: श्रीकृष्ण जन्म पर हुआ शंखनाद, राधे राधे के जयघोष से गूंज उठा लीला स्थल
Sun, Nov 19, 2023
धरा को कंस के अत्याचारों से मुक्त कराने को अवतरित हुए श्रीकृष्ण कन्हाई
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में हुआ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म
आगरा। कंसासुर जाना मन अनुमाना, पूतना वेगी पठाईख तेहि हर्षित धाई, मन मुस्काई गयी जहां यदुराई३स्तुति और हरे कृष्ण, राधे कृष्ण के जयघोष संग शंखनाद से गूंज उठा लीला स्थल।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर आरती करते प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में आयोजित श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में मंचीय आयोजन का आरंभ देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म लीला के साथ हुआ। पहले दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का मंचन जैसे ही हुआ जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। ब्रज रज की संस्कृति और अपने तारणहार की भक्ति के रंग से रंगा गौशाला परिसर द्वापरकाल को जीवंत कर रहा है। पहले दिन की लीला के मंचन का शुभारंभ, प्रदेश कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज, लंगड़े की चौकी प्राचीन हनुमान मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय ने भगवान श्रीनारायण हरि विष्णु के स्वरूपों की आरती उतार कर किया।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
भजन-कीर्तन के बीच हुई आरती से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। रोशनी से जगमग मंच पर परंपरागत वेशभूषा में कलाकारों ने अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ते हुए दर्शकों को आनंदित किया। मंचन में दिखाया गया कि कंस अपनी बहन देवकी का विवाह करके उसे ससुराल पहुंचाने जा रहा था, इसी बीच आकाशवाणी हुई कि देवकी का अष्टम पुत्र कंस का वध करेगा। कंस भयभीत हो गया। वह देवकी को मारना चाहता है, लेकिन दोनों को कारागार में डाल देता है। कंस एक-एक करके देवकी की सात संतानों का वध कर देता है। जब आठवें पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लिया तो वासुदेव रात में ही उन्हें नंदबाबा के घर छोड़ आए।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में लीला मंचन का आरंभ करते राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज।
कंस के अत्याचारा और उमड़ती यमुना ने बांधे दर्शक
लीला मंचन के दौरान जब कंस एक− एक कर देवकी के पुत्रों का वध करता है और फिर श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें टोकरी में लेकर यमुना पार गोकुल लेकर जाते हैं, उस समय उमड़ती यमुना की लहरों के दृश्यों ने दर्शकदीर्घा को बांध कर रखा। श्रद्धालु बस श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी का जाप जहां थे वहीं से कर रहे थे और प्रभु की लीलाओं का आनंद ले रहे थे। राधा विनोद लीला संस्थान, वृंदावन के लीला निर्देशक स्वामी श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया।
ये रहे उपस्थित
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री विजय रोहतगी, कोषाध्यक्ष संजय गर्ग, अशोक गोयल, शेखर गोयल, कैलाश खन्ना, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, विनीत सिंघल, अनूप अग्रवाल, गिर्राज बंसल, प्रवीन अग्रवाल, मनोज गुप्ता, अमित अग्रवाल, पीके मोदी, केसी अग्रवाल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, प्रभात रोहतगी, संजय गोयल, बृजेश अग्रवाल, पंकज मोहन शर्मा, सुजाता अग्रवाल, सीमा गोयल, मीडिया प्रभारी तनु गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
