रामलीला महोत्सव-2026 : भरत-राम मिलन देख छलक उठीं आंखें, गले लगते ही मिट गया वर्षों का विरह
Pragya News 24
Thu, Oct 22, 2026
रावतपाड़ा चौराहे पर साकार हुआ भाई के प्रेम, त्याग और समर्पण का अनुपम दृश्य, भरत मिलाप की सवारी पर जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा
आगरा। “बरबस लिए उठाइ उर लाए कृपानिधान, भरत राम की मिलनि लखि बिसरे सबहिं अपान।” गोस्वामी तुलसीदास की इन चौपाइयों का भाव बुधवार को उत्तर भारत की प्रमुख श्रीरामलीला में सजीव हो उठा। वनवास की अवधि पूर्ण होने के बाद प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का दृश्य देख श्रद्धालुओं की आंखें छलक उठीं। रावतपाड़ा चौराहे पर जैसे ही दोनों भाई एक-दूसरे के गले मिले, पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। भरत मिलाप की भव्य सवारी का मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
मंगलवार को रावण वध के बाद बुधवार को श्रीरामलीला में विजय उल्लास के साथ आगे की लीलाओं का मंचन हुआ। श्रीराम की सेना में उत्साह का वातावरण रहा। वानर सेना और सेनापति एक-दूसरे को विजय की बधाइयां देते नजर आए। इसके बाद प्रभु श्रीराम ने लक्ष्मण सहित अन्य सेनापतियों के साथ विचार-विमर्श किया और अशोक वाटिका से माता सीता को बुलाया। लीला में सीता जी की अग्नि परीक्षा का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत प्रभु श्रीराम ने विभीषण का राज्याभिषेक कर उन्हें लंका का राज सौंपा और पुष्पक विमान से अयोध्या की ओर प्रस्थान किया।

पुष्प वर्षा से हुआ भरत मिलाप की सवारी का स्वागत
भरत मिलाप की भव्य सवारी श्रीरामलीला मैदान से प्रारंभ हुई। सवारी यमुना किनारा, दरेसी नंबर 3-2 (अचल भवन), छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया छिलीईंट, फुलट्टी बाजार, सेब बाजार, किनारी बाजार और कसेरट बाजार होते हुए रावतपाड़ा चौराहे पर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वरूपों का स्वागत किया। सवारी के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
राम-भरत के मिलन ने भावुक किए श्रद्धालु
रावतपाड़ा चौराहे पर भरत मिलाप की लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम को सामने देखकर भरत के हृदय में उमड़े प्रेम और वर्षों के वियोग की वेदना को कलाकारों ने सजीव रूप में प्रस्तुत किया। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को हृदय से लगा लिया। इस अलौकिक मिलन को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई हाथ जोड़कर प्रभु के जयकारे लगा रहा था।
“बरबस लिए उठाइ उर लाए कृपानिधान, भरत राम की मिलनि लखि बिसरे सबहिं अपान” चौपाई के भाव के अनुरूप प्रभु श्रीराम ने भरत को उठाकर हृदय से लगा लिया। दोनों भाइयों का यह मिलन केवल पारिवारिक प्रेम का दृश्य नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और अटूट समर्पण का संदेश भी बना। लीला ने श्रद्धालुओं को भाई के प्रति निष्ठा और निष्काम प्रेम की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, अजय अग्रवाल, आनंद मंगल, महेश चंद्र, राम राहुल, राम अभिषेक, शैलेश अग्रवाल और राहुल गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
शुक्रवार को होगा प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक
रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि गुरुवार को किसी लीला का मंचन नहीं होगा। शुक्रवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया जाएगा। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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