: क्लबफुट के लिए डॉक्टरों को किया प्रशिक्षित
Sat, Dec 23, 2023
अनुष्का फाउंडेशन द्वारा जिला अस्पताल में सहायक पर्यवेक्षण हुआ आयोजित
आगरा। क्लबफुट को खत्म करने के लिए अनुष्का फाउंडेशन द्वारा जिला अस्पताल में सहायक पर्यवेक्षण आयोजित हुआ। इसमें दो आर्थाेपेडिक डॉक्टरों और एक कास्टिंग तकनीशियन को अनुष्का फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर डॉ. नीरज अग्रवाल द्वारा प्रशिक्षित किया गया।
डॉ. नीरज ने बताया कि अनुष्का फाउंडेशन राज्य सरकार और विभिन्न चिकित्सा कर्मचारियों के सहयोग से क्लबफुट से पीड़ित बच्चों को उपचार प्रदान कर रहा है। क्लबफुट एक जन्म दोष है जो भारत में 800 नवजात शिशुओं में से एक को प्रभावित करता है। इलाज न किए जाने या अधूरा इलाज दिए जाने से बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें आजीवन विकलांगता का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उचित उपचार से क्लबफुट का पूरी तरह से इलाज संभव है और आजीवन विकलांगता से आसानी से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि क्लबफुट को खत्म करने के लिए अनुष्का फाउंडेशन ने अपने क्लबफुट कार्यक्रम को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के साथ साझेदारी की। संगठन क्लबफुट और उनके उपचार कार्यक्रम के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना, आशा कार्यकर्ताओं, स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस दौरान सपोर्टेड सुपरविजन में आरबीएसके के डीईआइसी मैनेजर रमाकान्त शर्मा एवम अनुष्का फाउंडेशन के ब्रांच मैनेजर विशाल सक्सेना और राज कुमार मौजूद रहे।
: जीव के शिव से मिलन का अर्थ ही है रास लीला: आचार्य श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक
Sat, Dec 23, 2023
मुस्कान पार्क, सेक्टर आठ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन हुए महारास लीला, कंस वध, गोपी उद्धव संवाद और श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग
आगरा। शरद पूर्णिमा की रात पूर्ण चंद्रमा के प्रकाश में गोपियों संग श्रीकृष्ण की रासलीला, साधारण या भौतिक घटना नहीं है। रासलीला जीव के शिवत्व से मिलन की लीला है। इस आध्यात्मिक अनुभूति को काम के रूप में देखना महापाप और अज्ञानता है। सेक्टर आठ, आवास विकास स्थित मुस्कान पार्क में चल रही श्रीमद् भावगत कथा में कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक (वृंदावन) ने रासलीला का वर्णन करते हुए कहा।
सेक्टर आठ, मुस्कान पार्क से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण− रुक्मिणी विवाह प्रसंग का आनंद लेते श्रद्धालु। कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक हैं।
कथा महोत्सव के छठवें दिन महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, गोपी− उद्धव संवाद और श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग हुए। शनिवार को जजमान गिरीश उप्रेती और गीता उप्रेती ने भागवत जी का पूजन किया।
लीला प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास श्रीकृष्ण प्रकाश पाठक ने कहा कि भगवान की अनेक लीला में से श्रेष्ठतम लीला रास है। गोपी गीत पर बोलते हुए व्यास जी ने कहा कि जब तब जीव में अभिमान आता है, तो भगवान उससे दूर हो जाते हैं लेकिन जब कोई भगवान को ना पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह कर दर्शन देते हैं। इसके बाद श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ संपन्न हुआ किंतु रुक्मिणी का श्रीकृष्ण द्वारा हरण किया गया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मिणी जी स्वयं साक्षात लक्ष्मी का स्वरूप थीं और वे नारायण से दूर रह ही नहीं सकतीं। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक नहीं तो वह धन चोरी, बीमारी या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। धन को परमार्थ में लगाना चाहिए और जब कोई लक्ष्मी नारायण को पूजता है या सेवा करता है तो कृपा स्वतः ही प्राप्त हो जाती है। कथा प्रसंग समापन पर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनमोहक झांकी से हुआ। उपस्थिति श्रद्धालुओं ने स्वरूपों पर पुष्पवर्षा करते हुए पूजन किया।
इस अवसर पर मुख्य संरक्षक डॉ पार्थ सारथी शर्मा, अशोक चौबे, राजेश चतुर्वेदी, हरिदत्त मिश्र, श्री कांत शर्मा, दिनेश मिश्र, विवेकानंद मिश्र, चौधरी धर्मवीर सिंह, सुखवीर सिंह धाकरे, रामप्रकाश पाठक, जवर सिंह यादव, आचार्य श्याम सुंदर शुक्ला, मोहिनी शर्मा, अनुराग शर्मा, शशिकांत गुप्ता, मनोज शर्मा आदि उपस्थित रहे।
: कान्हा की नगरी में 63 जोड़ों ने किया एकादशी उद्यापन
Sat, Dec 23, 2023
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वृन्दावन में आयोजित किया गया सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह,
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63 जोड़ों ने किया उद्यापन, यज्ञ के साथ कल होगा समापन
आगरा। एकादशी महारानी के जयकारों संग 26 कथाएं और श्रीहरि का सत्संग। हर तरफ भक्तिमय आनन्द और उत्साह और श्रीराधे के जयकारे। कुछ ऐसा ही दृष्य था आज कान्हा की नगरी वृन्दावन में माथुर वैश्य एकादशी उद्यापन समिति द्वारा माथुर वैश्य भवन में आयोजित सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह में। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों के (कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश पंजाब, मध्य प्रदेश, उप्र, गुजरात, महाराष्ट्र आदि) 63 जोड़ों ने भाग लिया।
माथुर वैश्य सामूहिक गान, गद्दी व कलश पूजन मंत्रोच्चारण व विधि विधान के साथ सम्पन्न कराया। इसके उपरान्त 26 ब्राह्मणों द्वारा 63 जोड़ों के समक्ष एकादशी उद्यापन की 26 कथाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। प्रत्येक माह में कृष्ण व शुक्ल पक्ष व अधिक मास की दो कथाओं सहित 26 कथाओं के महात्म्य को समझाया। पूजन के उपरान्त ब्रह्म भोज हुआ। शाम को संध्या आरती से पूर्व भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें यजमानों सहित उनके परिजनों व समिति के सदस्यों ने श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया।
व्यवस्थाएं एकादशी उद्यापन समिति की संयोजिका कुमकुम गुप्ता ने सम्भाली। बताया कि 24 दिसम्बर को यज्ञ के साथ उद्यापन सम्पन्न होगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से मीनाक्षी, संध्या, मनीषा, पूनम, नीलिमा, रूबी, अनीता, क्षमा, मृदुला, शिमला, अन्ना, रीना, स्वदेश, रमा, मण्डलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, अध्यक्ष अशोक, महामंत्री सुनील, दिलीप गिंदौलिया, कल्याणदास, कुलदीप गुप्ता, रघुनाथ, राकेश, विनोद सर्राफ, मनोज, पवन, बालकिशन, विनोद, अचल सर्राफ, पंकज, चंद्रकान्त, संजीव, नरेश, दिलीप, लल्लाजी, संजीव आदि मौजूद थे।