निकलेगी गौचारण यात्रा
श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में सोमवार को सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण-बलराम गौचारण यात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के अनुसार यह यात्रा गौशाला, वाटर वर्क्स से शुरू होकर जीवनीमंडी, भैरौं बाजार, बेलनगंज चौराहा, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आएगी। शाम को 6.30 बजे गौशाला परिसर में नंदोत्सव एवं पूतना उद्धार की लीला का मंचन होगा। शाम 6 बजे नंद सखा की सवारी बसंत मार्केट, बल्केश्वर चौराहा से शुरू हो कर गौशाला पहुंचेगी।
ये रहेगा लीलाओं के मंचन का क्रम
20 नवंबर− गोपाष्टमी, नंदोत्सव, दीपक नृत्य और पूतना वध
21 नवंबर− डांडिया नृत्य और कालीदह लीला
22 नवंबर− गौमय श्रंगार एवं गोवर्धन पूजा− अन्नकूट प्रसाद
23 नवंबर− शंकरलीला− माखन चोरी, फूलों की होली
24 नवंबर− श्रीकृष्ण लीला− सुदामा मिलन लीला
25 नवंबर− अक्रूर गमन− कंस वध एवं आतिशबाजी।
26 नवंबर−श्रीकृष्ण बलराम की दिव्य शोभायात्रा।
27 नवंबर− द्वारिकापुरी रुक्मणि मंगल विवाह लीला
28 नवंबर− हवन लीला।
: गोपाष्टमी पर 56 भोग के साथ किया गौ माता का पूजन
Sun, Nov 19, 2023
गौ सेवा मित्र मंडल ने पहली बार किया गोपाष्टमी पर अनूठा आयोजन
विविध व्यंजनों की भांति लगे थे गायों और गोवंशों के लिए 56 भोग
वाटरवर्क्स स्थित गौशाला सहित दो अन्य गौशाला में वितरित हुई सामग्री
आगरा। विभिन्न अवसरों पर विविध मंदिरों में 56 भोग आयोजन प्रचलित हैं किंतु गोपाष्टमी से एक दिन पूर्व गौ सेवा मित्र मंडल द्वारा अनूठा आयोजन किया गया।
वाटरवर्क्स स्थित गौशाला में गायों और गोवंशों के लिए लगाए गए 56 भोग समारोह में उपस्थित गौ सेवा मित्र मंडल के सदस्य।
रविवार को वाटरवर्क्स स्थित गौशाला प्रांगण में सैंकड़ों गायों और गोवंशों के लिए गौ सेवा मित्र मंडल द्वारा पहली बार 56 भोग समारोह का आयोजन किया गया। गोवंश और गायों के लिए 56 प्रकार के व्यंजन जिनमें साग सब्जियां, अंकुरित अनाज, अंकुरित दालें, मेवा, फल, गुड़, रोटी, पुए, मिष्ठान आदि सजाए गए। सदस्यों ने गौशाला में गायों और गोवंशों का पूजन कर भोग लगाया।
वाटरवर्क्स स्थित गौशाला में गायों और गोवंशों के लिए लगाए गए 56 भोग समारोह में उपस्थित गौ सेवा मित्र मंडल के सदस्य।
अध्यक्ष नीरज कुमार अग्रवाल ने बताया कि 56 भोग की सामग्री को फाउंड्री नगर और कर्मयोगी स्थित गौशाला में भी वितरित किया गया। इस अवसर पर नीरज कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष अंकित अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, विकास मित्तल, जितेंद्र अग्रवाल, विशाल बिंदल, नीरज बांदिल, कन्हैया लाल अग्रवाल, प्रदीप सीए, विवेक सिंघल, पंकज गुप्ता, मनीष गोयल, मुकुंद बंसल, अमित गुप्ता, अमित अग्रवाल, दिलीप बंसल, संजय अग्रवाल, प्रदीप गोयल, अरविंद शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
https://youtu.be/KTavRMgHezw?si=JLkOGUM-wAWl9oGW
: श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह 2023 के अन्तर्गत निकाली गई कंस की दुहाई
Sat, Nov 18, 2023
तमतमाते नेत्र देख सहमे बच्चे, नगरभर में गूंजे कंस के अट्टाहास
लाव लश्कर के साथ नगर भ्रमण को निकला कंस, आसुरी शक्तियों का किया प्रदर्शन
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला से निकली सवारी, कंस की दुहाई में शामिल हुई कंस की सेना, पूतना, कंस की जेल
