: सीता-राम मिलन और स्वयंवर प्रसंग ने किया भक्तों को भावविभोर, ताड़का वध से परशुराम संवाद तक सुनाई दिव्य कथा
Pragya News 24
Sun, Sep 7, 2025
आगरा। सुभाष नगर, कमला नगर में विश्व सनातन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 16 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के पंचम दिवस पर कथा व्यास पं. भरत उपाध्याय ने ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका में सीता-राम मिलन, शिव धनुष भंग और परशुराम संवाद जैसे दिव्य प्रसंगों का मनोहारी वर्णन किया। कथा सुनते हुए पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। कथा व्यास ने बताया कि ताड़का वध यह दर्शाता है कि समाज से अधर्म और अत्याचार का अंत करने के लिए साहस और धर्मबल आवश्यक है। वहीं अहिल्या उद्धार का प्रसंग यह सिखाता है कि प्रभु का सान्निध्य जीवन की सभी गलतियों और बंधनों को दूर कर सकता है। पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता का प्रथम मिलन एक दिव्य क्षण था, जिसने संसार को शुद्ध प्रेम और मर्यादा का आदर्श दिया। इसके बाद शिव धनुष भंग और महर्षि परशुराम संग वार्ता का वर्णन करते हुए पं. उपाध्याय ने कहा कि यह प्रसंग यह शिक्षा देता है कि शक्ति और सामर्थ्य तभी सार्थक हैं जब वे धर्म और मर्यादा की स्थापना में प्रयुक्त हों। सीता-राम का स्वयंवर प्रसंग सुनते ही भक्तों ने भक्ति और हर्षोल्लास से वातावरण को गूंजा दिया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग ने इस अवसर पर मुख्य यजमान आकाश शर्मा एवं रेखा शर्मा के साथ आरती एवं पूजन कर कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन और सामाजिक समरसता का आदर्श है। इस मौके पर पवन बंसल और श्री हनुमत धाम, लंगड़े की चौकी मंदिर के महंत गोपी गुरु विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गीता सिंघल, ऋतु गर्ग, सोहनी गर्ग, सपना गोयल, अंबे, अर्चना, बरखा, प्रेमलता शर्मा, बबिता शर्मा, कीर्ति, अमिता, गुंजन, कामना गोयल, रोशनी सिंघल, प्रेम वर्मा, एके सिंघल आदि उपस्थित रहे।
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