: दो मुठ्ठी चावल के बदले श्रीकृष्ण ने दे दी अपने मित्र को दो लोक की सत्ताः आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश
Mon, Dec 25, 2023
मुस्कान पार्क, सेक्टर आठ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन हुए सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग
ब्रज की फूलों की होली का श्रद्धालुओं ने लिया आनंद, स्वरूपों के संग जमकर झूमे, गूंजे बांके बिहारी के जयघोष
आगरा। मित्रता का कहीं आदर्श प्रमाण देखना है तो श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से बढ़कर नहीं हो सकता। एक मित्र जो राजा है, तीनों लोकों का स्वामी है तो वहीं दूसरा मित्र रंक की भांति जीवन यापन करता है। मित्रता की दरिद्रता का नाश कर उसे अपने हृदय से लगाकर जो दीनबंधु कहलाया वो ही जो जग में आदिपुरुष दीनबंधु दीनानाथ कहलाया। सुदामा चरित्र का बखान करते हुए ये भाव विह्वल शब्द कहे कथा व्यास आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक (वृंदावन) ने। सेक्टर आठ, आवास विकास स्थित मुस्कान पार्क में चल रही श्रीमद् भावगत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र, उद्धव को उपदेश, परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग हुए। मुख्य अतिथि चिंतामणि पीठ, वृंदावन के पीठाधीश्वर डॉ आदित्यानंद, श्री लक्ष्मी पीठ के पीठाधीश्वर डॉ सत्यमित्र, श्यामानंद महाराज और श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह थे।
सेक्टर आठ, मुस्कान पार्क से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में फूलों की होली का आनंद लेते भक्त।
कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक ने सातवें दिन की कथा आरंभ करते हुए भगवान के 16 हजार 108 विवाह के बारे में बताया। कहा कि जरासंध की कैद से मुक्त कराके भगवान ने सभी कन्याओं से एकसाथ विवाह कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इसके बाद श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। उन्हें भाव से अर्पित किये गए दो मुठ्ठी चावल भी प्रसन्न कर देते हैं। श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र की झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
परीक्षित मोक्ष कथा प्रसंग में कहा कि राजा परीक्षित पातीत पावन श्रीमद् भागवत महा पुराण का श्रवण करते हुए ही ब्रह्मज्ञानी हो गए थे। जो भगवान के तत्व को जान लेता है सही मायने में वो जीवित ही मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। कथा प्रसंग समापन के बाद श्रद्धालुओं ने ब्रज की फूलों की होली का आनंद स्वरूपों के साथ लिया। कई टन फूलों की होली से कथा स्थल सुगंधित हो उठा।
इस अवसर पर जजमान श्रीकांत शर्मा और भावना शर्मा, मुख्य संरक्षक डॉ पार्थ सारथी शर्मा, हरिदत्त शर्मा, सौरभ शर्मा, हरिओम शुक्ला, दिनेश मिश्र, सचिन, प्रवीण पाराशर, मुकेश दीक्षित, नवल सिंह तोमर, संजय मिश्रा, ओमप्रकाश गोला, बबली धाकड़, शैलेंद्र उपाध्याय, पिंकी भदौरिया, मोहिनी शर्मा, पार्षद गजेंद्र, निरंजन सिंह, सुधीर चौबे, अंशु भटनागर, मुकेश दीक्षित आदि ने पवित्र ग्रंथ की आरती उतारी और कथा व्यास का सम्मान किया। गायत्री परिवार की ओर से दीप यज्ञ किया गया।
: अटल देह तज कर कहां चल दिए, अटल गीत गंगा ये बहती रहेगी…
Mon, Dec 25, 2023
अटल उद्यान में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस की पूर्व बेला पर अटल गीत गंगा आयोजन समिति द्वारा 12वें अटल गीत गंगा कार्यक्रम का किया गया आयोजन
स्व. अटल जी के गीतों को स्वर प्रदान कर व कवि सम्मेलन आयोजित कर दी गई श्रद्धांजलि, अटल गीत के सम्मान से साहित्यकारों को किया सम्मानित
आगरा। व्यथित गीत कविता ये कहती रहेगी, ये शब्दों की लौ संग दहती रहेगी। अटल देह तजकर कहां चल दिए, अटल गीत गंगा ये बहती रहेगी…। कवियत्री रुचि चतुर्वेदी की ये पंक्तियां भावपूर्ण श्रद्धांजलि थी भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को। उनके जन्मदिवस की पूर्व बेला पर आज अटल गीत गंगा आयोजन समिति व आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा 12वें अटल गीत गंगा कार्यक्रम का अटल उद्यान में आयोजित किया गया। जहां श्रद्धां के रूप में स्व. अटल जी की रचनाओं को स्वर प्रदान करने के साथ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि कैबिनेट राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने स्व. अटल जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व माल्यापर्ण कर किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक अशोक चौबे व नागेन्द्र दुबे ने इलायची की माला पहनाकर किया। इस अवसर अटल गीत सम्मान से सोम ठाकुर व कुसुम चतुर्वेदी को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठता, ईमनदारी और आशा निराशा के भंवर से युवाओं को उबरने की सीख देती स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की रचनाएं जब प्रख्यात गायक सुधीर नारायण के संगीतमय स्वरों में लिपटकर आयीं तो हर हरफ तालियों की गड़गड़ाहट उनका स्वागत करती नजर आयी। सुधीर नारायण ने स्व. अटल जी की रचनाओं ठन गई मौत से ठन गई…, जीवन की डोर छोड़ छूने तो मचली…, झुकी न अलके, छपी न पलकें…, गूंजी हिन्दी विश्व में, स्वप्न हुआ साकार… की प्रस्तुति ने मानो दर्शकों के समक्ष टल की यादों को फिर से जीवन्त कर किया ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक विजय शिवहरे, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, पूर्व सांसद प्रभुदयाल खंडेलवाल, राज्य महिला आयोजग की सदस्य निर्मला दीक्षित, भाजपा प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाह, डॉ. रंजना बंसल, बबिता चौहान, एडीए सचिव गरिमा सिंह, अधिशासी अभियन्ता पूरन कुमार, शिव शंकर शर्मा, बबिता चौहान, बीना लवानियां, डॉ. रामबाबू हरित, प्रमोद गुप्ता, मोहित जैन, संजीव चौबे, अनिल चौधरी, कैलाश मंदिर के महन्त निर्मल गिरि आदि उपस्थित थे।
भारत की माटी है चंदन और अबीर….
