथम दिन सजी सांझी
चंद्र ग्रहण के कारण सूतक होने से प्रातःकाल किया पूजन
ग्रहण काल में रात डेढ़ बजे तक चला कीर्तन
आगरा। पित्रपक्ष के प्रथम दिन पूर्णिमा से अमावस्या तक प्रतिदिन श्रीजगन्नाथ मंदिर में सांझी सजेगी। आज प्रथम दिन रंगों व फूलों से नटखट कान्हा संग गोमाता की आकृति से सांझी सजाई गई। चंद्र ग्रहण में सूतक के कारण भगवान के पट बंद होने से प्रथम दिन पूजन प्रातः काल ही कर लिया गया। सोमवार से प्रतिदिन सांझी की आरती संध्या काल में की जाएगी और कान्हा की लालीओं पर आधारित आकर्षक आकृतियों से सांझी सजाई जाएगी।
इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने प्रथम दिन सांझी की आरती करने के उपरान्त बताया कि सनातनी परम्पराओं को हम भूलते जा रहे हैं। कभी समय था जब घर-घर में पित्रपक्ष में सांझी बनाकर उनका पूजन किया जाता था। उसी परम्परा को जीवन्त रखने का प्रयास है। वृन्दावन से श्रीकृष्ण के मथुरा चले जाने पर नित रोज अपनी सखियों के साथ एक लीला (कालिया दमन, माखन चोरी, गिरिराज धरम, महारास, श्रंगार लीला, दान लीला आदि) को आकृति के रूप में बनाती थीं। संध्या काल में बनाए जाने और सखियों के साथ मिलकर बनाती थी, इसलिए इसे सांझी कहा जाता है। सुबह होने पर राधाजी उसे यमुना जी में बहा देती थीं। सांझी को फूल पत्तों और रंगों से सजाती थीं। इस परम्परा को आज भी कुछ लोग निभा रहे हैं। श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज बी 15 दिन तक सांझी बनायी जाती है। बताया कि आज चंद्रग्रहण काल में रात्रि 9 बजे से डेढ बजे तक अनवरत कीर्तन किया जा रहा है। ग्रहण काल में कीर्तन का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल, राजेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।
: सीता-राम मिलन और स्वयंवर प्रसंग ने किया भक्तों को भावविभोर, ताड़का वध से परशुराम संवाद तक सुनाई दिव्य कथा
Sun, Sep 7, 2025
आगरा। सुभाष नगर, कमला नगर में विश्व सनातन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 16 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर कथा व्यास पं. भरत उपाध्याय ने ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका में सीता-राम मिलन, शिव धनुष भंग और परशुराम संवाद जैसे दिव्य प्रसंगों का मनोहारी वर्णन किया। कथा सुनते हुए पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। कथा व्यास ने बताया कि ताड़का वध यह दर्शाता है कि समाज से अधर्म और अत्याचार का अंत करने के लिए साहस और धर्मबल आवश्यक है। वहीं अहिल्या उद्धार का प्रसंग यह सिखाता है कि प्रभु का सान्निध्य जीवन की सभी गलतियों और बंधनों को दूर कर सकता है। पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन एक दिव्य क्षण था, जिसने संसार को शुद्ध प्रेम और मर्यादा का आदर्श दिया। इसके बाद शिव धनुष भंग और महर्षि परशुराम संग वार्ता का वर्णन करते हुए पं. उपाध्याय ने कहा कि यह प्रसंग यह शिक्षा देता है कि शक्ति और सामर्थ्य तभी सार्थक हैं जब वे धर्म और मर्यादा की स्थापना में प्रयुक्त हों। सीता-राम का स्वयंवर प्रसंग सुनते ही भक्तों ने भक्ति और हर्षोल्लास से वातावरण को गूंजा दिया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग ने इस अवसर पर मुख्य यजमान आकाश शर्मा एवं रेखा शर्मा के साथ आरती एवं पूजन कर कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन और सामाजिक समरसता का आदर्श है। इस मौके पर पवन बंसल और श्री हनुमत धाम, लंगड़े की चौकी मंदिर के महंत गोपी गुरु विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गीता सिंघल, ऋतु गर्ग, सोहनी गर्ग, सपना गोयल, अंबे, अर्चना, बरखा, प्रेमलता शर्मा, बबिता शर्मा, कीर्ति, अमिता, गुंजन, कामना गोयल, रोशनी सिंघल, प्रेम वर्मा, एके सिंघल आदि उपस्थित रहे।
: गणेश पूजन मुकुट पूजन के साथ शुभारंभ हुई उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला
Sat, Sep 6, 2025
आगरा। 6 सितंबर 2025 से 5 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले रामलीला महोत्सव का शुभारंभ आज गणेश पूजन, मुकुट पूजन के साथ लाल चन्नामल की बारहदरी आगरा पर प्रारंभ हुआ। आज के दिन से ही रामचरितमानस पाठ का पूजन एवं कीर्तन भी निरंतर होगा। इस वर्ष रामलीला का मंचन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंकज दर्पण के नेतृत्व में किया जाएगा। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ हो जाता है क्योंकि अगले दिन से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाते हैं। पितृपक्ष में कोई भी धार्मिक कार्य नहीं किया जाता है।
रामलीला में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, मां जानकी व हनुमान जी की भूमिका निभाने वाले पात्रों का वरण किया गया। मुकुट पूजन वेद प्रकाश प्रचेता, चक्र पाणी शर्मा द्वारा श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष/विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल के हाथों कराया गया। विघ्न विनायक श्री गणेश जी का मुकुट पूजन बड़े विधि विधान से संपन्न कराया गया। लाला चन्नोमल की बारहदरी में गणेश पूजन धार्मिक अनुष्ठानों, भजन कीर्तन के साथ बड़े विधि विधान से कराया गया। आज के दिन से रामचरितमानस का मास परायण का पाठ एवं कीर्तन का शुभारंभ हो गया जो बृजेश पंडित जी द्वारा राम लीला महोत्सव तक निरन्तर किया जाएगा। अंत में श्री राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न मां जानकी हनुमान जी की आरती संपन्न हुई।
मुकुट पूजन में रामलीला कमेटी के भगवान दास बंसल, विजय प्रकाश, मुकेश अग्रवाल, ताराचंद, मनोज अग्रवाल (पोली भाई), विनोद जोहरी, विष्णु दयाल बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, आनंद मंगल, महेश अग्रवाल, रामांशु शर्मा, आयुष अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, दिलीप कुमार अग्रवाल, मनीष शर्मा, अजय अग्रवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, प्रवीन गर्ग, प्रकाश चंद, निक्की जोहरी, योगेंद्र अग्रवाल, गिरिराज अग्रवाल, राहुल गौतम आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।