: भव्य फूल बंगले में विराजीं मां महिषासुर मर्दिनी, भक्त दर्शन कर हुए निहाल
Fri, Oct 4, 2024
आगरा। लाल, श्वेत, पीत पुष्पों के मध्य विराजित होकर मां महिषासुर मर्दिनी ने जब भक्तों को दर्शन दिए तो जैसे सभी एकटक निहारते ही रहे। मां भगवती सेवा मंडल द्वारा आयोजित नवरात्र उत्सव के तीसरे दिन भव्य फूल बंगला दर्शन का आयोजन किया गया। तोता का ताल, मदिया कटरा पर सजे मां महिषासुर मर्दिनी के दरबार में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुयी हैं।
संध्या पूजन में गुलाबी परिधान धारण कर महिलाओं ने माता की धुनि आरती की। इसके बाद महाआरती में मुख्य अतिथि महंत निर्मल गिरी, कमल सिंह वाल्मिकी, संरक्षक रजनी अग्रवाल, पार्षद शरद चौहान, सुनील जैन, पप्पू कुशवाह, मनीष कुशवाह, आकाश कुशवाह, विष्णु, दिनेश, अरुण पाठक, अभिषेक चौधरी आदि उपस्थित रहे। संरक्षक रजनी अग्रवाल ने बताया नवरात्र उत्सव के तीसरे दिन शनिवार को देवी जागरण होगा।
: काल पाइ मुनि सुनु सोइ राजा, भयउ निसाचर सहित समाजा
Fri, Oct 4, 2024
दिगनेर के श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही है श्रीमनःकामेश्वर रामलीला
रामलीला के दूसरे दिन हुआ रावण जन्म, रावण की दोनों भाइयों सहित तपस्या और पृथ्वी पुकार लीला
दिगनेरवासियों को आठ अक्टूबर की राम बरात की प्रतिक्षा, घर−घर में हो रही हैं विशेष तैयारियां
आगरा। धरती पर जब जन्म हुआ रावण का, आरंभ हुआ आतंक का। तपस्या के बल में चूर होकर, संतों से भी वसूलने लगा कर। पृथ्वी जब हो गयी अत्याधिक त्रस्त, की पुकार रक्षा करो हे, नारायण सृष्टि के रक्षक। श्रीराम चरित मानस की चौपाइयों पर आधारित भजनों और प्रसंगों के साथ श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला के दूसरे दिन जन्म हुआ आतातायी किंतु प्रचंड ज्ञानी रावण का।
दिगनेर के गढ़ी ईश्वरा स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला को देखने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ शहर से भी भक्तगण पहुंच रहे हैं। दूसरे दिन की लीला का आरंभ श्रीमनः कामेश्वर मठ तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी, मठ प्रशासक हरिहर पुरी, डॉ. डीएस शुक्ला, आशा शुक्ला, सुधीर कुमार यादव, यतींद्र शर्मा, विजय सिंह, लक्ष्मीकांत रजावत ने स्वरूपों की आरती उतार कर किया। इससे पूर्व प्रातः बेला में श्रीदुर्गा सप्तशति एवं श्रीराम चरित मानस का पाठ एवं हवन हुआ।
श्रीकिशाेरी रास लीला एवं रामलीला संस्थान वृंदावन के गोविंद मिश्रा ने बताया कि दूसरे दिन की लीला में ब्राह्मणाें द्वारा प्रताप भानु एवं अरिमर्दन को श्राप दिया गया, जिसके कारण उनका जन्म रावण एवं कुंभकर्ण के रूप में हुआ। उनके सेवक धर्मरुचि का जन्म विभिषण के रूप में हुआ। वैभव, संपति के लिए रावण और कुंभकर्ण ने तप किया। रावण की मंदोदरी के साथ विवाह लीला, मेघनाद दिग्विजय, संतो से भी कर लेने के कारण श्राप और अत्याचार से पीड़ित होकर पृथ्वी की पुकार लीला का मंचन किया गया।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शनिवार को रामलीला के तीसरे दिन श्रीराम जन्म होगा। जिसका मंचन देखने के लिए दूर दूर से भक्त आएंगे। स्थानीय घरों में श्रीराम जन्म के उपलक्ष्य में पूड़ी पकवान बनाए जाएंगे।
8 को निकलेगी राम बरात
शहर के कोलाहल से दूर दिगनेर क्षेत्र में श्रीमनः कामेश्वर रामलीला के अंतर्गत राम बरात निकाली जाएगी। राम बरात पूरे परिक्षेत्र में भ्रमण करेगी। आस− पास के गांव राम बरात में झांकियां निकालेंगे। राम बरात के लिए लोगों ने अपने घरों को अभी से झालरों से सजा दिया है।
: देवस्थापना संग शुभारंभ हुआ श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला मंचन का, नारद मोह लीला देख उत्साहित हुए भक्त
Fri, Oct 4, 2024
दिगनेर के श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में बना है भव्य पंडाल, दिव्य हवन वेदी पर होगा प्रतिदिन हवन
13 अक्टूबर तक होगा आयोजन, 8 अक्टूबर को निकलेगी भव्य रामबरात और झांकियां
दिगनेर के घर− घर में उल्लास का माहौल, जन− जन को अपने राम के आगमन की प्रतीक्षा
आगरा। रूप पर अभिमान नारद भी न कर सके, अभिमान की चपेट में आकर वानर रूप प्राप्त कर बैठे। नारद मोह मंचन लीला से सीख लेते हुए भक्तों ने उत्साहित होकर श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला का रसपान किया। दिगनेर के गढ़ी ईश्वरा स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में गुरुवार को श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला का शुभारंभ हुआ। प्रातः बेला में श्रीमनः कामेश्वर मठ तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी एवं मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने मध्य प्रदेश एवं वृंदावन से आए आचार्य श्री की उपस्थिति में देवस्थापन, श्रीराम चरित मानस पूजन एवं प्रतिष्ठा, वेद घट स्थापन, ध्वजा प्रतिष्ठा, अग्नि स्थापन किया।
सांझ ढलते ही जैसे पूरे गांव ही प्रकाश से जगमग हो उठा। गांव की हर गली, हर सड़क झिलमिल रोशनी से प्रकाशित हो रही थी। हर घर पर ध्वज पताकाएं लहरा रही थीं और बच्चा− बच्चा जय श्री राम के जयघाेष लगा रहा था।
संध्याकाल में श्रीलक्ष्मी नारायण के स्वरूपों की आरती उतारने और श्रीराम के जयघाेष के साथ श्रीमनः कामेश्वर रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। किशाेरी रास मंडली, वृंदावन के गोविंद महाराज ने बताया कि श्रीराम लीला मंचन में प्रथम दिवस नारद मोह का मंचन किया गया। जिसके अंतर्गत नारद जी की तपस्या, देवराज इंद्र का भय से ग्रसित होकर कामदेव को भेजना एवं नारद जी का वानर स्वरूप लीला का मंचन किया गया।
आज होगी रावण जन्म लीला
श्रीमनः कामेश्वर रामलीला के दूसरे दिन शुक्रवार को सायं 7 बजे से रावण जन्म, रावण की तपस्या, मेघनाद दिग्विजय एवं पृथ्वी पुकार लीला का मंचन किया जाएगा।
महोत्सव का किया जा रहा लाइव प्रसारण
श्रीमनः कामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव का लाइव लाइव प्रसारण देश− विदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है साथ ही शहर में भी विभिन्न स्थानों पर एलइडी के माध्यम से प्रसारण की व्यवस्था की गयी है।