: श्रीखाटू श्याम भगवत कथा के लिए कार्यकारिणी गठित, 28 मार्च से होगी कथा की अमृत वर्षा
Fri, Feb 16, 2024
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श्री मोरवीनन्दन सेवा मंडल द्वारा किया जा रहा है दिव्य कथा का आयोजन
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कथा से पूर्व 5001 कलश की निकलेगी यात्रा, कोठी मीना बाजार में होगा आयोजन
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श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नर्मदा शंकर पुरी जी महाराज होंगे कथा व्यास
आगरा। आगामी 28 मार्च से होने जा रही देश की सर्वप्रथम श्रीखाटू श्याम जी भगवत कथा की व्यवस्थाएं संभालने के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया है। शुक्रवार को आवास विकास कॉलोनी स्थित श्री खाटू श्याम जी भगवत कथा कार्यलय पर बैठक का आयोजन किया गया। श्री खाटू श्याम जी भगवत कथा का आयोजन श्री मोरवीनन्दन सेवा मंडल द्वारा किया जा रहा है।
संस्थापक अमित अग्रवाल और राम अग्रवाल ने बताया कि कोठी मीना बाजार में 28 मार्च से 3 अप्रैल तक सप्त दिवसीय कथा आयोजन होगा। देश की सर्वप्रथम श्री खाटू श्याम जी भगवत कथा के व्यास श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर नर्मदा शंकर पुरी जी महाराज (जयपुर) होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यालय पर हुयी बैठक में सर्वसम्मति से आयोजन समिति के संरक्षक मधु बघेल, हेमेंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, मुरारी प्रसाद अग्रवाल और जीतू चैधरी, अध्यक्ष राम अग्रवाल, उपाध्यक्ष आलोक आर्या, महामंत्री अमित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मुरारी लाल गोयल, संयोजक मनीष “अग्रसेना”, सह कोषाध्यक्ष दिग्विजय पचैरी, महिला अध्यक्ष सुमन गोयल, महिला जिला संयोजिका बबिता पाठक, उपाध्यक्ष पवन मित्तल, उप महामंत्री संजय अग्रवाल को बनाया गया।
अब तक देश-दुनिया में श्री खाटू श्याम जी भजन संध्या के आयोजन से श्याम प्रेमी परिचित भी हैं और बढ़चढ़ कर सहभाग भी करते हैं। किंतु ये पहला अवसर होगा जब भगवान के उस भक्त की कथा का श्रवण होगा जिन्होंने अपने शीश का दान करके भगवान का नाम प्राप्त किया। सात दिवसीय कथा के आरंभ पर मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। 5001 कलशों को लेकर महिलाएं पीत परिधानों में बैंड बाजे के साथ चलेंगी।बैठक में नेहा, मोहिनी, तनुज गर्ग, जीनेश अग्रवाल, सतीश, सोनम पाराशर, तपेश राज आदि उपस्थित रहे।
: 156 परिवारों ने दी महामाई के महायज्ञ में आहूति
Fri, Feb 16, 2024
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जगमग ज्योत जले मण्डप में, मां कामाख्या के दरबार…
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गुप्त नवरात्रों की षष्ठी के दिन हजारों श्रद्धालुओं न लगाई मुख्य कुण्ड की परिक्रमा
आगरा। गुप्त नवरात्रों की षष्ठी के दिन मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में आज हजारों श्रद्धालुओं ने महामाई के दर्शन कर महामाई के जयकारों संग परिक्रमा लगाई। 156 परिवारों ने महायज्ञ में आहूति दी। यज्ञ कुण्ड पर स्थापित वसोर्धारा से महामाई के महायज्ञ की ज्योति मुख्य कुण्ड में अनवरत प्रज्जवलित है। दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक संजय शास्त्री द्वारा श्रीराम कथा का श्रवण व संध्या काल में महारास का आनन्द लिया।
परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में शास्त्रीपुरम, सुनारी में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां कामाख्या व भैरव बाबा के स्थापित ध्वज व मुख्य हवन कुण्ड की प्रतिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार के साथ सम्मलित रूप से हवन यज्ञ में आहूति दी जा रही है। कोई मेवाओं से तो कोई पुष्पों से अपनी श्रद्धा के अनुसार परिक्रमा दे रहा है। आज आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने भी अपनि परिवार के साथ महायज्ञ में आहूति दी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, गुड्डा प्रधान, राहुल अग्रवाल, शम्भूनाथ चैबे, मुकेश अग्रवाल अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, जयशिव छोकर, मुन्ना मिश्रा, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
ईको फ्रैंडली है महामाई का दरबार
मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में सब कुछ ईको फ्रैंडली है। यज्ञशालाओं को बांस, मिट्टी, धान की फूंस व गोबर से निर्मित किया गया है। वहीं परिसर में सजी 56 मूर्तियां भी इन्ही पदार्थों से बनाई गईं हैं। आसाम से आए परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज की कुटिया भी फूंस व बासों से तैयार की गई है। भोजन स्थल पर पानी के ग्लास, पत्तलों से लेकर हर जगह ईको फ्रैन्डली चीजों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। साथ ही प्रतिदिन 108 कुण्डों से ऊठती महायज्ञ की धूनी भी वातावरण को शुद्ध कर रही है।
