: रिवर कनेक्ट कैंपेन ने मनाई दसवीं वर्षगाँठ
Sun, Mar 31, 2024
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यमुना के शुद्धिकरण के लिए बैराज निर्माण और नदी की सफाई जरूरी है - बृज खण्डेलवाल
आगरा। यमुना नदी के शुद्धिकरण, शहरवासियों को नदी से भावनात्मक तरीके से जोड़ने के लिए और बैराज निर्माण के लिए 2014 में रिवर कनेक्ट कैंपेन की शुरुआत हुई। नित्य आरती सेवा के माध्यम से इस अभियान को गति और दिशा दी गयी। अभियान का उद्देश्य आगरा में ताज महल के नीचे की ओर एक बैराज का निर्माण, बाढ़ के मैदानों से अतिक्रमण हटाना, यमुना नदी के तल से गाद निकालना और ड्रेजिंग करना, यमुना से आगरा के लिए स्वच्छ पानी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करना, स्थापित करना जैसी प्रमुख मांगों को संबोधित करना है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्थायी उपाय, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू करना, नदी पुलिस दस्ते की तैनाती और नदी परिभ्रमण, फैरी सर्विस की शुरुआत करना, जैसा कि नितिन गडकरी ने वादा किया था, आदि।
अभियान के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा, रिवर कनेक्ट अभियान हितधारकों, विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों को यमुना नदी को पुनर्जीवित करने और इसके पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बढ़ाने की दिशा में काम करने के लिए एक साथ लाता है। नदी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करके, अभियान इस महत्वपूर्ण के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए यमुना नदी की बहाली और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पर्यावरणविद् देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि विभिन्न हितधारकों के साथ हमारे ठोस प्रयासों और सहयोग के माध्यम से, हमारा लक्ष्य यमुना नदी के स्वास्थ्य और स्वच्छता में ठोस सुधार लाना है, जिससे यह आगरा के लिए गौरव का स्रोत और पर्यावरणीय प्रबंधन का प्रतीक बन सके।
गोष्ठी में यमुना नदी के प्रदूषण और गिरावट को संबोधित करने के लिए व्यापक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ स्थायी परिवर्तन प्राप्त करने में सामुदायिक भागीदारी और टिकाऊ प्रथाओं के महत्व पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अभियान की पहल के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और यमुना नदी को उसके पूर्व गौरव को बहाल करने के साझा लक्ष्य की दिशा में अपनी विशेषज्ञता, संसाधनों और प्रयासों में योगदान देने का वचन दिया।
अभियान की कार्य योजना के हिस्से के रूप में, जल प्रवाह को विनियमित करने के लिए ताज महल के डाउनस्ट्रीम में एक बैराज का निर्माण, प्राकृतिक डूब, बाढ़ वाले क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने जैसे प्रमुख उपायों को लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, प्रदूषण को रोकने और टिकाऊ जल प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने पर ध्यान देने के साथ, आगरा के लिए यमुना से स्वच्छ पानी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं।
एक समर्पित नदी पुलिस दस्ते की तैनाती से नदी में अवैध गतिविधियों और प्रदूषण को रोकने के लिए निगरानी और नियमों को लागू करने में मदद मिलेगी, जबकि नदी परिभ्रमण की शुरूआत से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को यमुना नदी की सुंदरता और विरासत का अनुभव करने का एक अनूठा अवसर मिलेगा। .
