: गुप्त नवरात्रों की सप्तमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ महामाई का महायज्ञ, 108 श्रीफलों की दी गई आहूति
Sun, Feb 18, 2024
आगरा। गुरु के बिना कोई संसार रूपी भवसागर को नहीं तर सकता, चाहे वह ब्रह्मा जी और शंकर के समान ही क्यों न हो। मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज श्रीराम कथा में कथा वाचक संजय शास्त्री ने श्रीराम कथा में गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान की प्राप्ति गुरु के बिना सम्भव नहीं। श्री राम कथा में राम जन्म, सीता स्वयंवर का संगीतमय कथा का वर्णन किया। कहा कि सिर्फ राम नाम ही भरोसे का है। राम नाम एक ऐसा बटन है जो आपकी हर मनोकामना को पूरा करेगा।
श्रीराम के अवतार का कारण अपने भक्तों का उद्धार है। बड़े बड़े संत मन में इच्छा को लेकर चले गए कि अयोध्या में श्रीराम कब विराजमान होंगे। हम बड़े सौभाग्यशाली है जो हमने श्रीराम को अयोध्या में बिराजते देखा। भगवान श्रीराम का वनवास तो केवल 14 वर्ष का था, भक्तों का 500 वर्ष का वनवास था। श्रीहरि ने श्रीराम के रूप में राजा बनने के लिए अवतार नहीं लिया था, वह संतों और भक्तों को हृदय से लगाने के लिए आए थे। भक्त और संत का हृदय भगवान का घर है। बड़े महलों से उन्हें कोई मतलब नहीं। सीता स्वयंवर की कथा में जैसे ही सीता जी ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली कथा स्थल सियाराम के जयकारों से गूंजने लगा।
महायज्ञ स्थल पर एक जोड़े का विवाह भी सम्पन्न हुआ
मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज एक जोड़े का विवाह भी सम्पन्न हुआ। महायज्ञ की पवित्र अग्नि के समक्ष वर वधू ने फेरे लिए और सात वचनों को निभाने का संकल्प लिया। पवन दीक्षित, ब्लॉक प्रमुख सोनू दिवाकर व आयोजन समिति के सदस्यों ने कन्यादान लेकर वर वधू को आशीर्वाद व ग्रहस्थी का सभी सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। वर वधू के परिवारी जनों ने मंगल गीत गाए। पूर्व मेयर नवीन जैन ने युगल दम्पत्ति को आशीर्वाद देने के साथ महायज्ञ में मां कामाख्या के समक्ष आहूति भी दी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
अष्टमी के रात्रि में 108 किलो फलों की आहूति से हुआ मां कामाख्या के निशा पूजन
गुप्त नवरात्रों की अष्टमी पर कालरात्रि में मां कामाख्या का निशा पूजन किया गया। अष्टमी और आज नवमी तिथि में सुबह भी वासुदेव गर्ग ने प्रधान कुण्ड पर पूजन कर सभी आचार्यों से आशीर्वाद लिया। राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष्र्णेय, बी एस पाण्डेय, मुख्य मीडिया प्रभारी रमेश राय, धरमवीर सोलंकी, जितेन्द्र अग्निहोत्री, नीरज शर्मा, दिनेश शर्मा आदि शामिल रहे। परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में शास्त्रीपुरम, सुनारी में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 108 यज्ञकुण्डों में श्रद्धालुओं ने आहूति दी व विधि विधान के साथ पूजन किया।
: 108 श्रीफलों की आहूति से हुए मां कामाख्या के निशा पूजन
Sat, Feb 17, 2024
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गुप्त नवरात्रों की सप्तमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ महामाई का महायज्ञ, 108 श्रीफलों की दी गई आहूति
आगरा। गुप्त नवरात्रों की सप्तमी पर कालरात्रि में मां कामाख्या का निशा पूजन किया गया। महायज्ञ में महामाई को 108 श्रीफलों के साथ सात्विक पेठे व नींबू की भी आहूति दी गई। महायज्ञ परिसर में स्थापित 56 मूर्तियों पर दीपदान किया गया। जिससे समस्त यज्ञ परिसर दिव्य रोशनी से जगमगा उठा। महामाई के विभिन्न पाठों व महायज्ञ की धूनि से समस्त वातावरण पवित्र व सुगन्धित हो गया। अष्टमी के दिन कालरात्रि पूजन में दीपदान के साथ 108 किलों फलों व नवमी के दिन 108 किलो मेवाओं की आहूति महामायी के महायज्ञ में दी जाएगी। परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में शास्त्रीपुरम, सुनारी में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां कामाख्या व भैरव बाबा के स्थापित ध्वज व मुख्य हवन कुण्ड की परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं।
परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज ने कहा कि गुप्त नवरात्रों के अवसर पर सप्तमी, अष्टमी व नवमी के दिन महामाई कामाख्या का कालरात्रि में विशेष पूजन व दीपदान किया जा रहा है। नगला चंद्रभान दीनदयाल धाम के निर्देशक सोहनपाल जी ने महायज्ञ में आहूति दी। रास रचो है रास रचो है वृन्दावन में रास रचो है… कीर्तन पर आज श्रीहरि की कथा में भक्तजन भगवान की भक्ति में खूब झूमें। शिवजी के गोपी बनकर महारास में पहुंचने व माखन चोरी, मिट्टी खाकर माता यशोदा को ब्रह्माण्ड के दर्शन कराने की लीलाओं का वर्णन कथा वाचक संजय शास्त्री ने किया। सामाजिक विषयों पर बोलते हुए कहा कि जो हमें तार दे वह पुत्र है, वह पुत्र नहीं जो बुढापे में माता-पिता को रोटी न दे। ऐसे पुत्रों का कभी तारण नहीं हो सकता, चाहे कितने भी धर्म कर्म करें। चाहे कितनी भागवत करा ले। नर्क कहीं दूसरी जगह नहीं धरती पर ही है। जैसे कर्म करोगे वैसा ही भोगोगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
18 फरवरी को होगा संतों का विराट सम्मेलन
मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 18 फरवरी को संतों का दोपहर 12 से 2 बजे विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) का आयोजन व दो निर्धन कन्याओं का विवाह कराया जाएगा। संतों के सम्मेलन में भारत के विभिन्न धार्मित स्थलों (काशी, उज्जैन, अयोध्या, मिथिला, आसाम, वृन्दावन) के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे। सनातम धर्म व संस्कृति विषय पर संवाद होगा। 20 फरवरी को महायज्ञ पूर्णाहूति, सम्मान समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। 21 फरवरी को सभी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
: दुर्गा सप्तसति और देवी भागवत के मंत्रों से गूंज रहा महायज्ञ स्थल
Fri, Feb 16, 2024
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महायज्ञ में गुप्त नवरात्रों की सप्तमी के दिन नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा से भी भक्तजन पहुंचे
आगरा। प्रातः छह बजे से शाम छह बजे तक शास्त्रीपुरम स्थित सुनारी में महामाई के मंत्र और जयकारे गूंज रहे हैं। गुप्त नवरात्रों के अवसर पर परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित महामाई के महायज्ञ में आहूति देने आज स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ नोयडा, गाजियाबाद व मथुरा के भक्तजन आहूति के लिए पहुंचे। प्रधान कुण्ड की 11 परिक्रमा लगाकर श्रीमद्भागवत का श्रवण व महारास का आनन्द लिया।
महायज्ञ का शुभारम्भ प्रतिदिन सुबह 6 बजे गायत्री वन्दना व समस्त देवी देवताओं की वन्दना के साथ प्रारम्भ हो रहा है। प्रातः 6 से 9 वन्दना के उपरान्त 9 से 12 बजे तक यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मिथला, काशी, आसाम, वृन्दावन सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों से आए आचार्य 108 दुर्गासप्तसति व देवी भागवत का पाठ कर रहे हैं। प्रधान कुण्ड में 16 आचार्यों द्वारा नियमित देवी पूजन किया जा रहा है। दोपहर 2 बजे से 6 पुनः हवन के उपरान्त सध्या काल 6 बजे महामाई की आरती का समय है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, मुन्ना मिश्रा, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महयज्ञ में 18 फरवरी को संतों का विराट सम्मेलन होगा
मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 18 फरवरी को संतों का दोपहर 12 से 2 बजे विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह व यज्ञोपवित (जनेऊ संस्कार) का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भारत के विभिन्न धार्मित स्थलों (काशी, उज्जैन, अयोध्या, मिथिला, आसाम, वृन्दावन) के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे। सनातम धर्म व संस्कृति विषय पर संवाद होगा। 20 फरवरी को महायज्ञ पूर्णाहूति, सम्मान समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। 21 फरवरी को सभी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम, कल से होगी राम कथा
श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक संजय शास्त्री ने आज श्रीकृष्ण को गांधारी द्वारा दिए गए श्राप, राजा परिक्षित मोक्ष की कथा कही। अंत में आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। रविवार से तीन दिवसीय श्रीराम का का आयोजन किया जाएगा। वहीं संध्या काल में श्रद्धालू रासलीला के माध्यम से श्रीहरि की भक्ति का आनन्द ले रहे हैं।