: कैंट रेलवे संस्थान पर आयोजित रामलीला में हुआ बाली वध का मंचन, हनुमान ने जलाई लंका
Sun, Oct 22, 2023
Agra. आगरा कैंट रेलवे संस्थान पर चल रहे श्री रामलीला महोत्सव में कलाकारों के द्वारा शानदार रामलीला का मंचन किया जा रहा है। आज रामलीला में बाली वध की लीला का मंचन किया गया। बेहद उत्साहित अंदाज में कलाकारों ने बाली सुग्रीव युद्ध की लीला का मंचन किया जिसे देखकर दर्शक रोमांचित हो गए।
बाली वध के बाद पवन पुत्र हनुमान को सीता की खोज के लिए भेजा जाता है। लंका जाने में असमर्थता दर्शाने पर जामवंत ने पवन पुत्र हनुमान को उनकी ताकत का एहसास कराया। पवन पुत्र हनुमान सात समंदर पार कर लंका पहुंच जाते हैं। विभीषण से मुलाकात होती है। विभीषण हनुमान को बताते हैं कि लंकेश रावण सीता अशोक वाटिका में रखा है जहां पर राक्षसों का कड़ा पहरा है। हनुमान अशोक वाटिका में पहुंच जाते हैं।
इसके बाद हनुमान सीता वार्ता की लीला का भजन किया गया। सीता मैया से मुलाकात होती है और फिर हनुमान अशोक वाटिका को उजाड़ देते हैं। माली राजकुमार अक्षय को लेकर आता है। हनुमान राजकुमार अक्षय का वध कर देते है। इसके बाद मेघनाथ हनुमान के बीच युद्ध होता। मेघनाथ हनुमान को बांधकर लंकेश रावण के दरबार में ले जाते हैं। हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है हनुमान लंका को जला देते है। लंका में आग लगने से कोहराम मच जाता है।
: वैश्य बोर्डिंग हाउस में 24 को रावण और 25 को आतंकवाद का पुतला होगा दहन
Sun, Oct 22, 2023
दशहरा मेला स्वागत समिति बाग मुजफ्फर खां के दो दिवसीय मेला में दिखेगी अतिथि देवो भव: परंपरा की झलक
दशानन की नाभि में तीर लगते ही मुख से निकलेगी लेजर लाइट होगा अट्टहास, भरत मिलाप के साथ होगी सीता जी की आरती
वृद्धजन, मेधावियों के साथ समाजसेवियों का होगा सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच महोत्सव में होगी भव्य आतिशबाजी
आगरा। बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में विजयदशमी पर्व पर पिछले चार दशकों से निभाई जा रही स्वागत सत्कार की परंपरा में आज भी अतिथि देवो भव: का सत्कार और भारतीय संस्कृति सभ्यता और संस्कार की झलक देखने को मिलती है। दशहरा मेला स्वागत समिति बाग मुजफ्फर खां के द्वारा 24 और 25 अक्टूबर को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भरत मिलाप सीता जी की आरती के साथ, रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी।
रविवार को आयोजन समिति की ओर से वैश्य बोर्डिंग हाउस, सेंट जॉन्स चौराहे पर पोस्टर विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्ष राजीव कांत लवानियां ने बताया कि 24 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच वृद्धजनों का सम्मान, सीता जी की आरती, भरत मिलाप, रावण दहन के साथ भव्य आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा।
आयोजन समिति के संरक्षक हेमेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 25 अक्टूबर को नई पहल करते हुए पहली बार आतंकवाद का पुतला दहन किया जाएगा। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों, समाजसेवियों एवं मेहंदी रंगोली प्रतिभागियों के सम्मान और मां शारदे म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
आतिशबाजी में दिखेंगे अनोखे नजारे
आयोजन समिति के महामंत्री विनय जैन ने बताया कि पिछले 40 वर्षों से निभाई जा रही दशानन दहन की परंपरा में अब आधुनिक तकनीक और कलाकारों का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिलेगा। दशहरा मेला स्वागत समिति की ओर से आयोजित रावण, कुंभकरण के दहन के अवसर पर रावण की नाभि में तीर लगते ही मुंह से सतरंगी लाइटों के साथ आवाज़ निकलेगी। 80 फुट के रावण दहन के मौके पर भरतपुर और हाथरस से आए कलाकारों के द्वारा आतिशबाजी प्रतियोगिता में गगनचुंबी आतिशी नजारे देखने को मिलेंगे। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से आतिशबाजी में इस बार कई इको फ्रेंडली पटाखे आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ झांकियों का होगा स्वागत
दशहरा मेला स्वागत समिति बाग मुजफ्फर खां की ओर से इस बार अतिथि देवो भव: की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम में आने वाली सभी झांकियों का दिव्य और भव्य स्वागत किया जाएगा।
पोस्टर विमोचन में यह रहे मौजूद
दशहरा मेला स्वागत समिति द्वारा आयोजित पोस्टर विमोचन समारोह में मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कांत लवानिया, मुख्य संरक्षक हेमेंद्र कुलश्रेष्ठ, महामंत्री विनय जैन नेताजी, ओम शर्मा,मेला प्रभारी विनय शर्मा, संयोजक जुगल चतुर्वेदी, जसवंत बघेल, मुकेश कुलश्रेष्ठ, मनीष गर्ग अर्जुन सिंह, अखिल अग्रवाल, दिनेश वर्मा, मुकेश शर्मा, प्रदीप सिंगर, मोहित चतुर्वेदी, प्रमोद कुशवाहा, पिंटू कुमार सहित आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
: श्री राम जी चले वनवास, अयोध्या नगरी सुनी भई…
Sat, Oct 21, 2023
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में राम वनवास प्रसंग देख द्रवित हुए श्रद्धालु
आगरा। सुनु जननी सोई सुत बड़भागी, जो पितु मातु बचन अनुरागी। तनय मातु पितु तोषनिहारा, दुर्लभ जननी सकल संसारा…. मर्यादा पुरुषाेत्तम राम अपने वनगमन से पूर्व व्याकुल माता कौशल्या को समझाते हैं कि मां पुत्र वही है जो माता− पिता के वचनों का अनुरागी है।
शनिवार को श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रहे श्रीराम लीला महोत्सव में जब राम वनवास प्रसंग हुआ तो ये चाैपाई हर श्रद्धालु के लिए संदेश की भांति बन गयी। भगवान राम अयोध्या सुनी करके वन की ओर प्रस्थान करने की लीला प्रसंग ने हर हृदय को द्रवित कर दिया। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी। प्रसंग लीला में मंचन हुआ कि माता कैकई के राजा दशरथ से अपने वचनों में श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास और अपने पुत्र भरत को राजगद्दी सौंपने का वर मांग लिया। अयोध्या नगरी में शाेक छा गया।
पिता दशरथ के वचन का पालन करने के लिए भगवान राम पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ वन जाने लगे। वन गमन के दौरान नगरवासियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की किंतु उनके नहीं मानने पर नगरवासी भी उनके साथ चल दिए को पार करने के लिए भगवान राम केवट की सहायता मांगते हैं, केवट श्रद्धाभाव से श्रीराम, लक्ष्मण व सीता माता को अपनी नाव में नदी पार करवाते हैं। उधर अयोध्या में जब भरत अपनी निनहाल से लौटते हैं और सारा हाल जानते हैं तो अपनी जननी कैकई से सारे रिश्ते तोड़ लेते हैं। एक भाई की व्यथा का चित्रण देख हर आंख भर आती है और लीला प्रसंग का समापन होता है। रविावर को भरत मिलाप, सीता हरण, सुग्रीव मित्रता प्रसंग होंगे।