रिवर कनेक्ट अभियान को स्थानीय कार्यकर्ताओं से व्यापक समर्थन मिला है, कार्यक्रम यमुना पूजन से शुरू हुआ, नंदन श्रोत्रिय ने यमुना आरती कराई। शहर के गण मान्य एक्टिविस्ट्स ने सायंकाल में यमुना नदी तट पर सजी महफिल को गुलजार किया।
यमुना नदी तट पर सजी महफिल में शशिकांत उपाध्याय, जितेंद्र यादव, महेश धाकड़, राजीव सक्सेना, राज माहेश्वरी, पद्मिनी अय्यर, मीरा खंडेलवाल, शहतोश गौतम, अभिनव, जुगल किशोर, नंदन श्रोत्रीय, शिवम भटनागर, अजय तोमर, जगन प्रसाद तेहेरिया, विकास पंडित, दिनेश शर्मा, हरी दत्त शर्मा, विशाल झा आदि उपस्थित रहे।
: आईएफडीसी फुटवियर एक्सपो 2024 के दूसरे दिन पहुंचे श्रीलंका, नेपाल से भी खरीददार, 3000 से अधिक ने किया विजिट
Sat, Mar 30, 2024
फुटवियर एक्सपो 2024 के तकनीकी सत्र में ट्रेडमार्क के साथ दी गयी कर्मचारी वेलफेयर की भी जानकारी
150 से अधिक कंपनियों की स्टॉल पर फुटवियर इंडस्ट्री से जुड़ी हर छोटी बड़ी चीज हैं उपलब्ध
पैन इंडिया की कपंनियों ने लगाई हैं स्टॉल्स, जूता निर्माता से लेकर कंपोनेंट और मशीनरी भी प्रदर्शित
सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में लगी है जूता उद्योग की सबसे बड़ी प्रदर्शनी, सजे नेशनल− इंटरनेशनल ब्रांड
आगरा। शहर के कोलाहल से दूर सींगना ग्राम में स्थित आगरा ट्रेड सेंटर पर इन दिनों देशी विदेशी खरीददारों का जमावड़ा लगा हुआ है। महाराष्ट्र से लेकर श्रीलंका और नेपाल तक के खरीददार यहां पहुंच रहे हैं। एक ही छत के नीचे यहां देखने और जानने को मिल रहे हैं जूता उद्योग से जुड़ी हर छोटी− बड़ी जानकारी के साथ मशीनरी, लैदर, सिंथेटिक, कूलर, कंपोनेंट भी।
देश में पहली बार आगरा में इंडियन फुटवियर डेवलपमेंट काउंसिल (आईएफडीसी) द्वारा कंपलीट फुटवियर एक्सपो 2024 लगाया गया है। बायर टू बायर थीम पर हो रहे तीन दिवसीय आयोजन के द्वितीय दिवस यहां 3 हजार से अधिक खरीददारों ने विजिट किया। जिसमें श्रीलंका और नेपाल से आये खरीददार भी शामिल थे। लेदर की जानकारी के साथ-साथ उन्होंने नई मशीनरी के बारे में समझा। क्रॉक्स जैसे भारतीय ब्रांड से लेकर हर तरह की पैकेजिंग सोल्यूशन, लेदर की जगह लेने वाले फैब्रिक्स, सीलिंग एडेड, बैग, पर्स आदि के प्रति खरीददारों का आकर्षण उन्हें फुटवियर एक्सपो में खींच कर ला रहा है।
कोलकाता से सुबोजित हाजरा और इंटू हलदर ने बताया कि उनका वॉलेट और मनी बैग का पैतृक काम है। छह वर्ष पूर्व उन्होंने फुटवियर इंडस्ट्री में कदम रखा है। तब से देशभर में लगने वाली प्रदर्शनियों को विजिट करते हैं लेकिन आगरा में लगा फुटवियर एक्सपो सबसे अलग है। यहां सिंथेटिक और सोल की अच्छी वैरायटी देखने को मिली है। श्रीलंका से आये डेनिस ने बताया कि भारत में आगरा जूते का सबसे बड़ा हब है। यहां से शू डिजाइन के नये टिप्स देखने को और समझने को मिले हैं।
खरीददारों की बढ़ती संख्या देखकर स्टॉल संचालन कर रही कंपनियां भी काफी उत्साहित हैं। स्टक आन के केके मिश्रा का कहना था कि फुटवियर एक्सपो में खरीददारों का रुझान काफी अच्छा है। उन्होंने बताया कि घरेलू उत्पादकों के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र से निर्यातक भी अच्छी संख्या में आये हैं। प्रकृति पैक्स के प्रदीप पुरी ने बताया कि उनके ईको फ्रेडली फुटवियर बॉक्स काफी पसंद किये जा रहे हैं। इनकी विशेषता है कि ये रिसाइकिल हो जाते हैं।
तकनीकी सत्र में दी गई उत्पाद को ब्रांड बनाने की जानकारी
आईएफडीसी के फुटवियर एक्सपो 2024 के दूसरे दिन एक ओर जहां खरीददारों की बढ़ती भीड़ दिख रही थी वहीं तकनीकी सत्र में उत्पाद को ब्रांड बनाने की नवीन जानकारियों के साथ कर्मचारी वेलफेयर पर मंथन किया जा रहा था।
