Tue 27 Oct 2026
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कानपुर में RAMP कार्यक्रम के तहत एकीकृत कार्यशाला, एमएसएमई के विकास को मिलेगी नई गति योगेंद्र उपाध्याय के समर्थन में उतरा श्रीअग्रवाल संघ, सपा पर लगाए वैश्य विरोधी राजनीति के आरोप रंग जुलूस में बिखरे भारतीय संस्कृति के रंग, आगरा की सड़कों पर दिखा ‘लघु भारत’ पीएमएमवीवाई बनी मातृत्व का सहारा, जिले में 28,488 गर्भवती महिलाओं ने कराया पंजीकरण ‘रास-ए-नवरात्रि नाइट्स’ में लाइव डीजे और गरबा की धूम, सिंगर काजल यादव व एंकर राशिद ने बांधा समां सामाजिक समरसता यात्रा से एक सूत्र में पिरोएंगे सभी समाज, 3 नवंबर से होगी शुरुआत धवल पोशाक में श्रीहरि के दिव्य दर्शन, 2100 दीपों से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर सम्मान समारोह और डांडिया-गरबा के रंगों के साथ 139वें माथुर वैश्य जयंती महोत्सव का भव्य समापन गोवर्धन में सजेगा गिरिराज जी का दिव्य छप्पन भोग दरबार, तैयारियां तेज शरद पूर्णिमा पर भक्ति की बयार, पीताम्बरा महायज्ञ की सफलता के लिए गूंजे जयकारे

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वैश्य समाज : योगेंद्र उपाध्याय के समर्थन में उतरा श्रीअग्रवाल संघ, सपा पर लगाए वैश्य विरोधी राजनीति के आरोप

प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने कहा—मंत्री की ‘सपा संस्कृति’ पर टिप्पणी को वैश्य समाज से जोड़ना गलत, समाज को गुमराह करने की कोशिश का लगाया आरोप

आगरा। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के बयान को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीअग्रवाल संघ ने उनके समर्थन में उतरते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। प्रताप नगर स्थित बुर्जी वाला हनुमान मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के पदाधिकारियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मंत्री की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बयान को वैश्य समाज से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।

टीएन अग्रवाल, गौरव बंसल सहित संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्री की टिप्पणी सपा की कथित राजनीतिक संस्कृति पर केंद्रित थी, न कि वैश्य समाज के किसी व्यक्ति या वर्ग पर। उनके अनुसार, इस बयान को वैश्य विरोधी बताना गलत है। उन्होंने समाज के लोगों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच तथ्यों को समझने और भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील की।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने सपा के पूर्व शासनकाल पर सवाल उठाते हुए बूथ कैप्चरिंग, अपहरण, फिरौती, चौथ वसूली, लूट, डकैती और जमीनों-मकानों पर अवैध कब्जों जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। उनका आरोप था कि उस दौर में वैश्य समाज के व्यापारियों को भी ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी पर वे वैश्य समाज के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हैं, उसके नेताओं को समाज का प्रतिनिधि बनकर बोलने का अधिकार नहीं जताना चाहिए।

राजेश अग्रवाल, मनोज गर्ग और राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि सपा की राजनीति लंबे समय से जातीय और सामाजिक समीकरणों पर केंद्रित रही है। उनके मुताबिक, वैश्य समाज को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने के प्रयासों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के लोग किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार या आरोपों से प्रभावित होने के बजाय अपने विवेक से निर्णय लें।

वक्ताओं ने कहा कि योगेंद्र उपाध्याय शहर से लंबे समय तक विधायक रहे हैं और उनके अनुसार, उन्होंने वैश्य समाज के लोगों की समस्याओं के समाधान में सहयोग किया है। ऐसे में उन्हें अनावश्यक रूप से बदनाम करने का प्रयास उचित नहीं है। ओएस गर्ग, बीएस गर्ग, विनय बंसल, शशिकांत और राकेश अग्रवाल ने भी मंत्री के समर्थन में विचार रखे और समाज के लोगों से राजनीतिक अवसरवाद से सावधान रहने की अपील की।

क्या है पूरा मामला?
प्रेस वार्ता में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की उस टिप्पणी का संदर्भ दिया गया, जो सपा की ओर से भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग के आरोपों से जुड़े एक पत्रकार के सवाल के जवाब में की गई थी। प्रस्तुत विवरण के अनुसार, मंत्री ने सपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक विवादास्पद उपमा का इस्तेमाल किया था। श्रीअग्रवाल संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस टिप्पणी का संदर्भ सपा की कथित राजनीतिक संस्कृति था, न कि वैश्य समाज।

इस अवसर पर सुनील मित्तल, संदीप गुप्ता, राजीव गुप्ता, नन्दनन्दन गर्ग, राजेश जिंदल, पुरुषोत्तम, राकेश बंसल, आलोक जैन, नवीन अग्रवाल, मोहन गर्ग, अजय बिहारी और दुष्यंत अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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