: गगनयान मिशन : आगरा में तैयार हुए हैं इस मिशन के पैराशूट, व्हीकल टेस्ट फ्लाइट की हुई सफल लॉचिंग
Sat, Oct 21, 2023
Agra. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज श्रीहरिकोटा परीक्षण रेंज से गगनयान मिशन के व्हीकल टेस्ट फ्लाइट (टीवी-डी1) का पहला परीक्षण कर लिया जो सफल रहा। गगनयान मिशन के लिए टेस्ट उड़ान टीवी-डी1 को सुबह आठ बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए, इसका लॉन्च टाइम 30 मिनट आगे बढ़ा दिया गया। हालांकि, खराब मौसम की वजह से इसरो ने मिशन को 10 बजे लॉन्च किया। अंतरिक्ष में भेजने के बाद इसे सफलतापूर्वक बंगाल की खाड़ी में उतार लिया गया। सफल परीक्षण से सभी काफी उत्साहित है लेकिन आगरा के लिए यह उपलब्धि कुछ खास है।
क्रू मॉडल की टेस्ट लैंडिंग में आगरा स्थित डीआरडीओ के पैराशूट रिसर्च लैब एडीआरडीई द्वारा विकसित पैराशूट का इस्तेमाल हुआ है। गगनयान मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने वाले कैप्सूल की सुरक्षित वापसी के लिए स्वदेशी पैराशूट एडीआरडीई वैज्ञानिकों ने बनाये हैं।
एडीआरडीई आगरा के निदेशक मनोज कुमार के निर्देशन में संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम ने यह पैराशूट सिस्टम तैयार किया है जिससें इस मिशन में सबसे महत्वपूर्ण क्रू मॉडयूल को वापस लाएगा। शनिवार सुबह से ही होने वाले परीक्षण को लेकर आगरा के वैज्ञानिक आशान्वित हैं कि यह ट्रायल उनकी उम्मीद से बेहतर हो।
इस गगनयान में तीन यात्री अंतरिक्ष में जाएंगे। सबसे कठिन कार्य इन सदस्यों को वापस लेकर आने वाले क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित लैंडिंग है। एडीआरडीई ने इसी के लिए रिकवरी सिस्टम विकसित किया है। इस सिस्टम में चार हिस्से हैं जिसमें कुल 10 पैराशूट लगाए गए हैं। एपेक्स कवर सेपरेशन वाले भाग में दो पैराशूट लगे हैं। यह एक तरीके से सुरक्षा कवर का काम करते हैं।
: बैंक प्रबंधक की हत्या में बड़ी कार्रवाई, कलेक्ट्रेट बार अध्यक्ष के बेटे को भेजा जेल
Sat, Oct 21, 2023
आगरा। ताजगंज स्थित राम रघु एग्जॉटिका कॉलोनी में बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया था। इसमें बैंक प्रबंधक के पिता की तहरीर पर पत्नी, उसके भाई और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को पुलिस ने बैंक प्रबंधक के ससुर और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत के बेटे कृष्णा रावत को जेल भेज दिया। इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक प्रबंधक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत होने का खुलासा हुआ है। इसके अलावा पुलिस को शुरू से ही गुमराह किया गया है।
दरअसल, आगरा के ताजगंज स्थित रामरघु एग्जॉटिका में 12 अक्टूबर को बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय का शव उनके ही घर में संदिग्ध हालत में मिला था। सचिन की पत्नी ने पुलिस को आत्महत्या करने की सूचना दी थी। मगर, बाद में बैंक मैनेजर के पिता और भाई ने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसपर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बैंक मैनेजर के शरीर पर 6 चोटों के निशान मिले और दम घुटने से मौत होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसी मामले में बैंक मैनेजर की पत्नी के भाई को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेजा है। जबकि पत्नी और ससुर अपनी पुलिस के सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने उनसे भी जल्द पूछताछ की बात कह रही है।
एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि डॉक्टर के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। इसमें शरीर पर चोट और गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के समय मृतक की पत्नी प्रियंका मौजूद थी। पुलिस को आत्महत्या की जानकारी दी गई थी। मगर, घटना स्थल पर सुसाइड से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला। ना रस्सी मिली ना ही दरवाजा तोड़ा गया था। इसमें कलक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत, उनके बेटे कृष्णा रावत और बेटी प्रियंका रावत को नामजद किया गया है। प्रियंका सचिन की पत्नी हैं, जबकि बृजेंद्र ससुर और कृष्णा