सीएस अनुज अशोक और नीतू अग्रवाल ने बताया कि उत्पाद कितना ही गुणवत्ता वाला क्यों न हो किंतु जब तक वो ब्रांड नहीं बनता लोगों की नजर में नहीं चढ़ता है। उन्होंने कहा कि ये विडंबना है कि आगरा जूता उद्योग में विश्व प्रसिद्ध है किंतु यहां से एक भी ब्रांड आज तक नहीं बना। इसके पीछे कारण है कि लोग ट्रेड मार्क के महत्व को नहीं समझते। आवेदन की प्रक्रिया भले ही थोड़ी लंबी है किंतु आठ से दस माह की प्रक्रिया का लाभ आप पीढ़ियों तक ले सकते हैं। उन्होंने ट्रेड मार्क के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी साझा की।
सीए देवेश अग्रवाल ने वित्तिय विश्लेषण प्रस्तुत किया। बिल गेट्स की सहयोगी संस्था पीएसआई के सीनियर डायरेक्टर प्रोग्राम रवि सुबैया ने कर्मचारी वेलफेयर से जुड़ी योजना के बारे में जानकारी दी। जिसके अन्तर्गत डॉ सुनीता भाग्या ने इंडस्ट्री की ग्रोथ तभी हो सकती है जब कर्मचारी स्वस्थ रहेंगे कि बात कही और आवश्यक सुझाव दिये।
कालीप्रताप रॉय ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा के बारे में बताया। एमएसएमई के एस्सिटेंट डायरेक्टर सुशील यादव ने कहा कि फुटवियर इंडस्ट्री भी लघु उद्योग की श्रेणी में आती है, जिसके कारण सरकार तमाम सुविधाएं इंडस्ट्री को मुहैया कराती है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल (प्रबंधक रावी इवेंट) ने कहा कि आगरा का जूता विश्व में पहचान रखता है किंतु यहां के ब्रांड को किसी तरह की ख्याति नहीं मिली। प्रयास किये जाएंगे कि उद्यमियों को ट्रेडमार्क के प्रति अधिक से अधिक जागरुक किया जाए।
इससे पूर्व तकनीकी सत्र की प्रस्तावना रखते हुए आईएफडीसी के सीईओ शिव नौपुत्रा ने बताया कि विश्व में आगरा भविष्य की फुटवियर राजधानी बनने की ओर है। घरेलू बाजार 20 हजार करोड़ का आज हो चुका है। हम पांच हजार करोड़ का निर्यात कर रहे हैं। विगत तीन वर्षों में 230 करोड़ रुपये के जूते आनलाइन बेचे गए हैं। हमें यूरोपीय देशों के साथ गल्फ देशों में भी संभावनाएं तलाशने का अच्छा अवसर इस समय मिला हुआ है क्योंकि इस समय सरकार जूता उद्योग पर चार लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। उन्होंने घोषणा की कि अगली बार फुटवियर एक्सपो में 300 से अधिक कंपनियों को लाने का प्रयास किया जाएगा।
एटीसी के इंचार्ज चंद्रशेखर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ये संस्थाएं कर रहीं सहयोग
आगरा फुटवियर मैनुफेक्चर एक्सपोर्टर चैंबर(एफमेक), फेटरनिटी आफ आगरा फुटवियर मैनुफेक्चर(एफएएफएम), लघु उद्योग भारती, नेशनल चैंबर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स यूपी, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशनल(आईआईए), ब्रज डेवलपमेंट फाउंडेशन, आगरा शू मैनुफेक्चरिंग एसोसिएशन(आसमा), आगरा सोल एंड शू कंपोनेंट एसोसिएशन, भीम युवा व्यापार मंडल, सिलीन इंडिया संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।
ये नामचीन कंपनियां कर रहीं सहभागिता
स्टक आन, जीटा, एशियन पॉली कैम, एआरएस इंडिया और क्लॉग लंदन, डावर फुटवियर इंडस्ट्री, महेश एक्सपोर्ट जैसी नामचीन कंपनियों ने फुटवियर एक्सपो में सहभागिता की है। इसके अलावा छह चीन और दो इटली की स्टॉल भी एक्सपो में लगी हैं।
: आईआईबीएक्स के रूप में मिला भारत को वैश्विक बाजार
Sat, Mar 16, 2024
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इब्जा कॉन्क्लेव आगरा में विभिन्न सर्राफा एसोसिएशन ने लिया भाग
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सर्राफा बाजार के लिए सरकारी योजनाओं से लेकर वैश्विक बाजार में व्यापार करने के लिए दिए टिप्स
आगरा। 