उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय : कानपुर में RAMP कार्यक्रम के तहत एकीकृत कार्यशाला, एमएसएमई के विकास को मिलेगी नई गति
Pragya News 24
Tue, Oct 27, 2026
यूपीएसआईसी ने उद्यमियों से किया संवाद, छह महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान; योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर
कानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) की ओर से विश्व बैंक के सहयोग से संचालित RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को होटल द प्रिस्टीन, कानपुर में एकीकृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास, सरकारी योजनाओं के लाभ, वित्तीय सहायता, तकनीकी नवाचार, निर्यात प्रोत्साहन और उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सहयोग तंत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न संस्थानों के बीच छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपर निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय तथा यूपीएसआईसी के प्रबंध निदेशक रोहित आनंद ने अतिथियों और उद्यमियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक जिले और छोटे क्षेत्रों तक पहुंचाना तथा अधिकाधिक पात्र उद्यमियों को इनसे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ व्यक्तिगत संपर्क या पहुंच पर निर्भर नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र उद्यमी तक इसकी जानकारी और सुविधा पारदर्शी तरीके से पहुंचनी चाहिए।
डिजिटल टूल से आसान होगी योजनाओं की जानकारी
रोहित आनंद ने बताया कि उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध कराने और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग ने दो महत्वपूर्ण डिजिटल टूल विकसित किए हैं। इंसेंटिव कैलकुलेटर के माध्यम से उद्यमी अपने व्यवसाय और निवेश से संबंधित विवरण दर्ज कर यह जान सकेंगे कि वे किस विभाग की किस योजना के अंतर्गत कितने प्रोत्साहन के पात्र हैं। इसके माध्यम से संबंधित योजना के लिए आवेदन भी किया जा सकेगा।
दूसरा टूल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में सहायक होगा। इसमें मशीनरी और पूंजी से संबंधित जानकारी दर्ज करने पर परियोजना रिपोर्ट का प्रारूप तैयार हो सकेगा। इससे उद्यमियों को परियोजना तैयार करने में सुविधा मिलेगी और शुरुआती प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा।
उन्होंने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में पारदर्शिता के लिए विकसित इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से विभिन्न जिलों में उपलब्ध खाली औद्योगिक भूखंडों को मानचित्र पर देखा जा सकता है। साथ ही GeM के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शी तरीके से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने यूपी MSME-1 कनेक्ट पोर्टल, PLEDGE योजना और अन्य विभागीय सहयोग योजनाओं की जानकारी भी दी।
छह एमओयू से प्रशिक्षण, नवाचार और कारोबार विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
कार्यशाला में एमएसएमई क्षेत्र की क्षमताओं को बढ़ाने और उद्यमियों को विशेषज्ञ संस्थानों से जोड़ने के उद्देश्य से छह महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित सहयोग शामिल रहे—
पीएफआरडीए और यूपीएसआईसी: एमएसएमई में कार्यरत श्रमिकों के लिए सतत पेंशन कवरेज को बढ़ावा देना।
आईआईटी कानपुर और यूपीएसआईसी: एमएसएमई क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग (ML) की क्षमता विकसित करना।
आईआईएम लखनऊ और यूपीएसआईसी: एमएसएमई इकाइयों के लिए बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम संचालित करना।
आईआईटी रुड़की तथा एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग: एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के लिए टिकाऊ डिजाइन, पैकेजिंग और सामग्री नवाचार को प्रोत्साहित करना।
फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (FFDC), कन्नौज और यूपीएसआईसी: संबंधित क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना।
सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CFTI), आगरा और यूपीएसआईसी: फुटवियर क्षेत्र में कौशल विकास और प्रशिक्षण के अवसरों को विस्तार देना।
यूपीएसआईसी के अनुसार, इन कार्यक्रमों के लिए इच्छुक एमएसएमई उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। आईआईएम लखनऊ के बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम की कोर्स फीस पर 70 प्रतिशत तथा आईआईटी कानपुर के AI Innovation for Business Leadership Program (बैच-2) पर 82 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इससे उद्यमियों को प्रबंधन कौशल, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक विकास के नए अवसर मिल सकेंगे।
तकनीकी सत्रों में वित्तीय सहायता से लेकर निर्यात तक पर चर्चा
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने एमएसएमई से जुड़ी योजनाओं और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी। सोनल सग्गी ने ZED सर्टिफिकेशन, जबकि अभिषेक आनंद ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) की वित्तीय योजनाओं पर प्रकाश डाला। शाहिद ने ECGC के प्रावधानों तथा सुमित सक्सेना ने स्टॉक एक्सचेंज में एमएसएमई की लिस्टिंग से संबंधित पहलुओं की जानकारी दी।
आईआईएम लखनऊ के क्षितिज अवस्थी ने बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम और आईआईटी कानपुर के ए.के.आर. श्रीनिवासन ने कारोबार में AI एवं ML के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त PLEDGE योजना, यूपी MSME-1 कनेक्ट पोर्टल, निर्यात प्रोत्साहन, NSIC और पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासनिक मानकों (ESG) से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी संबंधित विभागों के विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।
उद्यमियों को औद्योगिक विस्तार में सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम में कानपुर जनपद सहित आसपास के मंडलों से बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया। यूपीएसआईसी के मुख्य अभियंता प्रभात बाजपेयी ने एमओयू के आदान-प्रदान को उद्योग जगत और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विभाग औद्योगिक इकाइयों के विस्तार और विकास में लगातार सहयोग प्रदान कर रहा है।
कार्यशाला के अंत में संयुक्त आयुक्त, कानपुर ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागी उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Tags :
Pragya News
Uttar Pradesh News
UP News
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन