संस्कार भारती नाट्य केंद्र : रंग जुलूस में बिखरे भारतीय संस्कृति के रंग, आगरा की सड़कों पर दिखा ‘लघु भारत’
Pragya News 24
Mon, Oct 26, 2026
संस्कार भारती नाट्य केंद्र के रंगोदय महोत्सव में देशभर के कलाकारों ने दिखाई लोककला की विविधता, बिहू से घूमर तक की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
दिल्ली गेट से शहीद स्मारक तक निकली सांस्कृतिक यात्रा, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शहरवासियों ने किया कलाकारों का स्वागत
आगरा। भारतीय संस्कृति की विविधता, लोककलाओं की समृद्ध विरासत और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम शुक्रवार को आगरा की सड़कों पर देखने को मिला। संस्कार भारती नाट्य केंद्र की ओर से आयोजित रंगोदय महोत्सव एवं राष्ट्रीय नाट्य एवं नृत्य प्रतियोगिता के अंतर्गत भव्य रंग जुलूस निकाला गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियों और आकर्षक झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के विविध रंग बिखेरे। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने शहरवासियों को ‘लघु भारत’ के दर्शन कराए।
रंग जुलूस का शुभारंभ दिल्ली गेट से हुआ। यह प्रोफेसर कॉलोनी, राम नगर कॉलोनी, सूरसदन और संजय प्लेस होते हुए शहीद स्मारक पहुंचकर संपन्न हुआ। तपन ग्रुप के चेयरमैन सुरेश चंद्र गर्ग ने जुलूस का उद्घाटन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर कलाकारों का स्वागत किया। जुलूस में शामिल कुछ दलों ने चलते-चलते नाट्य कला का प्रदर्शन किया, जबकि अन्य कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्यों और सांस्कृतिक झांकियों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
बिहू, घूमर और मणिपुरी नृत्य ने बिखेरी लोकसंस्कृति की छटा
रंग जुलूस में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपनी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया। सुरेंद्र संगीत महाविद्यालय, गुवाहाटी के कलाकारों ने बिहू नृत्य प्रस्तुत कर असम की लोकसंस्कृति की झलक दिखाई। गीता थिएटर, जमशेदपुर के कलाकारों ने राजस्थानी घूमर नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। वहीं, बिंज एंटरटेनमेंट फिल्म, गिरिडीह के दल ने छठ पूजा पर आधारित प्रस्तुति के माध्यम से लोक आस्था को दर्शाया।
तक्षशिला असम, गुवाहाटी के कलाकारों ने असमिया गीत प्रस्तुत किया, जबकि जगोई नाचो संगीत कला अकादमी, मणिपुर के दल ने मणिपुरी गीत के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत को सामने रखा। विभिन्न राज्यों की प्रस्तुतियों ने भारतीय लोककलाओं की विविधता और उनकी विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया।
झांकियों के माध्यम से दिया सद्भावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रंग जुलूस में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी गई। साईं आर्ट एंड कल्चर सोसायटी, जमशेदपुर ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर आधारित झांकी प्रस्तुत कर पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। गगनिका सांस्कृतिक संस्था, शाहजहांपुर की झांकी ने सद्भावना और सामाजिक एकता का संदेश दिया। अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने भी आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया।
रंगोदय महोत्सव को सफल बनाने में जुटे कला और संस्कृति के साधक
रंगोदय महोत्सव के प्रधान संरक्षक एवं मिल्टन पब्लिक स्कूल के सीएमडी डॉ. राहुल राज कुलश्रेष्ठ, प्राची राज, संस्कार भारती नाट्य केंद्र के संस्थापक निदेशक केशव प्रसाद सिंह, संरक्षक डॉ. महेश धाकड़, अध्यक्ष पंकज सक्सेना, सचिव नीता तिवारी और कार्यकारी निदेशक अजय दुबे सहित अनेक लोगों ने आयोजन में सहयोग किया।
इसके अलावा उमा शंकर मिश्रा, चंद्रशेखर, दीपक जैन, एडवोकेट प्रमेंद्र पाल सिंह, सुधीर कुमार, संजय चतुर्वेदी, अनीता परिहार, विवेकानंद, विभा शर्मा, डॉ. मनु शर्मा, भारती शर्मा, वाणी सक्सेना, राजीव सिंघल, संजय सक्सेना, राजेश मल्होत्रा, संदीप अरोड़ा, अंकित कुमार सिंह, पंकज सिंह और स्वामी दास अरोड़ा सहित अन्य सहयोगियों की सहभागिता रही।
रंग जुलूस ने रंगोदय महोत्सव को उत्सवपूर्ण शुरुआत देते हुए भारतीय लोककलाओं के संरक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। विभिन्न राज्यों की कलाओं को एक मंच पर देखकर दर्शक अभिभूत नजर आए।
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