2023 में भारत का पहला इंडियन इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंस (आईआईबीएक्स) बनने से भारत के सर्राफा व्यापार को वैश्विक बाजार मिला है। विश्व के सभी देशों में सोने व चांदी के आयात व निर्यात के रास्ते खुलें हैं। भारत के सर्राफा व्यापारियों को इसका भरपूर लाभ उठाना चाहिए। भारत में चांदी की ज्वैलरी की 70 फीसदी मैन्यूपैक्चरिंग आगरा में होती है। भविष्य में भारत का चांदी का व्यापार विश्व स्तर पर सोना साबित होगा। बशर्ते सही व योजनाबद्ध तरीके से वैश्विक बाजार में उतरा जाए। यह जानकारी सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों ने आज वैश्विक स्तर पर भारत के सर्राफा बाजार को मजबूती दिलाने के उद्देश्य से आज संजय प्लेस स्थित होटल होली-डे-इन में इब्जा कॉनक्लेव आगरा में व्यापारियों के साथ साझा की। कॉनक्लेव का आयोजन इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन, आगरा सर्राफा मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, आगरा सर्राफा एसोसेशन व श्री सर्राफा कमेटी आगरा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्ललित कर किया। बताया कि 2023 से पहले भारत के सर्राफा व्यापारी लंदन बुलियन एक्सचेंज पर निर्भर थे व अन्य देशों में सोने चांदी का निर्यात भी नहीं कर सकते थे। एमएसएमई के नेपाल जी ने पीएमएस स्कीम के बारे में जानाकरी देते हुए बताया कि कैसे अपने उत्पाद की प्रदर्शनी करके व्यापार को बढ़ाया जा सकता है। देश विदेश में प्रदर्शनी के लिए भारत सरकार अनुदान भी प्रदान कर रही है। जिससे छोटा व्यापारी बी सुगमता से विश्व स्तर पर अपना व्यापार कर सके। इब्जा के राष्ट्रीय सचिव (मुम्बई) सुरेन्द्र मेहता ने सर्राफा बाजार की सरकारी योजनाओं व समस्याओं के निवारण के बारे में जानकारी दी। इब्जा के नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि एक छोटा ज्वैलर किस प्रकार कॉरपरेट जगत से प्रतिस्पर्धा करने के लिए हॉलमार्क को पूरी तरह अपनाकर भारत सरकार की नियमावली को पालन करते हुए समय की चाल के साथ खुद को नए बदलाव की ओर अग्रसर करे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इब्जा के राष्ट्रीय सचिव सुरेन्द्र मेहता, नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी, आईआईबीएक्स के निदेशक असोक गौतम, एसएसआई के निदेशक श्रीकांत, अस्मा के अध्यक्ष बृजमोहन रैपुरिया, आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, इब्जा के अध्यक्ष धीरज वर्मा, इब्जा के निदेशक निर्मल जैन, शीतल जैन, श्रीसर्राफा कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, ज्वैलर्स एसोसिएशन बैंगलोर के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार गन्ना, इब्जा के स्किल डवलपमेंट प्रदेशाध्यक्ष प्रभात अग्रवाल, भारतीय मानक ब्यूरो से तरुण दीक्षित, सोमदत्त सोनकर आदि उपस्थित थे।
भविष्य में सोना साबित होगा भारत की चांदी का व्यापार
इब्जा के राष्ट्रीय स्किल्ड डवलपमेंट काउंसिल के निदेशक मनोज पुण्डीर ने कहा कि चांदी व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की आवश्यकता है। आने वाले समय में भारत का चांदी व्यापार भविष्य का सोना साबित होगा। युवाओं में फैशन ज्वैलरी में सबसे अधिक चांदी की ज्वैलरी को पसंद किया जा रहा है। युवाओं के बजट में आने के कारण विश्व में चांदी की फैशन ज्वैलरी की ज्यादा डिमांड है। भारत में 70 फीसदी चांदी की ज्वैलरी की मैन्यूफैक्चरिंग एशिया के सबसे बड़ी मंडी आगरा में हो रहा है, जिसे आर्गनाइज्ड करके भारत के सर्राफा बाजार को नई दिशा दी जा सकती है।
योजनाओं में हुए संशोधन के बारे में दी गई जानकारी
भारतीय मानक ब्यूरो नोयडा के अधिकारी तरुण दीक्षित ने 1 जनवरी 2024 से भारतीय मानक ब्यूरों की पॉलिसी में हुए संशोधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि ज्वैलर्स को अपनी दुकान में डिस्प्ले बोर्ड में भारतीय मानक बोर्ड के रीजनल ऑफिस का पता अवश्य लिखें। बीआईएस केयर एप व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लगाना आवश्यक है। हर ज्वैलर को सोने की ज्वैलरी बिल करते समय ज्वैलरी का विवरण व संख्या लिखना आवश्यक है।
मुम्बई में 7-10 जून को प्रदर्शनी, विदेशी विजिटर भी लेंगे भाग
एसएसआई (सिल्वर शो ऑफ इंडिया) के निदेशक श्रीकांत अर्श ने बताया कि 7-10 जून 2024 तक जीओ वल्र्ड कनवेन्सन सेंटर मुम्बई में प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 18 हजार घरेलू विजिटर व 28 देशों के 282 विदेशी विजिटर भी भाग ले रहे हैं।