: ढोल नगाड़ों संग धार्मिक तीर्थ स्थलों की यात्रा पर निकले 450 श्रद्धालू
Thu, Sep 11, 2025
आगरा। ढोल नगाड़ों पर झूमते नाचते श्रद्धालू। मुख पर भगवान महावीर के जयकारे। आज शाम पांच बजे करीब ईदगाह रेलवे स्टेशन पर कुछ ऐसा ही नजारा था। शहर के 450 श्रद्धालु आज गुजरात में जैन समाज के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा पर भक्ति भाव के साथ रवाना हा। सात दिवसीय यात्रा में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सबी शामिल थे।
यात्रा के सूत्रधार रोबिन जैन ने ईदगाह स्टेशन पर पहुंचने पर सभी श्रद्धालुओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर व माला पहनाकर सम्मानित किया। ढोल नगाड़ों से भक्तों का स्वागत हुआ तो सभी मिलकर भक्ति भाव के साथ झूमने नाचने लगे। धार्मित यात्रा सर्वप्रथम जूनागढ़, फिर जैन समाज के सिद्ध क्षेत्र गिरनार,, सोमनाथ, सोनगढ़, पालीतान में दर्शन कर पुनः सात दिन उपरान्त 16 सितम्बर को आगरा वापसी करेगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रोबिन जैन, राजेन्द्र कुमार जैन, नरेन्द्र कुमार जैन, नवीन कुमार जैन, दिशेन अग्रवाल, पं. ऋषभ जैन शास्त्री, दिलीप जैन, प्रिंस जैन, सोनम जैन, पद्मा जैन, पायल जैन, मनीषा जैन आदि यात्रा में शामिल थे।
: श्रीराम कथा: हनुमान भक्ति ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
Thu, Sep 11, 2025
रामकथा हमें धर्म, सत्य और समाजहित का मार्ग दिखाती है - राजकुमार गुप्ता, भाजपा महानगर अध्यक्ष
आगरा। सुभाष नगर, कमला नगर में विश्व सनातन ट्रस्ट द्वारा चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का अष्टम दिवस उत्साह और प्रेरणा से सराबोर रहा। कथा व्यास पं. भरत उपाध्याय ने इस दिन भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, बाली–सुग्रीव युद्ध तथा हनुमानजी से प्रभु की भेंट का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा व्यास पंडित भरत उपाध्याय ने कहा कि बाली और सुग्रीव के युद्ध का प्रसंग हमें यह शिक्षा देता है कि अन्याय और छल का अंत निश्चित है। प्रभु श्रीराम ने सुग्रीव को न्याय दिलाने के लिए बाली का वध कर धर्म की स्थापना की। इसी के साथ हनुमानजी का प्रथम परिचय और उनकी भक्ति ने यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त अपने जीवन का हर क्षण प्रभु सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित करता है।
मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने व्यासपीठ की आरती करते हुए कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को सत्य, त्याग, भाईचारे और सेवा का संदेश देने वाली जीवन गाथा है।
संस्था के संस्थापक एवं मुख्य यजमान आकाश शर्मा और रेखा शर्मा ने बताया कि कथा प्रसंग हमें यह सिखाते हैं कि यदि जीवन में सच्चे मित्र और समर्पित सहयोगी हों तो हर संकट का समाधान संभव है।
इस अवसर पर ऋषि कुमार शर्मा, कमलेश शर्मा, महंत गोपी गुरु(श्री लंगड़े हनुमत धाम, लंगड़े की चौकी), पुस्कल गुप्ता, राजदीप सिंह, दीपेश उपाध्याय, पल्लवी महाजन, आदि श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म और भक्ति में लीन रहे।
: कोप भवन प्रसंग और वन गमन ने श्रद्धालुओं को किया भावुक, उमड़ा आस्था का सैलाब
Mon, Sep 8, 2025
आगरा। सुभाष नगर, कमला नगर में विश्व सनातन ट्रस्ट द्वारा चल रहे नव दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के षष्ठ दिवस पर कथा व्यास पं. भरत उपाध्याय ने कोप भवन लीला और वन गमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भावुकता से भर उठा।
कथा व्यास ने कहा कि कैकयी के कोप भवन प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि मोह और स्वार्थ मनुष्य को अपने ही प्रियजनों के प्रति कठोर बना देता है। माता कैकयी ने राजा दशरथ से वरदान मांगकर श्रीराम को वनवास और भरत को राज्य देने की जिद की। दशरथ जी वचनबद्ध थे, इसलिए भारी मन से उन्होंने यह निर्णय स्वीकार किया। वन गमन का प्रसंग सुनाते हुए पं. भरत उपाध्याय ने बताया कि श्रीराम ने पिता की आज्ञा को सर्वाेपरि मानते हुए बिना किसी विरोध के वन जाने का निर्णय लिया। माता सीता और भ्राता लक्ष्मण ने भी प्रभु संग वन जाने का संकल्प लिया। यह प्रसंग समाज को यह संदेश देता है कि जीवन में सबसे बड़ी शक्ति धर्म और कर्तव्य का पालन है। उन्होंने कहा कि कोप भवन लीला हमें यह भी सिखाती है कि क्रोध और अहंकार पारिवारिक संबंधों को तोड़ सकते हैं, जबकि त्याग, धैर्य और समर्पण परिवार और समाज को जोड़ते हैं। श्रीराम ने हर परिस्थिति में मर्यादा और आज्ञाकारिता का पालन कर आदर्श स्थापित किया।
मुख्य अतिथि विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल ने व्यास पीठ का पूजन किया।
संस्था के संस्थापक एवं मुख्य यजमान आकाश शर्मा और रेखा शर्मा ने कहा कि वन गमन का प्रसंग हमें त्याग और संयम की महत्ता बताता है। धर्म के मार्ग पर चलने से ही जीवन सच्चे अर्थों में सफल होता है।
इस अवसर पर महंत गोपी गुरु (श्री लंगड़े हनुमत धाम, लंगड़े की चौकी), राघव उपाध्याय, गिर्राज बंसल, कालीचरण वैद्य, दीपेश उपाध्याय, पार्षद हरिओम, रामनिवास गुप्ता, लालू जादौन, गीता सिंघल, ऋतु गर्ग, सोहनी गर्ग, सपना गोयल, अंबे, अर्चना, बरखा, प्रेमलता शर्मा, बबिता शर्मा, कीर्ति, अमिता, गुंजन, कामना गोयल, रोशनी सिंघल, प्रेम वर्मा, एके सिंघल सहित अनेक श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर हो उठे।