आगरा। अधिकारी व्यापारियों के पास जाकर समस्या बताने का अनुरोध कर रहे हैं। उद्देश्य है कि व्यापारियों के पास बैठकर जीएसटी से सम्बंधित किसी भी प्रकार की भ्रांति है या समस्या है तो सम्वाद के माध्यम से हल निकालें। इसके लिए अधिकारी व्यक्तिगत रूप से व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों से मिल रहे हैं। यह बात एके सिंह ज्वाइन कमिश्नर कार्यपालक परिवेक्षण अधिकारी ने शाहगंज व्यापार कमेटी द्वारा सत्तोलाला फूड कोर्ड में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में बताते हुए कहा कि संवाद का अर्थ है कि हम आपके बीच में आकर बैठेंगे, समस्या हल करने का प्रयास करेंगे। शासन भी चाहता है कि जीएसटी में जो भी सुधार हुए हैं या नए कानून को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या हो उसे दूर कर सकें। अधिकारियों और व्यापारियों के बीच मतभेद न रहे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य कर विभाग को व्यापारियों की समस्याएं सुनने और उनका त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए जाने के बाद आगरा के शाहगंज क्षेत्र में व्यापारी संगठन और जीएसटी अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य व्यापारियों की जीएसटी संबंधी परेशानियों को समझना तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना था। एके सिंह ने बताया कि अब सिर्फ 3 घंटे में रजिस्ट्रेसन जारी हो रहे हैं। उपायुक्त असोक कुमार सिंह ने कहा कि व्यापारी जो भी सुझाव देंगे, समस्या बताएंगे, उन्हें नोट कर समाधान बताया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा अपनी बातों को रखें। व्यापारी विभाग से जो भी जानकारी चाहतें हैं दी जाएगी। आपकी बात को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
बैठक में शाहगंज व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों तथा राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कर विभाग से डिप्टी कमिश्नर जितेन्द्र कुमार, सतेन्द्र कुमार गौरव कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर दीपांकर सिंह, राज्य कर अधिकारी भरत लाल वर्मा, एड, लालचंद मोटवानी, मनीष, ब्रह्मचंद गोस्वामी सुमित सतीजा, ललित करमचंदानी, हेमन्त लालवानी, गुलशन माकन, मनीष अग्रवाल, रवि गुप्ता, मनीष अग्रवाल, दिलीप खंडेलवाल, हितेश भोजवानी आदि उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने रखी अपनी बात
शाहगंज व्यापार कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार जग्गी, महामंत्री ललित करमचंदानी ने जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, नोटिसों की प्रक्रिया, रिफंड में देरी तथा तकनीकी समस्याओं से जुड़े कई मुद्दे अधिकारियों के समक्ष रखे। व्यापारियों का कहना था कि कई बार पोर्टल संबंधी दिक्कतों और जटिल प्रक्रियाओं के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों द्वारा इन वॉयस में 50 हजार की लिमिट, जीएसटी पंजीकरण में 20 लाख की लिमिट को बढ़ाने की मांग की गई। जिससे टैक्स का रेवेन्यू आएगा और सरकार को लाभ होगा।
जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि विभाग का उद्देश्य व्यापारियों को सुविधा प्रदान करना है, न कि उन्हें परेशान करना। बताया कि जीएसटी रिटर्न, पंजीकरण और रिफंड से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सहायता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। शाहगंज व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और व्यापारियों के बीच सीधा संवाद होने से कई समस्याओं का समाधान तेजी से संभव होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभागीय अधिकारी भविष्य में भी इसी प्रकार नियमित बैठकों का आयोजन करेंगे।