: प्रधान कुण्ड के पूजन के साथ हुआ मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ का शुभारम्भ
Sat, Feb 10, 2024
रविवार को होगी प्रथम आहूति, देवी देवताओं की 56 मूर्तियां की हुई प्राण प्रतिष्ठा
महामायी की ध्वजाओं से लहराया यज्ञस्थल, आसाम व मितिलानगरी से आए 21 आचार्यों ने कराया पूजन
आगरा। वैदिक मंत्रोच्चारण से प्रधान कुण्ड के पूजन के साथ मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ। गुवाहटी (आसाम) व मिथिनगरी से आए 21 आचार्यों ने विधि विधान के साथ यज्ञ कुण्डों का पूजन कराया। यज्ञ स्थल पर तैयार की गई देवी देवताओं की 56 मूर्तियों का प्राण प्रतिष्ठा कर पूजन किया गया। रविवार से 108 कुण्डीय यज्ञ गौ पूजन के साथ 20 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह नौ बजे से आयोजित किया जाएगा।
महामाई के यज्ञ स्थल पर मानों समस्त देवलोक पधार आया हो। शिव परिवार, राम दरबार, राधा-कृष्ण, विघ्न विनाशक गणपति, बजरंग बली, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों सहित पंचमुखी मां कामाख्या देवी की आकर्षक मूर्तियां यज्ञ स्थल पर देव लोक का आभास करा रहीं हैं। सभी मूर्तियों को एक प्रांगण में सजाया गया है। हर तरफ महामाई कामाख्या देवी की ध्वजाएं लहरा रही हैं। आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा आज विधि विधान से पूजन कर यज्ञशाला की आरती की गई। रविवार को प्रातः गौ पूजन के उपरान्त महायज्ञ का आयोजन होगा। महायज्ञ में भाग लेने के लिए 300 से अधिक साधू संत विभिन्न धार्मिक स्थानों से पधारे हैं। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से श्रीराम कथा व शाम 7 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के मुरारीप्रसाद अग्रवाल, यशपाल सिंह चैधरी, वंदना मेड़तवाल, अजय गोयल, राहुल अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, डॉ. सुभाष भारती, प्रीतम सिंह लोधी, जयशिव छोकर, विरेन्द्र मेड़तवाल आदि उपस्थित थे।
मेले का आनन्द भी उठाएंगे श्रद्धालू
महायज्ञ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यज्ञ स्थल पर ही मेले का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बच्चों के लिए झूले, धार्मिक सामग्री व खान-पान की स्टॉलें होंगी। यज्ञ स्थल पर साधू संतों के ठहरने के लिए रैन बसेरा व भंडारे की भी व्यवस्था की गई है।
: सिर पर मंगल कलश और मुख पर महामाई के जयकारों संग निकली भव्य कलश यात्रा
Fri, Feb 9, 2024
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1500 महिलाओं ने लिया कलश यात्रा में उत्साह व उमंग के साथ भाग
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10 फरवरी को 9 बजे से प्रारम्भ होगा महामाई कामाख्या देवी का ग्यारह दिवसीय अनुष्ठान सहस्त्र चंडी 108 कुण्डीय महायज्ञ
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दोपहर में श्रीराम कथा व संध्या काल में होगा श्रीराम लीला का मंचन
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18 फरवरी को होगा संतो का विराट सम्मेलन व कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह
आगरा। मेहंदी रचे हाथों में मंगल कलश उठाए हर श्रद्धालु के मुख से महामाई के जयकारे गूंज रहे थे। मां कामाख्या देवी के श्रृद्धा के इस सैलाब में लगभग डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। ढोल नगाड़ों पर झूमते गाते भक्तजनों की राह में जगह-जगह पुष्प बिखरे थे। कुछ ऐसा ही नजारा था गुप्त नवरात्रों में आगरा में महामाई कामाख्या देवी के ग्यारह दिवसीय अनुष्ठान सहस्त्र चंडी 108 कुण्डीय महायज्ञ के तहत कलश यात्रा का।
कलश यात्रा का शुभारम्भ शास्त्रीपुरम स्थित जोनल पार्क से हुआ, तिकोनिया पार्क चर्चित चौराहा होते हुए कलश यात्रा ने महायज्ञ स्थल जेसीबी चौराहा सुनारी पर विश्राम लिया। प्रथम चांदी का कलश वंदना मेड़तवाल ने उठाया। सर्वप्रथम विघ्न विनाशक गणपति की सवारी के साथ में बग्गी में विराजमान थे आसाम से आए संत श्री कीर्तिनाथ महाराज के गुरु गोपालदास जी महाराज। कलश यात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने पर संत श्री कीर्तिनाथ महाराज ने सभी कलशों को विधि विधान के साथ स्थापित कराया।
