: वेद रूपी कल्पवृक्ष का रसमय फल है श्रीमद्भागवत कथा, कलियुग केवल हरि गुन गाहा, गावत नर पावहिं भव थाहा…
Wed, Oct 18, 2023
: देखि सीय शाेभा सुखु पाया, हृदयं सराहन बचनु न आवा। जनु बिरंजि सब निज निपुनाई, बिरचि बिस्व कहं प्रगटि देखाई….
Wed, Oct 18, 2023
: डोल नगाड़ों की की धुन पर खूब मचा धमाल, शिक्षकों के साथ छात्रों ने कदम से कदम मिलकर दिखाया हुनर
Wed, Oct 18, 2023