आगरा। नकारात्मक और आसुरी शक्तियों का स्वामी कंस जब अट्टाहास के साथ नगर भ्रमण को निकला तो हर बच्चा-बच्चा जैसे सहम गया किंतु उसे देखने की लालसा संग जो जहां था वहीं डटा रहा।
शनिवार को श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह 2023 के अन्तर्गत कंस की दुहाई की सवारियां निकाली गईं। मुख्य अतिथि विधायक डॉ धर्मपाल सिंह और लायंस क्लब के इंटरनेशनल डायरेक्टर जितेंद्र चौहान ने हरी झंडी दिखाकर सवारियों को रवाना किया।
वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला में श्री कृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव में कंस की दुहाई की सवारियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते मुख्य अतिथि विधायक डॉ धर्मपाल सिंह, जितेंद्र चौहान, मनीष अग्रवाल आदि।
लीला स्थल वाटरवर्क्स चौराहा स्थित गौशाला से निकल कंस ने अपने सेनापतियों और असुरों के साथ नगर में भ्रमण किया। कंस ने अपने पिता उग्रसेन सहित ऋषि मुनियों को किस भांति प्रताड़ना दी, इसकी भी एक झांकी सवारियों में शामिल रही। सवारी के एक रथ में विराजमान कंस के स्वरूप के एक हाथ में तलवार थी और लाल-लाल आंखें हर किसी को भयभीत कर रही थीं। एक सवारी में तोप रखी थी, जिसके गोलों से धमाके किये जा रहे थे, जिससे लोगों में दहशत फैल रही थी। अन्य सवारियों में कंस के मंत्री, सिपाही काले परिधान पहने हुए बैठे थे। पूतना, कंस की जेल सहित ऊंट और घोड़े भी सवारी में शामिल थे।
अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि कंस की दुहाई की सवारी लीला मंचन से ठीक एक दिन पहले निकाली जाती है। इसमें दर्शाया जाता है कि कंस द्वारा महाराजा उग्रसेन को बंदी बना कर कारागार में डाल कर अपने को राजा घोषित कर दिया था। इसके बाद कंस अन्य देशों पर विजय पताका फहराने के लिए मंत्रियों के साथ दुहाई पर निकले थे। राज्य में भी लोग भयभीत रहें, इसके लिए भी उनके द्वारा प्रयास किए गए। इसी भावाना को प्रदर्शित करने वाली झांकियां इस यात्रा में शामिल थीं। कंस की दुहाई की सवारियां बैंड बाजों के साथ बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, कसेरट बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आईं।
इस अवसर पर महामंत्री विजय रोहतगी, पार्षद मुरारी लाल गोयल, राजेश अग्रवाल, उमेश बंसल, मनोज अग्रवाल, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अनिल गर्ग, संजीव गुप्ता, गिर्राज बंसल, मीडिया प्रभारी तनु गुप्ता, मनोज गुप्ता, अशोक गोयल, धर्मेंद्र चौधरी, केके अग्रवाल, शेखर गोयल, बृजेश अग्रवाल, मनोज बंसल, प्रभात रोहतगी, संजय गर्ग, पीके मोदी आदि उपस्थित रहे।
रविवार को होगा मंचीय लीला का शुभारंभ
रविवार सायं 6ः30 बजे गौशाला में मंचीय लीला का शुभारंभ श्रीकृष्ण जन्म के साथ होगा। राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह शुभारंभ करेंगे। उनके साथ लंगड़े की चौकी मंदिर के मुख्य महंत गोपी गुरु और 400 वर्ष प्राचीन सीताराम मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय भी होंगे।
ये रहेगा लीलाओं के मंचन का क्रम
19 नवंबर− देवकी वसुदेव विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्मलीला
20 नवंबर− गोपाष्टमी, नंदोत्सव, दीपक नृत्य और पूतना वध
21 नवंबर− डांडिया नृत्य और कालीदह लीला
22 नवंबर− गौमय श्रंगार एवं गोवर्धन पूजा− अन्नकूट प्रसाद
23 नवंबर− शंकरलीला− माखन चोरी, फूलों की होली
24 नवंबर− श्रीकृष्ण लीला− सुदामा मिलन लीला
25 नवंबर− अक्रूर गमन− कंस वध एवं आतिशबाजी।
26 नवंबर− श्रीकृष्ण बलराम की दिव्य शोभायात्रा।
27 नवंबर− द्वारिकापुरी रुक्मणि मंगल विवाह लीला
28 नवंबर− हवन लीला
https://youtu.be/guSqEUJ64zw