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है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि सचिन उपाध्याय की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
प्रकरण में जांच की गई पोस्टमार्टम 13 अक्टूबर की दोपहर में हुआ था। इसमें मौत 36 घंटे पहले होने का अनुमान लगाया गया, जबकि सूचना 12 अक्तूबर की शाम 5 बजे दी गई। सूचना इतनी देरी क्यों दी गई, पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है। साथ ही, घटना वाले दिन मृतक के घर पर कौन-कौन आया, कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। इसमें पता चला कि नामजद आरोपी कृष्णा रावत घटना वाली रात को जीजा के घर पर मौजूद था। उसकी लोकेशन भी मिली, सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इस पर पूछताछ की गई मगर, वह सही जवाब नहीं दे सका। इस पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मृतक सहित अन्य लोगों की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। वहीं मृतक की पत्नी प्रियंका, बच्चे और ससुर के साथ नौकरानी से भी पूछताछ की जाएगी।
अधिवक्ता रहे हड़ताल पर
मुकदमे के विरोध में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता दामाद की हत्या में कलक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत, उनके अधिवक्ता बेटे कृष्णा रावत और बेटी प्रियंका को नामजद किया गया है। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश है। गुरुवार को कलक्ट्रेट, तहसील में अधिवक्ताओं ने हड़ताल रखी। प्रकरण में सीबीसीआईडी से जांच की मांग की। शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है। विरोध जताने वालों में आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीदत्त शर्मा, सचिव सुनील वशिष्ठ, अमिताभ शर्मा, शैलेंद्र रावत, अनिल शर्मा, हेमंत भारद्वाज, हरिओम शर्मा, लोकेंद्र शर्मा, अनूप शर्मा आदि शामिल रहे। एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि घटना के समय मृतक की पत्नी प्रियंका मौजूद थी। पुलिस को आत्महत्या की जानकारी दी गई थी। मगर, घटना स्थल पर न रस्सी मिली ना ही दरवाजा तोड़ा गया और नाही आत्महत्या से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला।
: कोपभवन सुनि सकुचेउ राऊ, भय बस अगहुइ परइ न पाऊ
Fri, Oct 20, 2023
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में सीता जी की विदाई के बाद हुई कोपभवन लीला
कन्यादान के गूंजे गीत, कैकई− मंथरा और कैकई− दशरथ संवाद सुन श्रद्धालु हुए भावुक
आगरा। उत्साह, उमंग के साथ सीता जी का कन्यादान हुआ और अपने प्रिय पुत्र श्रीराम की वधू सहित अन्य पुत्रों का माता कौशल्या, सुमित्रा और कैकई ने अयोध्या नगरी आगमन पर स्वागत हृदय लगाकर किया किंतु आनंद के इन क्षणाें को जब मंथरा के शब्दों ने भेदा तो जैसे हर श्रद्धालु का हृदय द्रवित हो उठा। इसके बाद हाय कैकई ये तू क्या करने जा रही है….जैसे शब्द हर किसी की जिव्हा पर आ गए। कोप भवन लीला में एक पिता और पति राजा दशरथ जब भाव युद्ध में फंसे तो हर आंख भर आई। सभी भक्त बोल उठे, अरे अभी तो विवाह की उमंग बिसराई भी न गई थी, ये क्या घड़ी आई।
गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहे बाबा मनःकामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के छठवें दिन राम विवाह, कन्यादान, कैकई मंथरा संवाद, कैकई− राजा दशरथ संवाद लीला का मंचन किया गया। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी। लीला मंचन में जब भगवान राम को अयोध्या का राज देने की चर्चाएं आईं तो रानी कैकई को उसकी दासी मंथरा ने भड़का दिया। मंथरा के बहकावे में आकर कैकई कोप भवन में चली जाती है। कोप भवन का नाम सुनकर ही राजा दशरथ सहम जाते हैं। कैकई राजा दशरथ से राम को वनवास और भरत को राजगद्दी के वर मांगती है। राजा दशरथ विनती करते हैं कि राम को वनवास देने का वर मत मांगों। किंतु कैकई कहती है कि ठीक है राजन अपने वचन से मुकर जाओ। राजा दशरथ कहते हैं रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाएं पर वचन न जाई…। इसी प्रसंग के साथ जब लीला का समापन होता है तो हर श्रद्धालु का हृदय व्याकुल हो उठता है।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को राम वनवास, केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत आगमन लीला होगी।