आगरा। सावन मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का सहस्त्र घट अभिषेक विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘भोलेनाथ’ के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान नर्मदेश्वर महादेव के दिव्य अभिषेक एवं मनोहारी श्रृंगार के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पवित्र द्रव्यों से हुआ भव्य अभिषेक
सहस्त्र घट अभिषेक के दौरान भगवान शिव का विभिन्न फलों के रस, केसर, गुलाबजल, इत्र, गंगाजल, दूध, दही, खस एवं केवड़ा सहित अनेक सुगंधित एवं पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने एक-एक घट से भगवान नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक करते हुए अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव के नाम संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
फूल बंगला श्रृंगार ने मोहा मन
अभिषेक के उपरांत भगवान शिव का आकर्षक फूल बंगला श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों से सजे फूल बंगले में विराजमान नर्मदेश्वर महादेव की दिव्य छवि श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके पश्चात भगवान नर्मदेश्वर महादेव की भव्य महाआरती की गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण दिखाई दिया। भक्तों ने जयकारों के बीच भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन किए।
सहस्त्र घट अभिषेक सामूहिक भक्ति का प्रतीक : महंत अनंत उपाध्याय
महंत अनंत उपाध्याय ने सहस्त्र घट अभिषेक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में भगवान शिव का अभिषेक अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। सहस्त्र घट अभिषेक श्रद्धा, समर्पण एवं सामूहिक भक्ति का प्रतीक है। जल, दूध, दही, गंगाजल, सुगंधित द्रव्यों एवं विभिन्न फलों के रस से भगवान शिव का अभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और वातावरण में सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना एवं अभिषेक का विशेष महत्व है। भगवान शिव सभी के आराध्य हैं और उनकी भक्ति में किसी प्रकार का भेद नहीं है। जो भक्त सच्चे मन से महादेव का स्मरण करता है, भगवान शिव उसके जीवन में सुख-शांति एवं कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
सहस्त्र घट अभिषेक का आयोजन पंडित मुकेश शर्मा, यशवर्धन पाठक एवं पंकज शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान में मनीष अग्रवाल, अरुण उपाध्याय, सूरज तिवारी, अशोक कुमार गोयल, दीपक गुप्ता, मनोज अग्रवाल, लता, वंदना, ममता, सुजाता अग्रवाल, शिप्रा, महिमा, समर्थ, विक्रम, हनी, सुमित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।