: 25 फरवरी से श्रीमद्बागवत कथा में बरसेगी भक्ति की अमृत वर्षा
Sat, Feb 24, 2024
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श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित 25 फरवरी से 2 मार्च तक श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री करेंगे श्रीहरि के दशावतारों का भक्तिमय वर्णन
आगरा। देश के 40 करोड़ वनवासियों के उत्थान को समर्पित श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित 25 फरवरी से श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति की अमृत वर्षा होगी। विजय नगर स्थित स्पोर्टबज में आयोजित कथा में कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री श्रीहरि के दशावतारों का भक्तिमय वर्णन करेंगे। 25 फरवरी को ही दोपहर 1.30 बजे विजय नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा प्रारम्भ होकर बैंड बाजों संग कथा स्थल के लिए प्रस्थान करेगी।
यह जानकारी कमला नगर स्थित होटल बीबी ग्रांड में आयोजित आमंत्रण पत्र के विमोचन कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष शांति स्वरूप गोयल व संयोजक संजय गोयल ने दी। बताया कि समिति पिछले 25 वर्षों से आदिवासी लोगों की रक्षा, स्वावलम्बन, उत्थान और शिक्षित करने के लिए कार्य कर रही है। आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से वृन्दावन, हरिद्वार, अयोध्या असम में डिबरूगण गोहाटी, अमरकंटक (मप्र), हिमाचल में समिति द्वारा शिक्षण संस्थान चलाए जा रहे हैं। 25 फरवरी से दो मार्च तक आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत कथा इन्हीं संस्थानों के सहयोग को समर्पित है। समिति के पदाधिकारियों ने शहरवासियों को कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया। मुख्य यजमान पदमचंद अग्रवाल ने सभी को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रमेश मित्तल, उमेश बंसल, उमेश कंसल, पदमचंद अग्रवाल, राहुल बंसल, जितेन्द्र बंसल, संजय मित्तल, अनिल अग्रवाल, मीनू त्यागी, सीमा अग्रवाल, सीमा बंसल, उर्मिल बंसल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
: ढोल नगाड़ों संग भक्तिभाव से किया महामाई का विसर्जन
Wed, Feb 21, 2024
• भक्तों ने नाचते गाते किया समस्त 56 मूर्तियों का विसर्जन, साथ में किया कन्या लांगुर का भी पूजन
आगरा। शास्त्रीपुरम सुनारी स्थित मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय 11 दिवसीय महायज्ञ का समापन आज मूर्ति विसर्जन के साथ हुआ। महायज्ञ स्थल पर विराजमान समस्त 56 मूर्तियों को यमुना मैया में विसर्जित किया गया। यज्ञ स्थल से सैकड़ों श्रद्धालु ढोल नगाड़ों संग गाते बजाते महामाई को विदा करने गए। खूब गुलाल उड़ा। मूर्ति विसर्जन से पूर्व कन्या लागुरों का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया। सभी महिलाओं को कलश वितरण किये गये। कामाख्या आयोजन सेवा समिति वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि समिति अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल द्वारा साढ़े छह बीघा जमीन मां कामाख्या के मंदिर निर्माण के लिए रेणुका धाम में दान की गई है। जल्द ही मंदिर निर्माण प्रारम्भ होगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अजय गोयल, राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष्र्णेय, बी एस पाण्डेय, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
: गुप्त नवरात्रों की नवमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ मां सिद्धिदात्री का महायज्ञ, 108 किले मेवाओं की दी गई आहूति
Mon, Feb 19, 2024
आगरा। मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में नवमी की रात्रि में मां सिद्धिदात्रि का महायज्ञ हुआ। भक्तों ने 108 किलो मेवाओं से महायज्ञ सम्पन्न किया। वहीं संत स्वामी श्री कीर्तिनाथ जी महाराज जी के नेतृत्व में प्रातः 108 दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ प्रधान कुण्ड सहित सभी 108 कुण्डों में आहूतियां दी गईं। श्रीराम कथा में आज कथा वाचक संजय शास्त्री ने श्रीराम का वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण और मेघनाथ वध की कथा सुनाई। कथा समापन पर आरती कर सभी सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अजय गोयल, राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष्र्णेय, बी एस पाण्डेय, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
होली खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंदकिशोर…
आगरा। शास्त्रीपुरम सुनारी में आयोजित मां कामाख्य सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज रासलीला में फूलों व रंगों की होली का योजन किया गया। आज बिरज में होली रे रसिया… और होली खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंदकिशोर… जैसे भजनों पर स्वरूपों संग भक्तों ने भक्तिमय होली का आनन्द लिया। श्रीराधा-कृष्ण के स्वरूपों ने सतरंगी फूलों संग खूब गुलाल उड़ाया।