10 फरवरी को प्रातः गौ पूजन के साथ ग्यारह दिवसीय सहस्त्र चंडी 108 कुण्डीय महायज्ञ आयोजन का शुभारम्भ होगा, जो 20 फरवरी तक चलेगा। , जिसमें देश भर के संतो का विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) जैसे विभिन्न मांगलिक आयोजन होंगे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से गौ पूजन व अभिषेक के साथ महायज्ञ का शुभारम्भ होगा। महायज्ञ के लिए एक प्रधान कुण्ड व 107 सह कुण्ड का निर्माण किया गया है। प्रतिदिन श्रीराम कथा का आयोजन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक व श्रीराम लीला का मंचन सायं 7 बजे से रात्रि 11.30 बजे तक किया जाएगा। श्रीराम कथा का वाचन विष्णु दत्त शर्मा द्वारा किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने शहरवासियों को अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ का शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से बबिता चौहान, प्रवीना राजावत, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, अजय गोयल, हरिप्रसाद राजपूत, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, मुन्ना मिश्रा, मीना अग्रवाल, सीमा गोयल, बबिता पाठक, रेखा खंडेलवाल, रंजना राजपूत, जानकी पाराशर, अंशिका गुप्ता, ममता सिंघल, निशा सिंघल, रेखा ठाकुर आदि उपस्थित थीं। इस अवसर पर मुख्य संयोजक राहुल अग्रवाल भी मौजूद थे।
ये होंगे मुख्य कार्यक्रम
10 फरवरीः 108 कुण्डीय महायज्ञ शुभारम्भ।
18 फरवरीः संतो का विराट सम्मेलन व कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञापवीत (जनेऊ संस्कार) प्रातः 10 बजे।
20 फरवरीः महायज्ञ पूर्णाहूति।
21 फरवरीः देवी देवताओं की मूर्तियों का विसर्जन दोपहर 12 बजे।
22 फरवरीः पूज्य संत स्वामी कीर्तिनाथ महाराज द्वारा दोपहर 12 बजे से सम्मान समारोह।
: 56 बीघा में सज गया महामाई कामाख्या का दरबार
Thu, Feb 8, 2024
कलश यात्रा में ढाई हजार महिलाएं होंगी शामिल,
धान के फूस व मिट्टी के तैयार की गईं हैं 60 मूर्तियां
रैन बसेरा में निवास करेंगे 300 से अधिक साधू संत
आगरा। 4 माह पूर्व माता रानी व भैरव बाबा के ध्वज की स्थापना से शुरु हुई महामाई कामाख्या के महायज्ञ की तैयारियों ने आज मूर्त रूप ग्रहण कर लिया है। महायज्ञ स्थल की मिट्टी व धान की फूस से तैयार की गई देवी देवताओं की 60 मूर्तियां सज गई हैं। जिसमें मुख्य पंचमुखी मां कामाख्या की मूर्ति है। 56 बीघा में सजाया गया यज्ञ स्थल मानो कामाख्या परिसर बन गया। 9 फरवरी को ढोल नगाड़ों के साथ कलश यात्रा का शुभारम्भ शास्त्री पुरम स्थित जोनल पार्क से होगा, जो तिकोनिया पार्क चर्चित चौराहा होते हुए महायज्ञ स्थल पर विश्राम लेगी। जिसमें लगभग ढाई हजार महिलाएं शामिल रहेंगी।
विघ्न विनाशक गणपति की सवारी के साथ में बग्गी में विराजमान होंगे आसाम से आए संत श्री कीर्तिनाथ महाराज के गुरु गोपालदास जी महाराज। गुप्त नवरात्रों में आगरा में महामाई कामाख्या देवी का ग्यारह दिवसीय अनुष्ठान सहस्त्र चंडी 108 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन 10 से 20 फरवरी को जेसीबी चौराहा शास्त्रीपुरम, सुनारी में सम्पन्न होगा।
यज्ञ स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में संतश्री कीर्तिनाथ महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों के 300 से अधिक संत, साधुओं के लिए रैन बसेरा तैयार किया गया है। 107 सह कुण्ड व एक प्रधान कुण्ड तैयार किया गया है, जिसमें 24 घंटे यज्ञ होगा। खास बात है कि बांस, फूस व मिट्टी से तैयार किए सभी कुंड ईकोफ्रैंडली हैं। पर्यावरण का विशेष ख्याल रखा गया गया है। मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति महामंत्री अजय गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यज्ञ स्थल के एक बाग में झूले, धार्मिक सामग्री व खान-पान की स्टॉल भी लगेंगी। महायज्ञ के लाखों लोग साक्षी बनेंगे, जिसमें देश भर के संतो का विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) जैसे विभिन्न मांगलिक आयोजन भी होंगे।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से गौ पूजन व अभिषेक के साथ महायज्ञ का शुभारम्भ होगा। प्रतिदिन श्रीराम कथा का आयोजन दोपहर 3 से 6 बजे तक व श्रीराम लीला का मंचन सायं 7 बजे से रात्रि 11.30 बजे तक किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने शहरवासियों को अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ का शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय गोयल, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, यशपाल चौधरी, राहुल अग्रवाल, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, वीरेन्द्र राणा, मुन्ना मिश्रा, जयशिव, वंदना, अमेश अग्रवाल, हनी चौधरी, अनुराधा पाल, किशन बाबा, देवकांत आदि उपस्थित थे।
ये होंगे मुख्य कार्यक्रम
09 फरवरी: कलश यात्रा प्रातः 10 बजे से।
10 फरवरी: 108 कुण्डीय महायज्ञ शुभारम्भ।
18 फरवरी: संतो का विराट सम्मेलन व कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह, यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) प्रातः 10 बजे।
20 फरवरी: महायज्ञ पूर्णाहूति।
21 फरवरी: देवी देवताओं की मूर्तियों का विसर्जन दोपहर 12 बजे।
22 फरवरी: पूज्य संत स्वामी कीर्तिनाथ महाराज द्वारा दोपहर 12 बजे से सम्मान समारोह।