: श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या में झूमे भक्त, मनमोहक झांकी ने बांधा समा
Fri, Nov 7, 2025
आगरा। बल्केश्वर स्थित गौशाला प्रांगण में चल रहे श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में लीला मंचन के विश्राम के बाद गुरुवार की रात्रि भक्ति रस से सराबोर भजन संध्या का आयोजन हुआ। श्री खाटू श्याम जी के भजनों की मधुर गूंज ने समूचे वातावरण को भक्तिरस में डुबो दिया। मंच पर सजी श्री खाटू श्याम जी की मनमोहक झांकी को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
लक्ष्मण शर्मा ने अध्यक्ष मनीष अग्रवाल एवं सुजाता अग्रवाल से विधि विधान से पूजन करवाया। मुख्य अतिथि गोवर्धन से आए चैतन्य हरि चरत जी महाराज ने आरती की। भजन गायकों ने “खाटू में आज बुलावे श्याम”, “मैं तो श्याम दीवानी हो गई”, “श्याम तेरी महिमा न्यारी है” , शान है ये पूरे भारत की, गाय नहीं कटने देंगे जैसे लोकप्रिय भजनों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु हाथों में जयकारे और दीप लिए भक्ति में मग्न झूमते नजर आए।
भजन संध्या संयोजक लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि “प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या भक्तों के लिए अविस्मरणीय रही। श्याम नाम का स्मरण और संगीत का संगम, भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराता है।
शुक्रवार को होगा हवन संग लीला महोत्सव का विश्राम
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के 14 दिवसीय आयोजन का समापन हवन पूजन एवं स्वरूपों की विदाई के साथ किया जाएगा। यह लीला न केवल भक्ति का पर्व है बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक भी है।
ये रहे उपस्थित
सचिन सारस्वत, विजय रोहतगी, नीरू रोहतगी, आशु रोहतगी, शेखर गोयल, रेणु गोयल, अशोक गोयल, ब्रजेश अग्रवाल, अनूप गोयल, केके अग्रवाल, मनोज बंसल, अनंत उपाध्याय ममता, संजय गर्ग मनोज नागा, विष्णु अग्रवाल, तनुराग गोयल, नीलिमा गोयल, संजय चेली, राजेंद्र अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
रास : आत्मा और परमात्मा का दिव्य मिलन - स्वामी प्रदीप शर्मा ठाकुर जी महाराज, रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट
रास लीला ब्रज की अद्भुत और अलौकिक परंपरा है, जिसमें नव रसों का समावेश होता है। यह केवल नृत्य या गायन नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। रास में चारों वेदों का सार निहित हैI इसके गायन में सामवेद का भाव प्रकट होता है। सूरदास, नंददास, कुंभदास, स्वामी हरिदास और हरिवंश जी जैसे संतों ने रास के माध्यम से ठाकुर जी की लीलाओं को ब्रज भाषा में अभिव्यक्त किया। स्वामी हरिवंश जी के अनुसार, “चंद्र मिटे, दिनकर मिटे, मिटे त्रिगुण विस्तार; ड्रोबात श्री हरिवंश को मिटे न नित विहार” - अर्थात संसार मिट सकता है, परंतु ठाकुर जी का रास अमर है। रास के दर्शन साधारण दृष्टि से नहीं होते; इसके लिए गोपी भाव और भक्ति की गहराई आवश्यक है। यही कारण है कि स्वयं भोलेनाथ ने वृंदावन में आकर गोपी भाव धारण किया। रास नश्वर नहीं, यह रसिकों के लिए परम धन और दिव्यता का स्रोत है।
: लायंस क्लब आकाश ने की गौ माता की सेवा, 56 भोग अर्पित कर किया पुण्य अर्जन
Fri, Nov 7, 2025
आगरा। लायंस क्लब आकाश द्वारा बल्केश्वर स्थित गौशाला प्रांगण में मासिक गौ सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान गौ माता की सेवा करते हुए हरा चारा, ताज़ी हरी सब्ज़ियां और 56 भोग अर्पित किए गए।
कार्यक्रम संयोजक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में गौ सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
क्लब अध्यक्ष अनिल वार्ष्णेय ने कहा कि लायंस क्लब आकाश द्वारा गौ सेवा प्रकल्प वर्षभर निरंतर चलाया जाता है, जिसके अंतर्गत यह मासिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने गौ माता की आरती कर गौ संरक्षण एवं सेवा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर रीजन चेयरपर्सन संजय गुप्ता, जोन चेयरपर्सन संजीव गुप्ता, गौरी शंकर गुप्ता, वीके अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, पवन पैंगोरिया, प्रमोद गर्ग आदि उपस्थित रहे।
: देव दीपावली पर दीपों की श्रंखला से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर
Wed, Nov 5, 2025
21 हजार दीप प्रज्जवलित कर मनाई बैकुण्ड चतुर्दशी (देव दीपावली)
लक्ष्मी-नरसिंह रूप में दिए भगवान जगन्नाथ ने दर्शन
हरे रामा, हरे कृष्णा… संकीर्तन पर झूमें भक्तजन
आगरा। श्रीजगन्नाथ मंदिर के साथ आस-पास का हर घर दीपों से श्रंखला से जगमगा रहा था। देव दीपावली पर 21 हजार दीपों से श्रद्धा और भक्ति की ज्योति हर ओर जगमगा रही थी। भगवान जगन्नाथ के जयकारों संग हर ओर झिलमिलाते दीपों की अलौकिक आभा बिखरी थी। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज उत्साह व उमंग के साथ देव दीपावली (बैकुण्ठ चतुर्दशी) मनाई गई। कहीं सतरंगी रंगों से रंगोली सजी थी तो कहीं गेरू और खड़िया से परम्परागत अल्पना सजी थी। मंदिर परिसर ही नहीं मंदिर के आस-पास का भी पूरा क्षेत्र दीपों की झिलमिल रोशनी से जगमगा रहा था।
इस्कॉन मंदिर, आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि आज के दिन ही गज-ग्राह लीला (हाथी और मगर की लीला) में श्रीहरि के परम भक्त गज (हाथी) का बैकुण्ड गमन हुआ था। इसलिए आज दीपदान का विशेष महत्व है। बताया कि श्रीजगन्नाथ जी वर्ष में एक बार ही आज के दिन लक्ष्मी नरसिंह रूप में दर्शन देते हैं। श्रीहरि का यह रूप भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने वाला है। नीले रंग की पोशाक में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग अलौकिक छवि के दर्शन को हर भक्त उत्साहित था। हर (भगवान शिव) हरि (भगवान विष्णु) की रात्रि भी आज ही के दिन मानी जाती है। संध्या आरती के बाद हरे राम, हरे कृष्णा… का मृदंग और मंजीरों पर कीर्तन किया, जिसमें सैकड़ों भक्त श्रीहरि की भक्ति में झूमते रहे। इसके उपरान्त भक्तों द्वारा 21 हजार दीपदान किए गए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप दास, शैलेन्द्र अग्रवाल, कामता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल,विकास बंसल (लड्डू भाई) ज्योति बंसल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरेजा आदि उपस्थित थे।