कवि सम्मेलन में सोम ठाकुर ने मेरे भारत की माटी है चंदन और अबीर, सौ सौ नमन करूं मैं भैया सौ सौ नमन करूं…, व्यंगकार अनुज त्यागी ने बॉलीवुड के हीरो हैं वो छवि है उनकी आला, फैन को लागे तीर भी उनके हाथ में जैसे भाला…, शिखा सिंह ने मुख देखता ही रहा विश्व और थी उतारी, परमाणु शक्ति माता भारती के तल पर…, पदन गौतम ने नीर से विरल थे वो, सौम्य थे सरल थे वो खिले हुए कमलों का हार थे अटल जी…, रामेन्द्र त्रिपाटी ने शब्द मसीहा चला गया है, भारत के आकाश में, परमपिता को लेने पहुंचा है अपने विश्वास में…, मोहित सक्सेना ने भारत के भाल पर जब कील गाढ़ी जा रही हो, कुरुसभा में रोज पांचाली उघाड़ी जा रही हो…, रचनाएं प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। संचालन रुचि चतुर्वेदी ने किया।
आज से अटल उद्यान बना सेल्फी प्वाइंट
आगरा। अटल गीत गंगा आयोजन समिति व एडीए के प्रस्ताव सेल्फी प्वाइंट का नाम बदलकर अटल उद्यान रखने के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अटल जी के नाम पर उद्यान है तो जल्दी ही इसका लोकार्पण जोर शोर से किया जाएगा। इतना ही नहीं अटल उद्यान का लगभग दो करोड़ की धनराशि से सौन्दर्यीकरण भी कराया जाएगा। अटल जी द्वारा देश में सड़कों का विस्तार देने की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा शेरशांह शेरी के बाद अटल जी ही थे जिन्होंने हर शहर को गांव से सड़कों द्वारा जोड़ा। एडीए द्वारा आज अटल उद्यान में स्व. अटल जी की स्थायी तस्वीर का भी लोकार्पण किया गया।
: महायज्ञ के साथ 63 जोड़ों ने किया एकादशी उद्यापन सम्पन्न
Mon, Dec 25, 2023
आगरा. 24 दिसम्बंर 2023। वैदिक मंत्रोच्चारण संग पवित्र अग्नि में सैकड़ों आहूति के साथ आज कान्हा की नगरी वृन्दावन के दिल्ली धाम में माथुर वैश्य एकादसी उद्यापन समिति द्वारा आयोजित सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न प्रांतों (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि) के 63 जोड़ों ने समारोह के अंत में सभी ब्राह्मणों को भोजन कराया। इस अवसर पर श्रीहरि के भक्तिमय संकीर्तन पर समिति की सदस्याओं व श्रद्धालुओं ने नृत्य कर भक्ति के खूब रंग बिखेरे।
माथुर वैश्य एकादशी उद्यापन समिति द्वारा सामूहित एकादशी उद्यापन समारोह में आज दूसरे दिन आयोजन समिति की सदस्याओं ने माथुर वैश्य सामूहित गान गाया। इसके उपरान्त विधि विधान के साथ गद्दी व कलश पूजन किया गया। एकादशी की सभी 26 कथाओं का वर्णन करते हुए एकादशी महारानी के प्राकट्य से लेकर सभी कथाओं का महत्व बताया। अंत में सभी 63 जोड़ों सहित लगभग 400 लोगों ने सामूहित महायज्ञ में आहूति देकर उद्यापन को सम्पन्न किया। सभी ब्राह्मणों को भोजन के उपरान्त दक्षिणा व उपहार देकर विदा किया गया। व्यवस्थाएं एकादशी उद्यापन समिति की संयोजिका कुमकुम गुप्ता ने व्यवस्थाएं सम्भाली।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मीनाक्षी, संध्या, मनीषा, पूनम नीलिमा, रूबी, अनीता, क्षमा, मृदुला, शिमला, अन्ना, रीना, स्वदेश, रमा, मण्डलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, अध्यक्ष अशोक, महामंत्री सुनील, दिलीप गिंदौलिया, कल्याणदास, कुलदीप गुप्ता, रघुनाथ, राकेश, विनोद सर्राफ, मनोज, पवन, बालकिशन, विनोद, अचल सर्राफ, पंकज, चंद्रकान्त, संजीव, नरेश, दिलीप, लल्ला जी, संजीव आदि मौजूद रहे।