भावी पीढ़ी को महायज्ञ से जोड़े, सनातन से परिचय कराएं
आयोजन समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल ने शहरवासियों से बच्चों को यज्ञस्थल पर लाकर महायज्ञ में आहूति दिवलाने का आग्रह किया। कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होने से ही भावी पीढ़ी सनातन धर्म और संस्कृति को समझ पाएगी। बेहतर इंसान बनने के लिए शिक्षा के साथ आत्मज्ञान को होना भी जरूरी है।
108 कुण्डीय महयज्ञ 18 फरवरी को संतों का विराट सम्मेलन होगा
मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 18 फरवरी संतों को दोपहर 12-2 बजे विराट सम्मेलन, सामूहिक विवाह समारोह व यज्ञोपवित (जनेऊ संस्कार) का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भारत के विभिन्न धार्मित स्थलों (काशी, उज्जैन, अयोध्या, मिथिला, आसाम, वृन्दावन) के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे। सनातम धर्म व संस्कृति विषय पर संवाद होगा। 20 फरवरी को महायज्ञ पूर्णाहूति, सम्मान समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। 21 फरवरी को सभी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
: देश भर के संतों का होगा महाकुम्भ, सनातन धर्म व संस्कृति पर होगा संवाद
Wed, Feb 14, 2024
मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में 18 फरवरी को होगा संतों का विराट सम्मेलन, 20 फरवरी को पूर्णाहूति के साथ होगा सम्मान समारोह व भण्डारा
आगरा। भक्ति के सतरंगी रंगों से सजा महामाई कामाख्या देवी के 108 कुण्डीय महायज्ञ में 18 फरवरी को संतों का विराट सम्मेलन होगा। जिसमें भारत के विभिन्न धार्मिक स्थलों (काशी, उज्जैन, अयोध्या, मिथिला, आसाम, वृन्दावन) के 300 से अधिक साधू संत भाग लेंगे। सनातन धर्म व संस्कृति विषय पर संवाद होगा। महायज्ञ स्थल पर प्रतिदिन परम पूज्य संत श्री कीर्तिनाथ जी महाराज के नेतृत्व में प्रातः व संध्या काल में 108 कुण्डीय महायज्ञ में आहूति दी जा रही है। यज्ञ कुण्ड पर स्थापित वसोरधारा से (यज्ञकुण्ड में कलश से बूंद-बूंद कर गिरता घी) महामाई के महायज्ञ की ज्योति मुख्य कुण्ड में अनवरत प्रज्जवलित है।
शास्त्रीपुरम सुनारी स्थित मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ स्थल पर हर प्रहर महामायी के जयकारे गूंज रहे हैं। कामाख्या देवी के साथ भैरव बाबा की पताकाएं फहरा रही हैं। आज एमएलसी विजय शिवहरे ने भी महामाई के यज्ञकुण्ड में आहूति प्रदान की। मां कामाख्या आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष कान्ता प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि 18 फरवरी संतों का दोपहर 12-2 बजे विराट सम्मेलन, सामूहित विवाह समारोह व यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार) का आयोजन किया जाएगा। 20 फरवरी को महायज्ञ पूर्णाहूति, सम्मान समारोह व भंडारे का आयोजन होगा। 21 फरवरी को सभी स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारीप्रसाद अग्रवाल, वंदना मेड़तवाल, अजय गोयल, राहुल अग्रवाल, शम्भूनाथ चैबे, अवि गोयल, पवन भदौरिया, सुनील पाराशर, डॉ. सुभाष भारती, खेमसिंह पहलवान, मीना अग्रवाल, प्रीतम सिंह लोधी, जयशिव छोकर, मुन्ना मिश्रा, वीरेन्द्र मेड़तवाल, दिव्या मेढतवाल, सीमा गोयल, रीया आदि उपस्थित थे।
मेरे बांके बिहारी सरकार, तेरे बिन रहा नहीं जाए…
महामाई कामाख्या देवी के 108 कुण्डीय महायज्ञ स्थल पर श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक संजय शास्त्री ने आज भक्त प्रह्लाद और राजा बलि की कथा के माध्यम से भक्ति का महत्व समझाया। कहा कि भगवान धन दौलत नहीं बल्कि भक्ति से वश में रहते हैं। राजा बलि की भक्ति ही थी कि श्रीहरि विष्णु भगवान राजा बलि के दरबान बन गए। और उन्हें वापस लाने के लिए माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षा सूत्र बाधकर श्रीहरि विष्णु को वापस पाया। वहीं भक्त प्रह्लाद की कथा के माध्यम से बनाया कि भक्ति में वो शक्ति है, जिससे भगवान आपके सभी कष्टों को दूर कर हमेशा आपकी रक्षा करते हैं। कहा अपने जीवन से पांच चोरों काम क्रोध, लोभ, मोह अहंकार को भगा दो, यही सबसे बड़ी तपस्या है। गंगा मैया के धरती पर अवतरण की कथा सुनाई। कथा विश्राम पर आरती कर सभी भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया गया। कल श्रीराम जन्मोत्सव की कथा का वर्णन होगा।