: महामाई के जयकारों संग हुई महायज्ञ की पूर्णाहूति
Wed, Feb 21, 2024
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महायज्ञ में दूर दराज से आए हजारों श्रद्धुओं ने परिक्रमा लगाकर दी पूर्णाहूति, कल होगा मूर्तियों का विसर्जन
आगरा। मुख पर महामाई कामाख्या देवी के जयकारे और मन में श्रद्धा का भाव। हर तरफ पर्यावरण को शुद्ध करती हवन कुण्ड से उठती यज्ञधूनि। जिधर देखों माता की भक्ति थी। मानों शास्त्रीपुरम सुनारी में आयोजित मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ नीलांचल पर्वत बन गया। दस दिवसीय महायज्ञ के सम्पन्न होने पर आज हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्णाहूति दी। फल, मेवा, टॉफी आदि से किसी ने एक तो किसी ने 21 परिक्रमा लगाई।
परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्णाहूति दी। हर भक्त महामाई कामाख्या के दर्शन को उत्सुक दिखा। मां कामाख्या चरण सेवा आयोजन समिति के नेतृत्व में महामाई की पूर्णाहूति के बाद भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महामाई का प्रसाद ग्रहण किया। कामाख्या आयोजन सेवा समिति वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि समिति अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल द्वारा साढ़े छह बीघा जमीन मां कामाख्या के मंदिर निर्माण के लिए रेणुका धाम में दान की गई है। जल्दी मंदिर निर्माण प्रारम्भ होगा। अंत में आरती कर सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अजय गोयल, राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष््र्णेय, बी एस पाण्डेय, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
इन्होंने ली संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज से गुरु दीक्षा
कामाख्या मंदिर आसाम के परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज से आज राहुल अग्रवाल, पवन भदौरिया, अवि गोयल, अखिलेश पाराशर, वीरेन्द्र मेढतवाल, जयशिव छोकर ने ली। संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज ने इन सभी शिष्यों को गुरु मंत्र दिया।
21 फरवरी को सुबह 9 बजे होगा विसर्जन
बुधवार को सुबह 9 बजे मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में प्रतिष्ठत की गई मां कामाख्या की मूर्ति सहित सभी 56 मूर्तियों को कैलाश घट पर यमुन मैया में विसर्जित किया जाएगा। सभी मूर्तियां मिट्टी, धाम की फूस, बांस आदि से ईकोफ्रैंडली तैयार करायी गई थी, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो। मुर्ति विसर्जन के उपरान्त कन्या लांगुर को भोजन कराया जाएगा व कलश वितरण किया जाएगा।
: गुप्त नवरात्रों की नवमी के दिन अर्ध रात्रि में हुआ मां सिद्धिदात्री का महायज्ञ, 108 किले मेवाओं की दी गई आहूति
Mon, Feb 19, 2024
आगरा। मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में नवमी की रात्रि में मां सिद्धिदात्रि का महायज्ञ हुआ। भक्तों ने 108 किलो मेवाओं से महायज्ञ सम्पन्न किया। वहीं संत स्वामी श्री कीर्तिनाथ जी महाराज जी के नेतृत्व में प्रातः 108 दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ प्रधान कुण्ड सहित सभी 108 कुण्डों में आहूतियां दी गईं। श्रीराम कथा में आज कथा वाचक संजय शास्त्री ने श्रीराम का वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण और मेघनाथ वध की कथा सुनाई। कथा समापन पर आरती कर सभी सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अजय गोयल, राजदरबार ग्रुप के पवन दीक्षित, अमित वाष्र्णेय, बी एस पाण्डेय, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल, जयशिव छोकर, चैधरी यशपाल सिंह, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, विक्रम सिंह राणा, मुन्ना मिश्रा, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
होली खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंदकिशोर…
आगरा। शास्त्रीपुरम सुनारी में आयोजित मां कामाख्य सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज रासलीला में फूलों व रंगों की होली का योजन किया गया। आज बिरज में होली रे रसिया… और होली खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंदकिशोर… जैसे भजनों पर स्वरूपों संग भक्तों ने भक्तिमय होली का आनन्द लिया। श्रीराधा-कृष्ण के स्वरूपों ने सतरंगी फूलों संग खूब गुलाल उड़ाया।
: आगरा के लाल किले में धूमधाम से मनाया गया शिव जन्मोत्सव
Mon, Feb 19, 2024
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शिव जन्मोत्सव में डिजिटली शामिल हुए 2 करोड़ शिवभक्त
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गौरवशाली शौर्य का इतिहास हुआ पुनः जागृत - विनोद पाटिल, अध्यक्ष, अजिंक्य देवगिरी फाउंडेशन
आगरा। आगरा किले के दीवान-ए-आम में एक बार फिर छत्रपति शिवाजी की वीर गाथा गूंजी। छत्रपति शिवाजी महाराज की 394वीं जयंती धूमधाम से मनाई गयी। इस समारोह में 2 करोड़ शिव भक्तों ने डिजिटल मीडिया के जरिए हिस्सा लिया। महाराष्ट्र सरकार इस आयोजन की सह-आयोजक बनी।
देश के इतिहास में आगरा के लाल किले का विशेष महत्व है। औरंगजेब जैसे विश्वासघाती और षडयंत्रकारी सम्राट ने छत्रपतियों को इसी किले में कैद करने की साजिश रची थी और छत्रपति शिवाजी महाराज ने कैद में बंद महाराजाओं पर नजर रखते हुए सुरक्षित महाराष्ट्र आने का महान कार्य किया था। आगरा में ही घोड़ी बांधी गई थी। हम आगरा के इस गौरवशाली इतिहास को एक बार फिर से जागृत करना चाहते हैं।
पुरातत्व विभाग द्वारा समारोह की अनुमति देने से इनकार के खिलाफ विनोद पाटिल ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। चूंकि राज्य सरकार सह-आयोजक थी, इसलिए आगरा किले में शिव जयंती मनाने की अदालत से अनुमति मिली। विनोद पाटिल के अनुरोध के बाद राज्य सरकार ने भी सह-मेजबान का पद स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एकनाथराव शिंदे साहेब, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्रजी फड़नवीस साहेब, विशिष्ट अतिथि छत्रपति उदयनराजे भोसले, केंद्रीय राज्य मंत्री रावसाहेबदादा दानवे साहेब, संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार साहेब, केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ऐसा रहा समारोह का स्वरूप
आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज की शिव जयंती समारोह में आगरा के लाल किले पर संगीत सोलह, शिवजन्म पालन, लेजर शो के माध्यम से आगरा की मुक्ति का इतिहास, पारंपरिक कला प्रदर्शनी और अन्य भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गये। दुनिया भर के लाखों शिव भक्तों के लिए इस कार्यक्रम को आधिकारिक फेसबुक पेज के साथ-साथ राज्य भर के विभिन्न फेसबुक पेजों से लाइव प्रसारित किया गया जिसके माध्यम से लगभग 2 करोड़ शिवभक्तों ने शिव जन्मोत्सव समारोह में डिजिटल रूप से भाग लिया।