: बैंक प्रबंधक की हत्या में बड़ी कार्रवाई, कलेक्ट्रेट बार अध्यक्ष के बेटे को भेजा जेल
Pragya News 24
Sat, Oct 21, 2023
आगरा। ताजगंज स्थित राम रघु एग्जॉटिका कॉलोनी में बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया था। इसमें बैंक प्रबंधक के पिता की तहरीर पर पत्नी, उसके भाई और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को पुलिस ने बैंक प्रबंधक के ससुर और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत के बेटे कृष्णा रावत को जेल भेज दिया। इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक प्रबंधक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत होने का खुलासा हुआ है। इसके अलावा पुलिस को शुरू से ही गुमराह किया गया है।
दरअसल, आगरा के ताजगंज स्थित रामरघु एग्जॉटिका में 12 अक्टूबर को बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय का शव उनके ही घर में संदिग्ध हालत में मिला था। सचिन की पत्नी ने पुलिस को आत्महत्या करने की सूचना दी थी। मगर, बाद में बैंक मैनेजर के पिता और भाई ने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसपर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बैंक मैनेजर के शरीर पर 6 चोटों के निशान मिले और दम घुटने से मौत होना पाया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसी मामले में बैंक मैनेजर की पत्नी के भाई को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेजा है। जबकि पत्नी और ससुर अपनी पुलिस के सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने उनसे भी जल्द पूछताछ की बात कह रही है।
एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि डॉक्टर के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। इसमें शरीर पर चोट और गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के समय मृतक की पत्नी प्रियंका मौजूद थी। पुलिस को आत्महत्या की जानकारी दी गई थी। मगर, घटना स्थल पर सुसाइड से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला। ना रस्सी मिली ना ही दरवाजा तोड़ा गया था। इसमें कलक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत, उनके बेटे कृष्णा रावत और बेटी प्रियंका रावत को नामजद किया गया है। प्रियंका सचिन की पत्नी हैं, जबकि बृजेंद्र ससुर और कृष्णा * है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि सचिन उपाध्याय की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
प्रकरण में जांच की गई पोस्टमार्टम 13 अक्टूबर की दोपहर में हुआ था। इसमें मौत 36 घंटे पहले होने का अनुमान लगाया गया, जबकि सूचना 12 अक्तूबर की शाम 5 बजे दी गई। सूचना इतनी देरी क्यों दी गई, पुलिस इस पहलू पर जांच कर रही है। साथ ही, घटना वाले दिन मृतक के घर पर कौन-कौन आया, कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। इसमें पता चला कि नामजद आरोपी कृष्णा रावत घटना वाली रात को जीजा के घर पर मौजूद था। उसकी लोकेशन भी मिली, सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इस पर पूछताछ की गई मगर, वह सही जवाब नहीं दे सका। इस पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मृतक सहित अन्य लोगों की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। वहीं मृतक की पत्नी प्रियंका, बच्चे और ससुर के साथ नौकरानी से भी पूछताछ की जाएगी।
अधिवक्ता रहे हड़ताल पर
मुकदमे के विरोध में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता दामाद की हत्या में कलक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बृजेंद्र रावत, उनके अधिवक्ता बेटे कृष्णा रावत और बेटी प्रियंका को नामजद किया गया है। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश है। गुरुवार को कलक्ट्रेट, तहसील में अधिवक्ताओं ने हड़ताल रखी। प्रकरण में सीबीसीआईडी से जांच की मांग की। शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है। विरोध जताने वालों में आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीदत्त शर्मा, सचिव सुनील वशिष्ठ, अमिताभ शर्मा, शैलेंद्र रावत, अनिल शर्मा, हेमंत भारद्वाज, हरिओम शर्मा, लोकेंद्र शर्मा, अनूप शर्मा आदि शामिल रहे। एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि घटना के समय मृतक की पत्नी प्रियंका मौजूद थी। पुलिस को आत्महत्या की जानकारी दी गई थी। मगर, घटना स्थल पर न रस्सी मिली ना ही दरवाजा तोड़ा गया और नाही आत्महत्या से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला।
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